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Farrukhabad News: मशीनरी सरकारी, काम कर रहीं निजी
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फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद में ठेकेदार और जिम्मेदारों की मिलीभगत से बड़ा खेल चल रहा है। सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई गई जेसीबी और पानी के टैंकर का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है।
नगर पालिका में लंबे समय से पानी के टैंकर और सीवेज सक्शन मशीनों के संचालन का काम दफ्तर के किसी लिपिक के पास नहीं रहा है। इसकी जिम्मेदारी पालिकाध्यक्ष के कैंप कार्यालय में काम करने वाले लिपिक मृदुल के पास है। पालिका के अधिकांश टैंकर क्षेत्र में होने वाले निर्माण में लगे रहते हैं। मृदुल उनकी रसीद काटे जाने का दावा करते हैं, मगर उनसे दो-तीन महीने का रिकॉर्ड मांगा गया तो उन्होंने नहीं दिया।
वहीं, शहर से सटे गांव अमेठी जदीद में बन रहे एक मकान में पालिका का टैंकर कई दिन से पानी पहुंचा रहा है। जबकि नियमत: ग्रामीण इलाके में रसीद काटने के बाद भी टैंकर नहीं दिया जा सकता है। यही नहीं सोमवार सुबह 10 बजे के करीब पालिका की एक जेसीबी ठंडी सड़क पर फुटपाथ के किनारे मिट्टी समतल कर रही थी। कुछ देर बाद वहां से आई जेसीबी ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में मौरंग भरनी शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने बताया कि यह जेसीबी यहां गिट्टी और मौरंग आए दिन भरती है। इससे साफ है कि सरकारी वाहनों का निजी कामों में जमकर उपयोग किया जा रहा है।
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जेसीबी संचालन का काम देखने वाले विनय कश्यप ने बताया कि जेसीबी जेई ने मंगवाई थी। वह कहां काम करवा रहे हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि हो सकता है कि ठेकेदार को कुछ सामान मंगवाना होगा। इसीलिए उन्होंने पालिका की जेसीबी का उपयोग किया होगा। यदि ऐसा है तो उनकी एमबी से किराये की धनराशि काट ली जाएगी। पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने बताया कि टैंकर चालक के रिश्तेदार का मकान बन रहा था। वहीं पानी ले गया था। उसे हटा दिया गया है।
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नगर पालिका में लंबे समय से पानी के टैंकर और सीवेज सक्शन मशीनों के संचालन का काम दफ्तर के किसी लिपिक के पास नहीं रहा है। इसकी जिम्मेदारी पालिकाध्यक्ष के कैंप कार्यालय में काम करने वाले लिपिक मृदुल के पास है। पालिका के अधिकांश टैंकर क्षेत्र में होने वाले निर्माण में लगे रहते हैं। मृदुल उनकी रसीद काटे जाने का दावा करते हैं, मगर उनसे दो-तीन महीने का रिकॉर्ड मांगा गया तो उन्होंने नहीं दिया।
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वहीं, शहर से सटे गांव अमेठी जदीद में बन रहे एक मकान में पालिका का टैंकर कई दिन से पानी पहुंचा रहा है। जबकि नियमत: ग्रामीण इलाके में रसीद काटने के बाद भी टैंकर नहीं दिया जा सकता है। यही नहीं सोमवार सुबह 10 बजे के करीब पालिका की एक जेसीबी ठंडी सड़क पर फुटपाथ के किनारे मिट्टी समतल कर रही थी। कुछ देर बाद वहां से आई जेसीबी ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में मौरंग भरनी शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने बताया कि यह जेसीबी यहां गिट्टी और मौरंग आए दिन भरती है। इससे साफ है कि सरकारी वाहनों का निजी कामों में जमकर उपयोग किया जा रहा है।
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जेसीबी संचालन का काम देखने वाले विनय कश्यप ने बताया कि जेसीबी जेई ने मंगवाई थी। वह कहां काम करवा रहे हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि हो सकता है कि ठेकेदार को कुछ सामान मंगवाना होगा। इसीलिए उन्होंने पालिका की जेसीबी का उपयोग किया होगा। यदि ऐसा है तो उनकी एमबी से किराये की धनराशि काट ली जाएगी। पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने बताया कि टैंकर चालक के रिश्तेदार का मकान बन रहा था। वहीं पानी ले गया था। उसे हटा दिया गया है।