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बिजली चोरी का नया फंडा, स्ट्रीट लाइट से चला रहे सबमर्सिबल
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:06 PM IST
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बिजली चोरी के लिए शहरियों ने नया फंडा इजाद कर लिया है। शहर में कई लोग
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दीवार पर स्ट्रीट लाइट लगवाकर सबमर्सिबल पंप चलाकर बिजली विभाग को चूना लगा
रहे हैं। फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में करीब सौ से ज्यादा
स्थानों पर घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। स्ट्रीट लाइट के
तार से जोड़कर सबमर्सिबल पंप चलाए जा रहे हैं। वहीं
शहर में करीब 20 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों के मोहल्लों, गलियों, तिराहे और चौराहों पर करीब आठ हजार प्वाइंटों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनमें से अधिकतर मोहल्लों में लोगों ने सभासद या फिर सत्ताधारी नेताओं से सांठगांठ कर अपनी घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइटें लगवा रखी
हैं। पालिका कर्मचारी दीवारों पर लगी स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन सीधे पास में लगे पोल से कर देते हैं। इसका फायदा उठाकर लोग स्ट्रीट लाइट की केबिल में तार डालकर सबमर्सिबल पंप चलाते हैं। घरों की दीवार पर लगी स्ट्रीट लाइट से तार इतनी सफाई से पड़ते हैं कि आसानी से इस चोरी को नहीं देखा जा सकता है। इसी तार से लोग सबमर्सिबल चलाते हैं। इससे
बिजली विभाग को रोजाना हजारों रुपये का चूना लग रहा है। शहर के दर्जनों मोहल्लों में घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगी मिल जाएगी। बिजली विभाग अगर घरों की दीवारों पर लगी स्ट्रीट लाइटों की चेकिंग करवाए तो कई जगह चोरी से बिजली जलती मिल जाएगी।
वर्जन
फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में स्ट्रीट लाइटों के करीब आठ हजार प्वाइंट हैं। सभी जगह स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से 20 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट हमेशा खराब ही रहती हैं। जहां-जहां स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायतें मिलती हैं वहां-वहां ठीक करवाई जाती है। पोल टू पोल और जिन मोहल्लों में ज्यादा अंधेरा रहता है वहां स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने का
प्रावधान है। जहां पोल नहीं होते, वहां दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगवा दी जाती है। वैसे स्ट्रीट लाइट लगाने की कोई नियमावली नहीं है। बंदरों की धमाचौकड़ी से ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब होती हैं।
रामकिशोर कमल (कार्यवाहक प्रकाश अधीक्षक)
जनप्रतिनिधि रसूख में लगवाते दीवारों पर स्ट्रीट लाइट
पालिका सूत्रों की मानें तो जनप्रतिनिधि रसूख में घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगवाते हैं। सभासद हो या फिर सत्ताधारी पार्टी के नेता या जनप्रतिनिधि हर कोई पालिका कार्यालय पहुंचकर रसूख में घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगवाता है। किसी को इनकार करने पर उसकी नाराजगी झेलनी पड़ जाती है। इसके चलते युग्म नगरों में अधिकतर घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइटें लगी मिल जाएंगी।
बिजली चोरी रोकने को डोर टू डोर चेकिंग अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत अब स्ट्रीट लाइटों के तार को भी चेक करवाया जाएगा। अगर कहीं चोरी होती मिलती है तो उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राहुल बाबू कटियार, एसडीओ
शहर में करीब 20 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों के मोहल्लों, गलियों, तिराहे और चौराहों पर करीब आठ हजार प्वाइंटों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनमें से अधिकतर मोहल्लों में लोगों ने सभासद या फिर सत्ताधारी नेताओं से सांठगांठ कर अपनी घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइटें लगवा रखी
हैं। पालिका कर्मचारी दीवारों पर लगी स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन सीधे पास में लगे पोल से कर देते हैं। इसका फायदा उठाकर लोग स्ट्रीट लाइट की केबिल में तार डालकर सबमर्सिबल पंप चलाते हैं। घरों की दीवार पर लगी स्ट्रीट लाइट से तार इतनी सफाई से पड़ते हैं कि आसानी से इस चोरी को नहीं देखा जा सकता है। इसी तार से लोग सबमर्सिबल चलाते हैं। इससे
बिजली विभाग को रोजाना हजारों रुपये का चूना लग रहा है। शहर के दर्जनों मोहल्लों में घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगी मिल जाएगी। बिजली विभाग अगर घरों की दीवारों पर लगी स्ट्रीट लाइटों की चेकिंग करवाए तो कई जगह चोरी से बिजली जलती मिल जाएगी।
वर्जन
फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में स्ट्रीट लाइटों के करीब आठ हजार प्वाइंट हैं। सभी जगह स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इनमें से 20 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट हमेशा खराब ही रहती हैं। जहां-जहां स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायतें मिलती हैं वहां-वहां ठीक करवाई जाती है। पोल टू पोल और जिन मोहल्लों में ज्यादा अंधेरा रहता है वहां स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने का
प्रावधान है। जहां पोल नहीं होते, वहां दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगवा दी जाती है। वैसे स्ट्रीट लाइट लगाने की कोई नियमावली नहीं है। बंदरों की धमाचौकड़ी से ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब होती हैं।
रामकिशोर कमल (कार्यवाहक प्रकाश अधीक्षक)
जनप्रतिनिधि रसूख में लगवाते दीवारों पर स्ट्रीट लाइट
पालिका सूत्रों की मानें तो जनप्रतिनिधि रसूख में घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगवाते हैं। सभासद हो या फिर सत्ताधारी पार्टी के नेता या जनप्रतिनिधि हर कोई पालिका कार्यालय पहुंचकर रसूख में घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइट लगवाता है। किसी को इनकार करने पर उसकी नाराजगी झेलनी पड़ जाती है। इसके चलते युग्म नगरों में अधिकतर घरों की दीवारों पर स्ट्रीट लाइटें लगी मिल जाएंगी।
बिजली चोरी रोकने को डोर टू डोर चेकिंग अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत अब स्ट्रीट लाइटों के तार को भी चेक करवाया जाएगा। अगर कहीं चोरी होती मिलती है तो उपभोक्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राहुल बाबू कटियार, एसडीओ