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इतना खराब रास्ता, यहां कैसे लाओगे गोवंश ...

Thu, 07 Nov 2019 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 11:54 PM IST
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Such a bad way, how will the dynasty get here
कमालगंज। चार सौ गोवंश के संरक्षण को बनाए जा रहे वृहद गोसंरक्षण केंद्र के गलत स्थल चयन को लेकर जनपद के नोडल अधिकारी ने अधिकारियों से नाराजगी जताई। निर्माणाधीन केंद्र पर पहुंचते ही वह बोले इतना खराब रास्ता, यहां पर कैसे लाओगे गोवंश। निर्माण कार्य की डिजाइन के मानक के संबंध में उन्होंने पूछताछ की। प्रयोगशाला में जांच कराने के लिए निर्माण सामग्री का नमूना भी लिया।
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विकास खंड की गगनी ग्राम पंचायत के गैर आबाद गांव हसनापुर में निर्मित कराए जा रहे वृहद गोसंरक्षण केंद्र में बुधवार सुबह नोडल अधिकारी रजनीश गुप्ता पहुंचे। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के साथ कार से उतरते ही वह बोले कि यह स्थान किसी भी तरह वृहद गोसंरक्षण केंद्र के लिए उपयुक्त नहीं है। रास्ता इतना खराब है तो गोवंश व उनके लिए चारा आदि कैसे यहां आ पाएगा। इस पर अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों ने यह बात कह कर पल्ला झाड़ लिया कि स्थल चयन में उनकी भूमिका नहीं रही। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग से भूमि मांगी गई थी। विभाग ने गैर आबाद गांव हसनापुर की यही 18 बीघा भूमि आवंटित की। खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल ने कहा कि तीन मीटर चकरोड की नाप हो चुकी है। 1200 मीटर कच्चे रास्ते पर मनरेगा या अन्य निधि से खड़ंजा बिछवाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। पिलर व पिलर के ऊपर डाले गए बीम के निर्माण कार्य देख कर नोडल अधिकारी ने पूछा की गोसंरक्षण केंद्र के निर्माण की डिजाइन का मानक कहां से आया। इस पर कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि नक्शा पशु चिकित्सा विभाग ने उपलब्ध कराया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा कि प्रदेश में इसी नक्शे के आधार पर वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं। यह नक्शा शासन से अनुमोदित है। डीएम बोले ललितपुर में भी इसी डिजाइन से गोसंरक्षण केंद्र बन रहा।
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1 करोड़ 20 लाख की लागत
1.20 करोड़ की लागत से बन रहे वृहद गोसंरक्षण केंद्र के संबंध में प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि सौ-सौ गोवंश की क्षमता वाले चार शेड बनाए जा रहे हैं। एक भूसा व चारे के लिए बड़ा स्टोर व एक कार्यालय व केयर टेकर कक्ष भी बनाया जा रहा है। प्रयोगशाला में गुणवत्ता जांच के लिए नोडल अधिकारी ने मौरंग, सीमेंट आदि का नमूना भी लिया। सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैंसिया, एसडीएम सदर अनिल कुमार, एडीओ सुरेश चंद्र पाल आदि भी मौजूद रहे।
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सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांची
फर्रुखाबाद। नोडल अधिकारी ने हाथीपुर-नवाबगंज मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता का जायजा लिया। अधिशासी अभियंता ग्राम्य विकास अभिकरण से निर्माण सामग्री का नमूना निकलवाकर जांच कराने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता व सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे।
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