फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   The crisis of tenants identification

किराएदारों की शिनाख्त का संकट

Mon, 04 May 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 04 May 2015 11:18 PM IST
विज्ञापन
The crisis of tenants identification
शहर में बड़ी संख्या में लोग किराए पर रह रहे हैं। इनकी पुख्ता शिनाख्त न
विज्ञापन
तो मकान मालिक को है और न ही पुलिस के पास इनका लेखाजोखा है। ऐसे में इनके वारदात को अंजाम देकर चले जाने के बाद पुलिस हाथ मलती रह जाएगी। शहर में किराएदारों की शिनाख्त का अभियान पिछले साल मई में चला था। एक सप्ताह में ही अभियान की दम निकल गई। इसके बाद से पुलिस कागजों में ही सर्च प्लान बनाती रही। यह जमीन पर नहीं उतर पाया।

इस  समय बिहार, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, आंध्र प्रदेश से बड़ी संख्या में आने वाले युवक-युवतियां डोर टू डोर मार्केटिंग कर रहे हैं। यह किसी फर्म के लिए साबुन, क्रीम, तेल, रेजर व कास्मेटिक का सामान बेचते हैं। इन्हें  नोनमगंज में प्रशिक्षण दिया जाता है। बिहार प्रांत के फर्म डिस्ट्रीब्यूटर का कहना है कि दूसरे राज्यों और जिले से आकर लगभग छह से सात हजार लोग डोर डोर टू प्रोडक्ट बेच रहे हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में यह  किराए पर रहते हैं। इनकी रिहाइश का डिस्टीब्यूटर के

पास भी कोई लेखा जोखा नहीं है। पुलिस के पास भी रिकार्ड नहीं है। इनके अलावा भी लोग काम धंधे के लिहाज से बाहर से आए लोग किराए पर रह रहे हैं। मकान मालिक भी इन्हें क मरा देते हुए ज्यादा पड़ताल नहीं करते हैं। इससे आपराधिक तत्व भी यहां महफू ज बने रहते हैं। इससे कभी समस्या हो सकती है। कोई वारदात अंजाम देने की स्थिति में यह पुलिस की नजरों से बचे रहते हैं। शहर पुलिस ने इस साल जनवरी में अभियान चलाने के लिए बीस सिपाहियों को जिम्मेदारी दी थी। यह अभियान को शुरू ही नहीं कर पाए।

मकान खाली कर फरार हो जाते
आपराधिक किस्म के लोग घटनाओं को अंजाम देने के बाद मकान खाली कर फरार हो जाते हैं। अपराधियों की शिनाख्त न होने से घटनाओं का खुलासा नहीं हो पाता है। पुलिस विभाग के पास जिले में गैर जनपद और गैर राज्यों के आकर किराए पर रहने वालों को कोई लेखाजोखा नहीं है।  इस मामले को पुलिस हलकेे में ले रही है।

आप भी बरतें एहतियात
- वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड देखने के बाद ही किसी को किराए पर कमरा दें।
- किराएदार के मूल निवास वाली जगह से या संबंधित थाने से शिनाख्त करवा लें।
- किराएदार की गतिविधियों पर नजर रखें।

- संदिग्ध गतिविधि की पुलिस को तत्काल सूचना दें।
- किराएदार से मिलने आने वालों पर के बारे में भी मालुमात क रतेे रहें।
- किराएदार का मोबाइल नंबर व मूल निवास का पता अपने पास रखें।

वर्जन
सिटी सर्किल में किराएदारों का लेखाजोखा जुटाने के लिए बीस सिपाहियों की ड्यूटी जनवरी में लगाई गई थी। त्योहार व अन्य वीआईपी ड्यूटी होने के कारण सिपाही किराएदारों का लेखाजोखा नहीं जुटा पाए। सिपाहियों को वोटर लिस्ट देकर घरों में रहने वाले किराएदारों की सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। शहर के आवास विकास कालोनी को महत्वपूर्ण माना गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले किराएदारों की सूची तैयार करने के निर्देश हैं। -वाईपी सिंह, सीओ सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed