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Farrukhabad News: निलंबित एक्सईएन ने देर रात तक खुलवाया आफिस
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फर्रुखाबाद। निलंबित होने के बाद भी अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड ने देर रात तक आफिस खुलवाकर गुपचुप तरीके से ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। विभाग में इसके बाद से खलबली मची हुई है।
माफिया अनुपम दुबे व उसके फरार भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ शहर कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। अनुराग दुबे मां कुसुमलता के नाम पर बनी फर्म पर लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी करते थे। गैंगस्टर के मुकदमे के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर कुसुमलता की फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था।
उनके हैसियत प्रमाण पत्र व चरित्र प्रमाण पत्र को भी निरस्त कर दिया गया। उनके व परिवार के बैंक खाते सीज कर सभी विभागों में भुगतान के संबंध में रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी लोक निर्माण प्रांतीय खंड व निर्माण खंड से कुसुमलता दुबे की फर्म पर चार करोड़ का भुगतान कर दिया।
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जानकारी होने पर तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह ने शासन में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता जोध कुमार व निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार पिथूरिया के खिलाफ शासन में पत्राचार किया था। जांच के बाद शासन ने दोनों अधिशासी अभियंताओं को निलंबित कर दिया था।
इसकी जानकारी होने के बाद अधिशासी अभियंता जोध कुमार ने मंगलवार देर रात तक आफिस खुलवाया। इसके बाद ठेेकेदारों व कर्मचारियों को बुलाकर गुपचुप तरीके से पिछली तिथियों में कई फर्म को भुगतान किया गया। विभाग में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है। अधिशासी अभियंता जोध कुमार ने इस संबंध में बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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माफिया अनुपम दुबे व उसके फरार भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ शहर कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। अनुराग दुबे मां कुसुमलता के नाम पर बनी फर्म पर लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारी करते थे। गैंगस्टर के मुकदमे के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर कुसुमलता की फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था।
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उनके हैसियत प्रमाण पत्र व चरित्र प्रमाण पत्र को भी निरस्त कर दिया गया। उनके व परिवार के बैंक खाते सीज कर सभी विभागों में भुगतान के संबंध में रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी लोक निर्माण प्रांतीय खंड व निर्माण खंड से कुसुमलता दुबे की फर्म पर चार करोड़ का भुगतान कर दिया।
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जानकारी होने पर तत्कालीन डीएम संजय कुमार सिंह ने शासन में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता जोध कुमार व निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार पिथूरिया के खिलाफ शासन में पत्राचार किया था। जांच के बाद शासन ने दोनों अधिशासी अभियंताओं को निलंबित कर दिया था।
इसकी जानकारी होने के बाद अधिशासी अभियंता जोध कुमार ने मंगलवार देर रात तक आफिस खुलवाया। इसके बाद ठेेकेदारों व कर्मचारियों को बुलाकर गुपचुप तरीके से पिछली तिथियों में कई फर्म को भुगतान किया गया। विभाग में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है। अधिशासी अभियंता जोध कुमार ने इस संबंध में बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।