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केेंद्रीय कारागार में कैदी की मौत का मामला कोर्ट पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 06 Jul 2016 10:54 PM IST
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अदालत का फैसला
जून 2016 में केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की हुई मौत का मामला अदालत पहुंच गया है। मृतक कैदी के पिता ने जेलर और दो डिप्टी जेलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अदालत में याचिका दायर की है। सीजेएम ने 15 जुलाई तक फतेहगढ़ कोतवाली से आख्या मांगी है।
एटा जिले के जैथरा के गांव बरौलिया निवासी रामविलास सिंह ने केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ के जेलर सुमित कुमार चौहान, डिप्टी जेलर कृष्ण पाल चंडीला और डिप्टी जेलर हिमांशु रोटेला के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें कहा गया कि एटा अदालत से पुत्र योगेंद्र उर्फ योगा को हत्या के मुकदमे मेें आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उसको सजा काटते हुए 14 साल हो गए थे।
डिप्टी जेलर कृष्ण पाल चंडीला पुत्र को आए दिन परेशान करते और मारपीट करते थे। इसकी जानकारी पुत्र ने मिलाई करने के दौरान दी। तब जेलर सुमित कुमार चौहान से मुलाकात कर उत्पीड़न किए जाने से अवगत कराया। आरोप है कि 15 जून 2016 को पुत्र योगेन्द्र उर्फ योगा की जेल के इन अधिकारियों ने गला दबा कर हत्या कर दी। इसकी जानकारी होने पर वह फतेहगढ़ आया और जेल पर गया। लेकिन जेल प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी।
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डीएम से मुलाकात की तो डीएम ने कहा कि पोस्टमार्टम के शव को घर ले जाओ। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। लेकिन जांच में कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 20 जून 2016 को पुलिस अधीक्षक को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद भी आरोपी जेल अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सीजेएम ने याचिका पर फतेहगढ़ कोतवाली से 15 जुलाई तक आख्या तलब की है।
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एटा जिले के जैथरा के गांव बरौलिया निवासी रामविलास सिंह ने केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ के जेलर सुमित कुमार चौहान, डिप्टी जेलर कृष्ण पाल चंडीला और डिप्टी जेलर हिमांशु रोटेला के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। इसमें कहा गया कि एटा अदालत से पुत्र योगेंद्र उर्फ योगा को हत्या के मुकदमे मेें आजीवन कारावास की सजा हुई थी। उसको सजा काटते हुए 14 साल हो गए थे।
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डिप्टी जेलर कृष्ण पाल चंडीला पुत्र को आए दिन परेशान करते और मारपीट करते थे। इसकी जानकारी पुत्र ने मिलाई करने के दौरान दी। तब जेलर सुमित कुमार चौहान से मुलाकात कर उत्पीड़न किए जाने से अवगत कराया। आरोप है कि 15 जून 2016 को पुत्र योगेन्द्र उर्फ योगा की जेल के इन अधिकारियों ने गला दबा कर हत्या कर दी। इसकी जानकारी होने पर वह फतेहगढ़ आया और जेल पर गया। लेकिन जेल प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी।
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डीएम से मुलाकात की तो डीएम ने कहा कि पोस्टमार्टम के शव को घर ले जाओ। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। लेकिन जांच में कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 20 जून 2016 को पुलिस अधीक्षक को डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद भी आरोपी जेल अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सीजेएम ने याचिका पर फतेहगढ़ कोतवाली से 15 जुलाई तक आख्या तलब की है।