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Farrukhabad News: बहन की विदाई के बाद उठी भाई की अर्थी
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जहानगंज (फर्रुखाबाद)। भाई की मौत होने से बहन की शादी की रस्में माता-पिता व बहनों की सिसकियों के बीच हुईं। बहन की विदाई के बाद अंतिम संस्कार के लिए भाई की अर्थी उठी तो कोहराम मच गया।
आनंद कुमार के इकलौते पुत्र सतेंद्र की मौत की सूचना मिलने पर सोमवार सुबह ही बहन सोनम के ससुरालीजन गांव पहुंच गए। दूल्हा तेज सिंह ने गमगीन माहौल के बीच सोनम के साथ मंडप के नीचे फेरे लिए अन्य रस्मों की औपचारिकता पूरी की गई। दोपहर को सोनम की विदाई होने के बाद सतेंद्र की अर्थी उठी तो कोई भी अपनी आंखों से आंसुओं को रोक नहीं सका। रिश्तेदार व गांव के लोग परिजन को ढांढ़स भी नहीं बंधा पा रहे थे। शहर के पांचाल घाट स्थित घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। सतेंद्र चार बहनों सोनम, अनुपम, आकांक्षा व सुरभि में इकलौता था। मां शकुंतला देवी शव को निहारते हुए बिलखती रहीं। ग्रामीणों के अनुसार सतेंद्र मिलनसार स्वभाव का था। वह बीए की पढ़ाई करने के बाद पिता के साथ खेती में सहयोग करता था। (संवाद)
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बेटे को बचाने में मां को भी लगा झटका
डीजे के तार जोड़ने के दौरान सतेंद्र करंट की चपेट में आया तो झटका लगता देख मां शकुंतला देवी दौड़ कर पहुंचीं और उसे बचाने का प्रयास किया। पुत्र को छूते ही मां को भी करंट का तेज झटका लगा और वह भी दूर जा गिरीं। परिजन ने पुत्र के शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। (संवाद)
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आनंद कुमार के इकलौते पुत्र सतेंद्र की मौत की सूचना मिलने पर सोमवार सुबह ही बहन सोनम के ससुरालीजन गांव पहुंच गए। दूल्हा तेज सिंह ने गमगीन माहौल के बीच सोनम के साथ मंडप के नीचे फेरे लिए अन्य रस्मों की औपचारिकता पूरी की गई। दोपहर को सोनम की विदाई होने के बाद सतेंद्र की अर्थी उठी तो कोई भी अपनी आंखों से आंसुओं को रोक नहीं सका। रिश्तेदार व गांव के लोग परिजन को ढांढ़स भी नहीं बंधा पा रहे थे। शहर के पांचाल घाट स्थित घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। सतेंद्र चार बहनों सोनम, अनुपम, आकांक्षा व सुरभि में इकलौता था। मां शकुंतला देवी शव को निहारते हुए बिलखती रहीं। ग्रामीणों के अनुसार सतेंद्र मिलनसार स्वभाव का था। वह बीए की पढ़ाई करने के बाद पिता के साथ खेती में सहयोग करता था। (संवाद)
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बेटे को बचाने में मां को भी लगा झटका
डीजे के तार जोड़ने के दौरान सतेंद्र करंट की चपेट में आया तो झटका लगता देख मां शकुंतला देवी दौड़ कर पहुंचीं और उसे बचाने का प्रयास किया। पुत्र को छूते ही मां को भी करंट का तेज झटका लगा और वह भी दूर जा गिरीं। परिजन ने पुत्र के शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। (संवाद)
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