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मिल यार्ड में सर्द रातें काटने को मजबूर गन्ना किसान
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कायमगंज चीनी मिल यार्ड में भरा पानी व ट्रैक्टर ट्राली प र बैठे किसान।
- फोटो : FARRUKHABAD
जिले की इकलौती चीनी मिल में गन्ना किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दो दिन पूर्व हुई बारिश से यार्ड में पानी भर गया और कींचड़ हो गया है। यार्ड में किसानों के लिए पानी, प्रकाश, अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। यार्ड में कीचड़ व पानी भरने से किसान खुले आसमान के नीचे सर्दी में रात काटने को मजबूर हैं।
दो दिन पहले बारिश होने से सर्दी बढ़ गई। बारिश से मिल में गन्ने का अभाव हो गया था। इससे शुक्रवार रात मिल में पेराई का काम बंद हो गया। रविवार को मौसम साफ हुआ तो मिल में गन्ना लदे वाहनों की कतारें लग गईं, लेकिन बैगास में नमी होने के कारण बॉयलर में प्रेशर नहीं बन पा रहा था। मिल को चलाने के लिए कर्मचारी प्रेशर बनाने को जुटे रहे ।
रविवार दोपहर गन्ना तौल कराने के लिए किसान लाइन में लगे थे। उनको मिल की क्रेन चलने का इंतजार था। किसानों को चिंता थी कि मिल चालू हो जाए नहीं तो रात भर सर्दी में ठिठुरना पड़ेगा। यार्ड में पानी व कीचड़ भरा था। ऐसे ट्रैक्टर ट्राली के नीचे भी रात नहीं बिता सकते थे।
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अलाव व रैन बसेरा का कोई इंतजाम नहीं है। जहां रैन बसेरा बना है वहां गंदगी है। मजबूरी में किसानों को गन्ना ट्राली के ऊपर खुले आसमान में रात बितानी पड़ेगी।
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दो दिन पहले बारिश होने से सर्दी बढ़ गई। बारिश से मिल में गन्ने का अभाव हो गया था। इससे शुक्रवार रात मिल में पेराई का काम बंद हो गया। रविवार को मौसम साफ हुआ तो मिल में गन्ना लदे वाहनों की कतारें लग गईं, लेकिन बैगास में नमी होने के कारण बॉयलर में प्रेशर नहीं बन पा रहा था। मिल को चलाने के लिए कर्मचारी प्रेशर बनाने को जुटे रहे ।
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रविवार दोपहर गन्ना तौल कराने के लिए किसान लाइन में लगे थे। उनको मिल की क्रेन चलने का इंतजार था। किसानों को चिंता थी कि मिल चालू हो जाए नहीं तो रात भर सर्दी में ठिठुरना पड़ेगा। यार्ड में पानी व कीचड़ भरा था। ऐसे ट्रैक्टर ट्राली के नीचे भी रात नहीं बिता सकते थे।
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अलाव व रैन बसेरा का कोई इंतजाम नहीं है। जहां रैन बसेरा बना है वहां गंदगी है। मजबूरी में किसानों को गन्ना ट्राली के ऊपर खुले आसमान में रात बितानी पड़ेगी।