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धूप में बढ़ी रौनक, खरीदारों की भीड़
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मेला रागनरिया में उमड़ी भीड़। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। पवित्र माघ माह में अब 10 दिन ही बाकी हैं। पांचाल घाट पर मेला राम नगरिया में रौनक बढ़ने लगी। सोमवार को मौसम साफ रहने से बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे। भक्तजन सुबह चार बजे से ही हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ गंगा में डुबकी लगाने लगे। कथा पंडालों में भागवत और भंडारे चलते रहे। गंगा मैया को वस्त्र भी पहनाए गए।
धूप निकलने से मेला राम नगरिया में भीड़ दिखाई देने लगी है। राउटी और संतों के आश्रमों में परिजनों, रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया। कथा पंडालों में वेद मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी गईं। आदर्श क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। बच्चा स्वामी शिव स्वरूप महाराज के आश्रम में शतचंडी महायज्ञ शुरू हो गया है।
महिलाओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। धूप में मेला बाजार में रौनक दिखाई दी। मनोरंजन क्षेत्र में बच्चे झूले का आनंद उठाते दिखे। बजरंग दास त्यागी, मुकेश दास मौनी महाराज, राजवीर दास त्यागी, बालकदास त्यागी खप्पर व धूनी पूजा के लिए सुबह गंगा स्नान कर तैयारियों में लग गए। यह पूजा दिवाली तक चलेगी।
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वैदिक क्षेत्र में यज्ञ किया गया। इसमें आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने पांच सकारों के बारे में बताया। कहा कि पांच सकारों को जीवन में अपनाने वाला मनुष्य महान, पवित्र और आदर्शवादी होता है। बताया कि पहला सकार है संध्या। जो मनुष्य प्रतिदिन संध्या (ईश्वर की भक्ति) करता है उस पर भगवान की कृपा होती है। दूसरा सकार सत्संग, जिसके संग से सत्य की प्राप्ति हो उसे सत्संग कहते हैं।
तीसरा सकार है सेवा, जिसके जीवन में सेवा का भाव हो उसके जीवन में ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती है। चौथा- स्वाध्याय, वेद शास्त्र आदि ग्रंथों का पठन-पाठन करना स्वाध्याय है। पांचवां सकार है समर्पण, जो लोग ईश्वर के प्रति अपने आपको समर्पित करते हैं उनकी समस्त शुभ कामनाएं पूर्ण होती हैं। उदिता आर्या ने गीत सुनाए। इस मौके पर यजमान संदीप शास्त्री, हरिओम शास्त्री, शैलेश शास्त्री, जयदेव आर्य, अजीत आर्य, स्वामी महेंद्रानंद आदि रहे। संचालन आचार्य प्रदीप शास्त्री ने किया।
श्रीपंच दसनाम जूना अखाड़ा के साधु सागरपुरी ने कहा कि योग करने से शरीर स्वस्थ और मजबूत रहता है। जो भी व्यक्ति प्रतिदिन अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग करता है। उसके शरीर में कभी रोग प्रवेश नहीं करते। उन्होंने शीर्ष आसन का महत्व भी बताया।
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धूप निकलने से मेला राम नगरिया में भीड़ दिखाई देने लगी है। राउटी और संतों के आश्रमों में परिजनों, रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया। कथा पंडालों में वेद मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी गईं। आदर्श क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। बच्चा स्वामी शिव स्वरूप महाराज के आश्रम में शतचंडी महायज्ञ शुरू हो गया है।
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महिलाओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। धूप में मेला बाजार में रौनक दिखाई दी। मनोरंजन क्षेत्र में बच्चे झूले का आनंद उठाते दिखे। बजरंग दास त्यागी, मुकेश दास मौनी महाराज, राजवीर दास त्यागी, बालकदास त्यागी खप्पर व धूनी पूजा के लिए सुबह गंगा स्नान कर तैयारियों में लग गए। यह पूजा दिवाली तक चलेगी।
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वैदिक क्षेत्र में यज्ञ किया गया। इसमें आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने पांच सकारों के बारे में बताया। कहा कि पांच सकारों को जीवन में अपनाने वाला मनुष्य महान, पवित्र और आदर्शवादी होता है। बताया कि पहला सकार है संध्या। जो मनुष्य प्रतिदिन संध्या (ईश्वर की भक्ति) करता है उस पर भगवान की कृपा होती है। दूसरा सकार सत्संग, जिसके संग से सत्य की प्राप्ति हो उसे सत्संग कहते हैं।
तीसरा सकार है सेवा, जिसके जीवन में सेवा का भाव हो उसके जीवन में ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती है। चौथा- स्वाध्याय, वेद शास्त्र आदि ग्रंथों का पठन-पाठन करना स्वाध्याय है। पांचवां सकार है समर्पण, जो लोग ईश्वर के प्रति अपने आपको समर्पित करते हैं उनकी समस्त शुभ कामनाएं पूर्ण होती हैं। उदिता आर्या ने गीत सुनाए। इस मौके पर यजमान संदीप शास्त्री, हरिओम शास्त्री, शैलेश शास्त्री, जयदेव आर्य, अजीत आर्य, स्वामी महेंद्रानंद आदि रहे। संचालन आचार्य प्रदीप शास्त्री ने किया।
श्रीपंच दसनाम जूना अखाड़ा के साधु सागरपुरी ने कहा कि योग करने से शरीर स्वस्थ और मजबूत रहता है। जो भी व्यक्ति प्रतिदिन अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग करता है। उसके शरीर में कभी रोग प्रवेश नहीं करते। उन्होंने शीर्ष आसन का महत्व भी बताया।

मेला रामनगरिया में भजन सुनाती उदति। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

मेला रामनगरिया में धूनी पूजा में लीन साधु। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD