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सपा से अध्यक्ष के लिए तीन दावेदार
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Sun, 29 Nov 2015 11:08 PM IST
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फर्रुखाबाद। सपा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के सबसे करीब है। पार्टी का कुल 30 में से 22 सदस्यों पर दावा है। अध्यक्ष पद के लिए तीन दावेदार सामने आए हैं। टिकट का फैसला प्रदेश नेतृत्व को करना है। ऐसे में टिकट न मिलने से भितरघात की नौबत बन सकती है। इसे रोकना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 16 वोटों की दरकार है। पार्टी का दावा 22 जिला पंचायत सदस्यों पर है। ऐसे में सपा के पास 6 वोट बढ़त में हैं। अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति महिला का आरक्षण है। अध्यक्ष की टिकट के लिए ज्ञानदेवी कठेरिया और लक्ष्मी रीटा ने जिला कार्यालय पर आवेदन किया है।
कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया ने पत्नी शगुना देवी के लिए प्रदेश कार्यालय में आवेदन दिया है। अमृतपुर विधायक नरेंद्र यादव, शगुना देवी को लड़ाने के लिए एलान कर चुके हैं। एलान में भोजपुर विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी भी साथ थे। ज्ञानदेवी कठेरिया को अलीगंज विधायक रामेश्वर सिंह यादव का समर्थन है। लक्ष्मी रीटा, अखिलेश यादव के खास माने जाने वाले अन्ने खां की पारिवारिक हैं।
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तीनाें दावेदार जीत का जरूरी आंकड़ा जुटाने के लिए लगे हैं। इन्हें प्रदेश नेतृत्व से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। टिकट एक ही आवेदक को मिलना है। ऐसे में बाकी दो दावेदारों की नाराजगी भितरघात की नौबत खड़ी कर सकती है। इससे पार्टी न निपट पाई तो कुर्सी पर खतरा बन सकता है। भाजपा और बसपा, पार्टी की इसी चूक में अपने लिए जीत की संभावनाएं भी तलाश रही हैं।
नाम बताने से बच रहे नेता
सपा ने जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में किसी को समर्थन नहीं दिया था। पार्टी कार्यकर्ताओं व पार्टी से जुड़े लोगाें को अपना मानकर चल रही है। ज्यादातर जगह पार्टी के नेता ही आपस में लड़े थे। खेमेबंदी के चलते पार्टी नेता सदस्यों का नाम उजागर नहीं कर रहे हैं। पार्टी संगठन से जुड़ाव के नाते इन्हें अपना मानकर चल रही है।
जिसे टिकट मिलेगी, सब उसे ही लड़ाएंगे
अभी टिकट फाइनल नहीं हुई है। जिसे टिकट मिलेगी, सब उसी को लड़ाएंगे। भितरघात का सवाल ही नहीं है। पार्टी के पास 22 जिला पंचायत सदस्य हैं। - प्रताप सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 16 वोटों की दरकार है। पार्टी का दावा 22 जिला पंचायत सदस्यों पर है। ऐसे में सपा के पास 6 वोट बढ़त में हैं। अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति महिला का आरक्षण है। अध्यक्ष की टिकट के लिए ज्ञानदेवी कठेरिया और लक्ष्मी रीटा ने जिला कार्यालय पर आवेदन किया है।
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कायमगंज विधायक अजीत कठेरिया ने पत्नी शगुना देवी के लिए प्रदेश कार्यालय में आवेदन दिया है। अमृतपुर विधायक नरेंद्र यादव, शगुना देवी को लड़ाने के लिए एलान कर चुके हैं। एलान में भोजपुर विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी भी साथ थे। ज्ञानदेवी कठेरिया को अलीगंज विधायक रामेश्वर सिंह यादव का समर्थन है। लक्ष्मी रीटा, अखिलेश यादव के खास माने जाने वाले अन्ने खां की पारिवारिक हैं।
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तीनाें दावेदार जीत का जरूरी आंकड़ा जुटाने के लिए लगे हैं। इन्हें प्रदेश नेतृत्व से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। टिकट एक ही आवेदक को मिलना है। ऐसे में बाकी दो दावेदारों की नाराजगी भितरघात की नौबत खड़ी कर सकती है। इससे पार्टी न निपट पाई तो कुर्सी पर खतरा बन सकता है। भाजपा और बसपा, पार्टी की इसी चूक में अपने लिए जीत की संभावनाएं भी तलाश रही हैं।
नाम बताने से बच रहे नेता
सपा ने जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में किसी को समर्थन नहीं दिया था। पार्टी कार्यकर्ताओं व पार्टी से जुड़े लोगाें को अपना मानकर चल रही है। ज्यादातर जगह पार्टी के नेता ही आपस में लड़े थे। खेमेबंदी के चलते पार्टी नेता सदस्यों का नाम उजागर नहीं कर रहे हैं। पार्टी संगठन से जुड़ाव के नाते इन्हें अपना मानकर चल रही है।
जिसे टिकट मिलेगी, सब उसे ही लड़ाएंगे
अभी टिकट फाइनल नहीं हुई है। जिसे टिकट मिलेगी, सब उसी को लड़ाएंगे। भितरघात का सवाल ही नहीं है। पार्टी के पास 22 जिला पंचायत सदस्य हैं। - प्रताप सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा