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शिक्षक से सीएमओ कार्यालय में मांगी गई रिश्वत
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योगेश्वर सहाय विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। पेंशनर्स दिवस पर कलक्ट्रेट में हुई बैठक में रिटायर्ड शिक्षक ने मेडिकल क्लेम के लिए रिश्वत न देने पर सीएमओ कार्यालय के छह महीने तक चक्कर लगवाने की शिकायत डीएम से की। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में सुनवाई न होने का आरोप लगाया गया। डीएम ने कहा कि यदि लिखित शिकायत मिलेेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
डीएम संजय कुमार सिंह ने पेंशनर्स की समस्याएं सुनीं। रिटायर्ड शिक्षक योगेश्वर सहाय विद्यार्थी ने शिकायत की कि बीमार होने पर उन्होंने लखनऊ में इलाज कराया। इसके बाद मेडिकल क्लेम के लिए इलाज पर खर्च एक लाख दो हजार 772 रुपये के कागज मार्च में डीआईओएस कार्यालय में दाखिल किए। वहां से स्वीकृति के लिए सीएमओ कार्यालय भेजे गए। कई माह तक इंतजार के बाद क्लेम नहीं मिला तो वह सीएमओ कार्यालय गए। वहां कर्मचारी ने उनसे कहा कि सीएमओ के काउंटर साइन की फीस 1000 रुपये जमा कीजिए।
कई बार चक्कर लगाने के बाद एक दिन सीएमओ से मिले और पूछा कि मेडिकल क्लेम की फाइल पर काउंटर साइन की कितनी फीस है। सीएमओ ने जवाब दिया कि कोई फीस नहीं। इसी के बाद 16 सितंबर को उनका 79102 रुपये का ही क्लेम पास किया गया। उन्होंने बताया कि अगस्त 1983 से मार्च 85 तक वह जनपद पौढ़ी गढ़वाल के जीआईसी पोखरा में एलटी ग्रेड के शिक्षक रहे। दावा किया कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ को कक्षा छह, सात और आठ में पढ़ाया था।
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बताया कि भाजपा सरकार बनने पर उन्होंने एक पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा था, हालांकि जवाब नहीं आया। वह 30 जून 2010 में जीआईसी फतेहगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। बताया कि मेडिकल क्लेम के लिए दो बार राज्यपाल को शिकायत भेजी और कापी डीएम डीआईओएस आदि को भेजी। सुनवाई न होने पर प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। अक्तूबर में उनके खाते में भुगतान पहुंचा।
बैठक के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारी केशव सिंह ने कहा कि उनकी आंखों की रोशनी चली गई। वह छड़ी लेकर चलते हैं। सीएमओ कार्यालय में नेत्रहीन प्रमाणपत्र बनवाने गए तो नेत्र सर्जन ने बनाने से इनकार कर दिया।
सीएमओ कार्यालय में सुनवाई नहीं होती। पेंशनर्स एसोसिएशन मंत्री अफजल हुसैन ने समस्याओं से संबंधित पांच सूत्री ज्ञापन दिया। डीएम ने विभागाध्यक्षों को पेंशनर्स की समस्याएं समय से निपटाने के निर्देश दिए। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल तिवारी, बीएसए लालजी यादव, समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा, डीपीआरओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
वर्जन...
यदि सेवानिवृत्त शिक्षक योगेश्वर सहाय विद्यार्थी लिखित शिकायत करेंगे। तो जांच कराने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी फर्रुखाबाद।
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डीएम संजय कुमार सिंह ने पेंशनर्स की समस्याएं सुनीं। रिटायर्ड शिक्षक योगेश्वर सहाय विद्यार्थी ने शिकायत की कि बीमार होने पर उन्होंने लखनऊ में इलाज कराया। इसके बाद मेडिकल क्लेम के लिए इलाज पर खर्च एक लाख दो हजार 772 रुपये के कागज मार्च में डीआईओएस कार्यालय में दाखिल किए। वहां से स्वीकृति के लिए सीएमओ कार्यालय भेजे गए। कई माह तक इंतजार के बाद क्लेम नहीं मिला तो वह सीएमओ कार्यालय गए। वहां कर्मचारी ने उनसे कहा कि सीएमओ के काउंटर साइन की फीस 1000 रुपये जमा कीजिए।
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कई बार चक्कर लगाने के बाद एक दिन सीएमओ से मिले और पूछा कि मेडिकल क्लेम की फाइल पर काउंटर साइन की कितनी फीस है। सीएमओ ने जवाब दिया कि कोई फीस नहीं। इसी के बाद 16 सितंबर को उनका 79102 रुपये का ही क्लेम पास किया गया। उन्होंने बताया कि अगस्त 1983 से मार्च 85 तक वह जनपद पौढ़ी गढ़वाल के जीआईसी पोखरा में एलटी ग्रेड के शिक्षक रहे। दावा किया कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ को कक्षा छह, सात और आठ में पढ़ाया था।
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बताया कि भाजपा सरकार बनने पर उन्होंने एक पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा था, हालांकि जवाब नहीं आया। वह 30 जून 2010 में जीआईसी फतेहगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। बताया कि मेडिकल क्लेम के लिए दो बार राज्यपाल को शिकायत भेजी और कापी डीएम डीआईओएस आदि को भेजी। सुनवाई न होने पर प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की थी। अक्तूबर में उनके खाते में भुगतान पहुंचा।
बैठक के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारी केशव सिंह ने कहा कि उनकी आंखों की रोशनी चली गई। वह छड़ी लेकर चलते हैं। सीएमओ कार्यालय में नेत्रहीन प्रमाणपत्र बनवाने गए तो नेत्र सर्जन ने बनाने से इनकार कर दिया।
सीएमओ कार्यालय में सुनवाई नहीं होती। पेंशनर्स एसोसिएशन मंत्री अफजल हुसैन ने समस्याओं से संबंधित पांच सूत्री ज्ञापन दिया। डीएम ने विभागाध्यक्षों को पेंशनर्स की समस्याएं समय से निपटाने के निर्देश दिए। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल तिवारी, बीएसए लालजी यादव, समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा, डीपीआरओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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यदि सेवानिवृत्त शिक्षक योगेश्वर सहाय विद्यार्थी लिखित शिकायत करेंगे। तो जांच कराने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी फर्रुखाबाद।