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स्टेशन छावनी में तब्दील, नहीं आए वीपीआई कार्यकर्ता
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कुइयां बूट स्थित वीपीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते कार्यकर्ता।
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल (वीपीआई) के रेल रोको और ज्ञापन देने के एलान के चलते रविवार को दिनभर रेलवे स्टेशन छावनी बना रहा। हालांकि अफसरों ने काफी मानमनौव्वल के बाद शनिवार को आधी रात में ही पदाधिकारियों को रेल न रोकने के लिए मना लिया था। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों ने ज्ञापन भी सौंप दिया। साथ ही तीस मार्च तक मांगों पर जवाब न मिलने पर स्टेशन पर अनशन की चेतावनी दी।
वीपीआई करीब डेढ़ माह से प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचा रही है। पार्टी ने रविवार को रेल रोको और ज्ञापन देने का एलान किया था। सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, पीएसी, कोतवाली पुलिस को तैनात कर दिया गया। इससे पहले शनिवार शाम को जीआरपी इंस्पेक्टर विजय कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर जेके सिंह वीपीआई प्रदेश सचिव वैद्य वीरेंद्र कुमार आर्य से उनके कुइयां बूट स्थित कार्यालय पर मिले।
उन्होंने काफी कुछ मानमनौव्वल की, मगर वह नहीं माने। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई, तो देर रात एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी उनके घर पहुंचे। करीब एक घंटे वार्ता के बाद जिला कार्यालय पर रुके गैर प्रांतों से आए पदाधिकारियों के साथ आधी रात तक वार्ता होती रही। करीब एक बजे सभी पदाधिकारी मान गए और प्रधानमंत्री को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन सौंप अधिकारियों को सौंप दिया।
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ज्ञापन में 2011 से प्रस्तावित वोटरशिप को लागू करने, फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के पूर्व-पश्चिम केबिन पर ओवरब्रिज बनाने, ढिलावल पर ओवरब्रिज, चौक का विस्तार कर महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम करने, बदायूं-फर्रुखाबाद रोड को फोरलेन करने आदि मांगें की गईं हैं। चेतावनी दी कि यदि 30 मार्च तक मांगों पर लिखित में हां या ना में जवाब नहीं मिलता, तो स्टेशन पर अनशन शुरू किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने रविवार को कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन भी किया।
इस मौके पर बिहार प्रदेश प्रभारी रामजी, उप्र प्रभारी भानु, आसाम से ललित पेंगू, रांची से चंद्रदेव, नरेश गांधी, सदानंद आर्य, सुरेश चंद्र, रामलड़ैते, बाबूराम, प्रेमचंद्र, रामप्रकाश, विमलेश, राकेश, सोमवती, दानवती, दिव्या कुमारी, रीतू देवी आदि थे।
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वीपीआई करीब डेढ़ माह से प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचा रही है। पार्टी ने रविवार को रेल रोको और ज्ञापन देने का एलान किया था। सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, पीएसी, कोतवाली पुलिस को तैनात कर दिया गया। इससे पहले शनिवार शाम को जीआरपी इंस्पेक्टर विजय कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर जेके सिंह वीपीआई प्रदेश सचिव वैद्य वीरेंद्र कुमार आर्य से उनके कुइयां बूट स्थित कार्यालय पर मिले।
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उन्होंने काफी कुछ मानमनौव्वल की, मगर वह नहीं माने। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई, तो देर रात एसडीएम सदर, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी उनके घर पहुंचे। करीब एक घंटे वार्ता के बाद जिला कार्यालय पर रुके गैर प्रांतों से आए पदाधिकारियों के साथ आधी रात तक वार्ता होती रही। करीब एक बजे सभी पदाधिकारी मान गए और प्रधानमंत्री को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन सौंप अधिकारियों को सौंप दिया।
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ज्ञापन में 2011 से प्रस्तावित वोटरशिप को लागू करने, फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन के पूर्व-पश्चिम केबिन पर ओवरब्रिज बनाने, ढिलावल पर ओवरब्रिज, चौक का विस्तार कर महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम करने, बदायूं-फर्रुखाबाद रोड को फोरलेन करने आदि मांगें की गईं हैं। चेतावनी दी कि यदि 30 मार्च तक मांगों पर लिखित में हां या ना में जवाब नहीं मिलता, तो स्टेशन पर अनशन शुरू किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने रविवार को कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन भी किया।
इस मौके पर बिहार प्रदेश प्रभारी रामजी, उप्र प्रभारी भानु, आसाम से ललित पेंगू, रांची से चंद्रदेव, नरेश गांधी, सदानंद आर्य, सुरेश चंद्र, रामलड़ैते, बाबूराम, प्रेमचंद्र, रामप्रकाश, विमलेश, राकेश, सोमवती, दानवती, दिव्या कुमारी, रीतू देवी आदि थे।