फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   The government formed by the people chosen by them

जनता ने जिसे चुना, उसी की बनी सरकार

Fri, 04 Feb 2022 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
The government formed by the people chosen by them
कमालगंज। भोजपुर विधानसभा सीट कभी कमालगंज विधानसभा सीट के नाम से जानी जाती थी। इस सीट की खासियत यह है कि यहां से जो भी प्र्रत्याशी जीतता है, प्रदेश में उसी की पार्टी की सरकार बनती है। अब तक हुए चुनावों में तीन ही विधायक ऐसे हुए, जिनको विपक्ष में बैठना पड़ा, जबकि 13 बार यहां से चुने जाने वाले विधायक सत्ता में रहे।
विज्ञापन

चुनावों में जाति और धर्म के मुद्दों को खूब हवा मिलती है। साथ ही विकास की उम्मीदें भी पलती हैं। माना जाता है कि सत्तादल का विधायक चुनकर विधानसभा में पहुंचेगा तो क्षेत्र का विकास तेजी से हो सकेगा। भोजपुर के मतदाताओं में विकास की ललक ही है कि ज्यादातर चुनाव में सत्ता की हवा के साथ खड़े होते हैं। 1957 में भोजपुर विधानसभा का गठन हुआ था। इस साल हुए चुनाव में यहां की जनता ने कांग्रेस के अवधेश चंद्र को विधायक चुना।
विज्ञापन

उस समय फर्रुखाबाद कन्नौज संयुक्त जनपद की तीन सीटें शमसाबाद, कन्नौज और छिबरामऊ विपक्षी दल प्रजा सोशलिस्ट पार्टी की झोली में आई थीं। उस समय कांग्रेस ने संपूर्णानंद के नेतृत्व में सरकार बनाई। 1962 के चुनाव के बाद कांग्रेसी मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता ने सरकार की बागडोर संभाली थी। उस चुनाव में भी यहां के मतदाताओं ने सत्ता की हवा के साथ कांग्रेस के महरम सिंह को जिताकर भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन

उस चुनाव में सत्ताधारी दल को भोजपुर के साथ ही कन्नौज की सीट ही मिल पाई थी। शेष पांच सीटों पर विरोधी दल के विधायक चुने गए थे। इनमें कायमगंज, शमसाबाद, सौरिख, छिबरामऊ प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और फर्रुखाबाद सीट जनसंघ के पास आई थी। 1967 में पहली बार प्रदेश में गैर कांग्रेसी सरकार चरण सिंह के नेतृत्व में बनी। इस चुनाव में भारतीय जनसंघ के बी सिंह को जनता ने जिताया। कांग्रेस प्रत्याशी एसए खान को जनता ने दूसरे नंबर पर पहुंचा दिया।
1969, 1974, 1977, 1985, 1989, 1991, 2002, 2007, 2012 और 2017 के चुनाव में भी यहां से जीतने वाले प्रत्याशी की पार्टी की सरकार बनी। यहां से जो तीन विधायक विपक्ष में बैठे, उनमें बलवीर सिंह का नाम मुख्य है। 1980 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस को 309, जनता पार्टी सेकुलर को 59 और भारतीय जनता पार्टी को केवल 11 सीटें मिलीं थीं।

इन 11 सीटों में कमालगंज की सीट भी शामिल थी। उस चुनाव में भाजपा के बलबीर सिंह ने 21296 वोट पाकर 530 मतों से कांग्रेस के अनवार जमील उर्फ जिम्मी मियां को हराकर धमक बनाई थी। 1993 में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनी थी। उस चुनाव में यहां से सपा के अनवार मोहम्मद खां हार गए थे। भाजपा की उर्मिला राजपूत विधायक चुनीं गईं और वह विपक्ष में बैठीं। 1996 में चुनाव जीते सपा के जमालुद्दीन सिद्दीकी को भी विपक्ष में बैठना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed