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Farrukhabad News: पत्नी की हत्या में दोषी शिक्षक पति को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। पत्नी की हत्या व साक्ष्य मिटाने में दोषी शिक्षक पति को अपर जिला सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पति को 70 हजार रुपये बतौर अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव ककिउली निवासी अनिल कुमार सागर ने 8 सितंबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि पत्नी ममता रानी के साथ गांव से नवाबगंज स्थित मकान पर जा रहा था। गांव वीरपुर व नगला झब्बू सिंह के बीच में बाइक रोककर लघुशंका करने लगा। उसी दौरान दूध लेकर आ रहे लोडर ने पत्नी ममता रानी को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दूसरी ओर, ममता के परिजनों ने आरोप लगाया कि अनिल उच्च प्राथमिक स्कूल ममापुर में प्रधानाध्यापक है। उसके स्कूल में तैनात एक सहायक अध्यापिका से प्रेम संबंध हैं। ममता रानी ने दोनों के प्रेम संबंध में बारे में शिकायत की थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग की थी। विवेचना में मामला दुर्घटना का नहीं हत्या का पाया गया। विवेचक प्रदीप कुमार यादव ने अनिल के खिलाफ पत्नी की हत्या व साक्ष्य मिटाने में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सहायक अध्यापिका की भूमिका न पाते हुए उसे क्लीन चिट दे दी थी। शुक्रवार को न्यायाधीश राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर अनिल को पत्नी की हत्या में दोषी करार देकर पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या में दोषी शिक्षक पति अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 70 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से केके पांडेय ने दलीलें दीं।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव ककिउली निवासी अनिल कुमार सागर ने 8 सितंबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि पत्नी ममता रानी के साथ गांव से नवाबगंज स्थित मकान पर जा रहा था। गांव वीरपुर व नगला झब्बू सिंह के बीच में बाइक रोककर लघुशंका करने लगा। उसी दौरान दूध लेकर आ रहे लोडर ने पत्नी ममता रानी को टक्कर मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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दूसरी ओर, ममता के परिजनों ने आरोप लगाया कि अनिल उच्च प्राथमिक स्कूल ममापुर में प्रधानाध्यापक है। उसके स्कूल में तैनात एक सहायक अध्यापिका से प्रेम संबंध हैं। ममता रानी ने दोनों के प्रेम संबंध में बारे में शिकायत की थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग की थी। विवेचना में मामला दुर्घटना का नहीं हत्या का पाया गया। विवेचक प्रदीप कुमार यादव ने अनिल के खिलाफ पत्नी की हत्या व साक्ष्य मिटाने में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सहायक अध्यापिका की भूमिका न पाते हुए उसे क्लीन चिट दे दी थी। शुक्रवार को न्यायाधीश राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर अनिल को पत्नी की हत्या में दोषी करार देकर पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। बुधवार को न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या में दोषी शिक्षक पति अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 70 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से केके पांडेय ने दलीलें दीं।
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