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Farrukhabad News: जहरीली हुई शहर की आबोहवा,धूम्रपान जितनी घातक हो गई प्राणवायु
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फर्रुखाबाद। शहर में सांस लेना अब किसी सजा से कम नहीं। हालात यह है कि हवा में व्याप्त प्रदूषण की वजह से सिगरेट पीने जैसा नुकसान हो रहा है।
आबोहवा में प्रदूषण का मानक 140 एक्यूआई से बढ़कर 164 तक पहुंच चुका है। जबकि आदर्श मानक के अनुसार 50 एक्यूआई होना चाहिए। इस वजह से सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
शहर की आबोहवा में घुला जहर अब घातक हो चुका है। सुबह और शाम टहलने वाले लोगों को कुछ दिन रुककर वर्कआउट की सलाह दी जा रही है। सेटेलाइट द्वारा शहर की आबोहवा का आंकड़े चिंता में डालने वाला है।
हवा की गुणवत्ता का आंकड़े रखने वाली आईक्यू एयर वेबसाइट ने वातावरण को चिंताजनक बताया है। पिछले एक हफ्ते से शहर की हवा की गुणवत्ता 160-165 बनी हुई है। जिसकी वजह से बुजुर्ग और बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है। लोहिया अस्पताल में सर्दी शुरू होते ही दमा रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। अभी तक हर रोज 20-25 मरीज आते थे, मगर अब संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को 35 मरीज दमा के पहुंचे। फिजीशियन डॉ. प्रवीन कुमार कहते हैं कि सर्दी शुरू होने पर दमा मरीज बढ़ जाते हैं।
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हवा दूषित होने पर सबसे अधिक दिक्कत दमा रोगियों को होती है। बुजुर्ग व बच्चे ही नहीं युवाओं को भी सावधान रहना चाहिए। मास्क का प्रयोग करें। संभव हो वहां तक जरूरी काम से ही घर से निकलें, तो ठीक है।
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आबोहवा में प्रदूषण का मानक 140 एक्यूआई से बढ़कर 164 तक पहुंच चुका है। जबकि आदर्श मानक के अनुसार 50 एक्यूआई होना चाहिए। इस वजह से सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
शहर की आबोहवा में घुला जहर अब घातक हो चुका है। सुबह और शाम टहलने वाले लोगों को कुछ दिन रुककर वर्कआउट की सलाह दी जा रही है। सेटेलाइट द्वारा शहर की आबोहवा का आंकड़े चिंता में डालने वाला है।
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हवा की गुणवत्ता का आंकड़े रखने वाली आईक्यू एयर वेबसाइट ने वातावरण को चिंताजनक बताया है। पिछले एक हफ्ते से शहर की हवा की गुणवत्ता 160-165 बनी हुई है। जिसकी वजह से बुजुर्ग और बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंच रहा है। लोहिया अस्पताल में सर्दी शुरू होते ही दमा रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। अभी तक हर रोज 20-25 मरीज आते थे, मगर अब संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को 35 मरीज दमा के पहुंचे। फिजीशियन डॉ. प्रवीन कुमार कहते हैं कि सर्दी शुरू होने पर दमा मरीज बढ़ जाते हैं।
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हवा दूषित होने पर सबसे अधिक दिक्कत दमा रोगियों को होती है। बुजुर्ग व बच्चे ही नहीं युवाओं को भी सावधान रहना चाहिए। मास्क का प्रयोग करें। संभव हो वहां तक जरूरी काम से ही घर से निकलें, तो ठीक है।