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Farrukhabad News: संस्कृत विद्यालयों में नियमित कक्षाएं चलाने के लिए विभाग ने कसी कमर
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फर्रुखाबाद। जनपद में स्थित संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में नियमित कक्षाएं संचालित किए जाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कदम उठाए हैं।
अब माध्यमिक शिक्षा विभाग संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण कर नियमित कक्षाएं संचालित करवाएगा। कक्षाएं संचालित न मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर कहा कि माध्यमिक कॉलेजों की तरह ही संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों का शैक्षिक सत्र भी अप्रैल से शुरू होता है। संस्कृत विद्यालयों में छात्र प्रवेश तो ले लेते हैं, लेकिन स्कूल जाना मुनासिब नहीं समझते।
संस्कृत स्कूलों के विद्यार्थी सिर्फ परीक्षा देने ही स्कूल आते हैं। जब परीक्षा परिणाम आता है तो रिजल्ट अच्छा नहीं जाता। विभागीय अधिकारी भी निरीक्षण के नाम पर खानापूरी ही करते हैं। संस्कृत विद्यालयों में नियमित कक्षाएं लगें, इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक संस्कृत विद्यालयोें का निरीक्षण करें।
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निरीक्षण के दौरान देखें कि स्कूल में संस्कृत शिक्षा परिषद के शैक्षिक कलैंडर के अनुसार कक्षाएं चल रही हैं या नहीं। अगर किसी संस्कृत विद्यालय में कक्षाएं चलती न मिलें तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शिक्षा निदेशक के निर्देश प्राप्त हुए हैं। दो-तीन दिन में संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। गौरतलब है कि जनपद में रेलवे रोड स्थित सन्यास आश्रम संस्कृत विद्यालय समेत पांच संस्कृत विद्यालय संचालित हैं।इन विद्यालयों में महज 79 छात्र अध्ययनरत हैं।र
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अब माध्यमिक शिक्षा विभाग संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण कर नियमित कक्षाएं संचालित करवाएगा। कक्षाएं संचालित न मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर कहा कि माध्यमिक कॉलेजों की तरह ही संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों का शैक्षिक सत्र भी अप्रैल से शुरू होता है। संस्कृत विद्यालयों में छात्र प्रवेश तो ले लेते हैं, लेकिन स्कूल जाना मुनासिब नहीं समझते।
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संस्कृत स्कूलों के विद्यार्थी सिर्फ परीक्षा देने ही स्कूल आते हैं। जब परीक्षा परिणाम आता है तो रिजल्ट अच्छा नहीं जाता। विभागीय अधिकारी भी निरीक्षण के नाम पर खानापूरी ही करते हैं। संस्कृत विद्यालयों में नियमित कक्षाएं लगें, इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक संस्कृत विद्यालयोें का निरीक्षण करें।
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निरीक्षण के दौरान देखें कि स्कूल में संस्कृत शिक्षा परिषद के शैक्षिक कलैंडर के अनुसार कक्षाएं चल रही हैं या नहीं। अगर किसी संस्कृत विद्यालय में कक्षाएं चलती न मिलें तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि शिक्षा निदेशक के निर्देश प्राप्त हुए हैं। दो-तीन दिन में संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। गौरतलब है कि जनपद में रेलवे रोड स्थित सन्यास आश्रम संस्कृत विद्यालय समेत पांच संस्कृत विद्यालय संचालित हैं।इन विद्यालयों में महज 79 छात्र अध्ययनरत हैं।र