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गर्भवती को महिला अस्पताल से मिली दुत्कार
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महिला अस्पताल में नहीं मिला गर्भवती को इलाज
फर्रुखाबाद। पांच महीने की गर्भवती को रविवार को पेट में दर्द होने पर सास जिला महिला अस्पताल ले गई लेकिन वहां इलाज नहीं किया गया। पुरुष अस्पताल के डॉक्टर ने भी इलाज में असमर्थता जता दी लेकिन दर्द से झटपटाती देखकर इंजेक्शन लगा दिया। हालत में सुधार न होने पर कुछ देर बाद सैफई रेफर कर दिया गया।
कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव कुबेरपुर निवासी आजाद परिवार के साथ शहर के मोहल्ला भीकमपुरा में किराये पर रहते हैं। उनकी पत्नी तरन्नुम पांच माह की गर्भवती हैं। रविवार शाम को तरन्नुम के पेट में दर्द होने लगा। मोहल्ले की कुछ महिलाओं के साथ शाम करीब छह बजे सास महरोज तरन्नुम को लेकर जिला महिला अस्पताल (लोहिया अस्पताल) पहुंची।
आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने इलाज से इनकार कर दिया। इसके बाद सास तरन्नुम को पुरुष अस्पताल ले गई। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ.अभिषेक चतुर्वेदी ने महिला के गर्भवती होने से इलाज में असमर्थता जाहिर कर दी।
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किंतु उसे दर्द से राहत के लिए एक एक इंजेक्शन लगा कर बेड पर लिटा दिया। हालत में सुधार न होने पर डॉ. अभिषेक ने उसे चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई रेफर कर दिया। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कैलाश दुल्हानी ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच करेंगे।
इमरजेंसी के बेड से नहीं हटाया मरीज
कायमगंज के बलाखेल निवासी महिला मिस्कीना (58) को परिजनों ने दोपहर एक बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कहा गया लेकिन परिजनों ने मरीज को नहीं ले जाने दिया। शाम छह बजे तक महिला इमरजेंसी के बेड पर लेटी रही। समझाने के बाद शाम सवा छह बजे मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया जा सका।
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फर्रुखाबाद। पांच महीने की गर्भवती को रविवार को पेट में दर्द होने पर सास जिला महिला अस्पताल ले गई लेकिन वहां इलाज नहीं किया गया। पुरुष अस्पताल के डॉक्टर ने भी इलाज में असमर्थता जता दी लेकिन दर्द से झटपटाती देखकर इंजेक्शन लगा दिया। हालत में सुधार न होने पर कुछ देर बाद सैफई रेफर कर दिया गया।
कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव कुबेरपुर निवासी आजाद परिवार के साथ शहर के मोहल्ला भीकमपुरा में किराये पर रहते हैं। उनकी पत्नी तरन्नुम पांच माह की गर्भवती हैं। रविवार शाम को तरन्नुम के पेट में दर्द होने लगा। मोहल्ले की कुछ महिलाओं के साथ शाम करीब छह बजे सास महरोज तरन्नुम को लेकर जिला महिला अस्पताल (लोहिया अस्पताल) पहुंची।
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आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने इलाज से इनकार कर दिया। इसके बाद सास तरन्नुम को पुरुष अस्पताल ले गई। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ.अभिषेक चतुर्वेदी ने महिला के गर्भवती होने से इलाज में असमर्थता जाहिर कर दी।
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किंतु उसे दर्द से राहत के लिए एक एक इंजेक्शन लगा कर बेड पर लिटा दिया। हालत में सुधार न होने पर डॉ. अभिषेक ने उसे चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई रेफर कर दिया। महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कैलाश दुल्हानी ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच करेंगे।
इमरजेंसी के बेड से नहीं हटाया मरीज
कायमगंज के बलाखेल निवासी महिला मिस्कीना (58) को परिजनों ने दोपहर एक बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कहा गया लेकिन परिजनों ने मरीज को नहीं ले जाने दिया। शाम छह बजे तक महिला इमरजेंसी के बेड पर लेटी रही। समझाने के बाद शाम सवा छह बजे मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया जा सका।