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मदरसा परीक्षा में शिक्षकों का टोटा, सुरक्षा की अनदेखी
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:28 AM IST
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जीआईसी फर्रुखाबाद में परीक्षा देते परीक्षार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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मदरसा परीक्षा के दूसरे दिन केंद्रों पर शिक्षकों की कमी होने से अव्यवस्थाएं रहीं। केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कुछ केंद्रों पर होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इस कारण केंद्र व्यवस्थापकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंगलवार को प्रथम पाली की मदरसा परीक्षा में 1751 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इनमें से 1016 उपस्थित हुए और 735 ने परीक्षा छोड़ दी।
शाम पाली की परीक्षा में 1523 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 942 उपस्थित हुए और 581 अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। कई शिक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। इस कारण परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों की कमी है और केंद्र व्यवस्थाक एक-एक शिक्षक को प्रत्येक कक्ष में लगाकर परीक्षा कराने को मजबूर हैं।
कई केंद्रों पर सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात किए हैं तो कुछ केंद्रों पर वह भी नहीं हैं। इस कारण केंद्र व्यवस्थापकों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। आरपी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य महेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मदरसा बोर्ड से परीक्षार्थियों की फोटोयुक्त सूची नहीं आई। इस कारण परीक्षार्थियों का सत्यापन करने में दिक्कत होती है। परीक्षा कक्ष के अंदर मुंह बांधकर छात्राएं परीक्षाएं देती हैं। जिस स्कूल का केंद्र आया है। उसी स्कूल के शिक्षक को सह केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया। समाज कल्याण विभाग से एक पत्र आया है। इसमें कहा गया कि अगर परीक्षार्थी के पास प्रवेश पत्र है तो उसे परीक्षा में शामिल किया जाए। सत्यापन की आवश्यकता नहीं है।
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मंगलवार को प्रथम पाली की मदरसा परीक्षा में 1751 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इनमें से 1016 उपस्थित हुए और 735 ने परीक्षा छोड़ दी।
शाम पाली की परीक्षा में 1523 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 942 उपस्थित हुए और 581 अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के लिए ड्यूटी लगाई गई थी। कई शिक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। इस कारण परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों की कमी है और केंद्र व्यवस्थाक एक-एक शिक्षक को प्रत्येक कक्ष में लगाकर परीक्षा कराने को मजबूर हैं।
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कई केंद्रों पर सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात किए हैं तो कुछ केंद्रों पर वह भी नहीं हैं। इस कारण केंद्र व्यवस्थापकों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। आरपी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य महेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मदरसा बोर्ड से परीक्षार्थियों की फोटोयुक्त सूची नहीं आई। इस कारण परीक्षार्थियों का सत्यापन करने में दिक्कत होती है। परीक्षा कक्ष के अंदर मुंह बांधकर छात्राएं परीक्षाएं देती हैं। जिस स्कूल का केंद्र आया है। उसी स्कूल के शिक्षक को सह केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया। समाज कल्याण विभाग से एक पत्र आया है। इसमें कहा गया कि अगर परीक्षार्थी के पास प्रवेश पत्र है तो उसे परीक्षा में शामिल किया जाए। सत्यापन की आवश्यकता नहीं है।
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