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सुभाष बाजार से लेता था गंधक पोटाश, आतिशबाजों से खरीदी थी बारूद
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फर्रुखाबाद के बदमाश सुभाष ने कई बार बाजार से भारी मात्रा में गंधक व पोटाश खरीदी थी। वह गंधक व पोटाश को अलग-अलग पीस कर उनका मिश्रण तैयार करता था। इसके बाद उसका प्रयोग बम बनाने में करता था। वहीं अतिशबाजों से बारूद भी खरीदकर लाया था। पुलिस उन दुकानदारों व आतिशबाजों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है जिनसे वह ये सामान लेता था। इसके लिए सादे कपड़ों में सिपाही बाजार में लगाए गए हैं। अभी तक की जांच में एटा जिले के भरगैन से बारूद लाने की जानकारी मिली है। पुलिस वहां भी जांच को गई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया निवासी सुभाष पिछले तीन महीने से कई बार बाजार से भारी मात्रा में गंधक, पोटाश खरीदकर लाया। वह अपने घर के तहखाने में गंधक व पोटाश को अलग-अलग पीसने के बाद उसको मिश्रित करता था। इस मिश्रण को तैयार करने के बाद सुभाष ने कई आतिशबाजों से संपर्क किया और उनसे पटाखों में प्रयोग में लाया जाने वाला बारूद खरीदा था। गंधक व पोटाश के मिश्रण के साथ कुछ हिस्सा वह बारुद का मिलाकर बम तैयार करता था। बम के बीच में प्लास्टिक हटाकर तार का कुछ हिस्सा डाल देता था।
इसके अलावा उसने बम को आग से फोड़ने के इंतजाम भी किए थे। इसके लिए उसने धागे में मोम व बारूद का मिश्रण लगाकर एक हिस्सा बम के अंदर व दूसरा बाहर की ओर कर रखा था। पुलिस अब उन दुकानदारों व आतिशबाजों के बारे में सुरागरशी कर रही है जो सुभाष को यह सामान मुहैया कराते थे। फोरेंसिक टीम के वैज्ञानिक ओम प्रकाश दावा करते है कि बम इतने तीव्र थे इससे विस्फोट होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस जांच में पता चला कि सुभाष एटा जिले के भरगैन क्षेत्र से बारूद कई बार खरीद का लाया था। पुलिस वहां भी जांच करने गई है।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया निवासी सुभाष पिछले तीन महीने से कई बार बाजार से भारी मात्रा में गंधक, पोटाश खरीदकर लाया। वह अपने घर के तहखाने में गंधक व पोटाश को अलग-अलग पीसने के बाद उसको मिश्रित करता था। इस मिश्रण को तैयार करने के बाद सुभाष ने कई आतिशबाजों से संपर्क किया और उनसे पटाखों में प्रयोग में लाया जाने वाला बारूद खरीदा था। गंधक व पोटाश के मिश्रण के साथ कुछ हिस्सा वह बारुद का मिलाकर बम तैयार करता था। बम के बीच में प्लास्टिक हटाकर तार का कुछ हिस्सा डाल देता था।
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इसके अलावा उसने बम को आग से फोड़ने के इंतजाम भी किए थे। इसके लिए उसने धागे में मोम व बारूद का मिश्रण लगाकर एक हिस्सा बम के अंदर व दूसरा बाहर की ओर कर रखा था। पुलिस अब उन दुकानदारों व आतिशबाजों के बारे में सुरागरशी कर रही है जो सुभाष को यह सामान मुहैया कराते थे। फोरेंसिक टीम के वैज्ञानिक ओम प्रकाश दावा करते है कि बम इतने तीव्र थे इससे विस्फोट होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस जांच में पता चला कि सुभाष एटा जिले के भरगैन क्षेत्र से बारूद कई बार खरीद का लाया था। पुलिस वहां भी जांच करने गई है।
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