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एसआईआर : 2.91 लाख कट चुके वोट, अभी 2.50 लाख पर खतरा
Sun, 08 Feb 2026 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:27 AM IST
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फर्रुखाबाद। एसआईआर अभियान में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र से दो लाख 91 हजार मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं। अभी करीब 2.50 मतदाताओं पर अनमैप्ड व विसंगति का खतरा मंडरा रहा है। एक माह से नोटिस पर हो रही सुनवाई में 20 फीसदी ही मतदाता अपने अभिलेख दे सके हैं। हालांकि एक माह सुनवाई की तिथि बढ़ाई गई है। इस पर भी प्रशासन ने सतर्कता न दिखाई तो यह मतदाता भी सूची से बाहर का रास्ता देख सकते हैं।
जनपद में शुरू हुए एसआईआर अभियान के दौरान 13 लाख 98 हजार 9 मतदाता थे। प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में दो लाख 91 हजार मतदाता सूची से आउट हो गए। इससे 6 जनवरी को आलेख्य प्रकाशन की सूची में करीब 11 लाख सात हजार मतदाताओं के नाम ही शामिल हो सके। इस सूची में भी 68310 मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी। इससे उन्हें निर्वाचन कार्यालय से नोटिस जारी किए गए। इसके बाद नाम व आयु में अंतर होने, पिता-पुत्र, बाबा-पौत्र, पति-पत्नी की उम्र में मानक से अधिक अंतर मिलने पर करीब ढाई लाख मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिए गए। इससे जारी होने वाले नोटिस की संख्या तीन लाख 15 हजार से भी अधिक निकल गई। हालांकि इस सूची पर जिम्मेदार पर्दा डाल रहे हैं। नोटिस पर सुनवाई की जा रही है। इस सुनवाई में कई मतदाता अभिलेख पूरे न कर पाने से सूची में फिर शामिल होने के लिए चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं महिला मतदाताओं को मैपिंग कराने में परिजन के भी पसीने छूट रहे। कई बार तो पैतृक निवासी बुजुर्ग भी सुनवाई की लाइन में बेटों का सहारा लेकर खड़े नजर आ रहे हैं। छह जनवरी से नोटिस पर चल रही सुनवाई में बमुश्किल 20 प्रतिशत मतदाता ही साक्ष्यों के साथ फार्म जमा कर सके हैं। सदर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर अभियान में 30 फीसद मतदाताओं का नाम सूची से कटने के बाद 75685 अन्य मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे। इसमें 10 हजार मतदाता ही सुनवाई के दौरान अपने कागज जमा कर सके हैं। इससे अब मतदाता सूची में नोटिस वाले कितने मतदाताओं का नाम शामिल हो सकेगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।
एडीएम व उपजिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भेजे गए नोटिस पर सुनवाई की तिथि एक माह और बढ़ा दी गई है। इससे मतदाता अपने अभिलेख जमा कर सकते हैं। अधिक से अधिक मतदाताओं को सूची में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि तार्किक विसंगति में जिले के कितने मतदाताओं को नोटिस भेजे गए, यह संख्या बताने से वह कतराते रहे। -
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जनपद में शुरू हुए एसआईआर अभियान के दौरान 13 लाख 98 हजार 9 मतदाता थे। प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में दो लाख 91 हजार मतदाता सूची से आउट हो गए। इससे 6 जनवरी को आलेख्य प्रकाशन की सूची में करीब 11 लाख सात हजार मतदाताओं के नाम ही शामिल हो सके। इस सूची में भी 68310 मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी। इससे उन्हें निर्वाचन कार्यालय से नोटिस जारी किए गए। इसके बाद नाम व आयु में अंतर होने, पिता-पुत्र, बाबा-पौत्र, पति-पत्नी की उम्र में मानक से अधिक अंतर मिलने पर करीब ढाई लाख मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिए गए। इससे जारी होने वाले नोटिस की संख्या तीन लाख 15 हजार से भी अधिक निकल गई। हालांकि इस सूची पर जिम्मेदार पर्दा डाल रहे हैं। नोटिस पर सुनवाई की जा रही है। इस सुनवाई में कई मतदाता अभिलेख पूरे न कर पाने से सूची में फिर शामिल होने के लिए चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं महिला मतदाताओं को मैपिंग कराने में परिजन के भी पसीने छूट रहे। कई बार तो पैतृक निवासी बुजुर्ग भी सुनवाई की लाइन में बेटों का सहारा लेकर खड़े नजर आ रहे हैं। छह जनवरी से नोटिस पर चल रही सुनवाई में बमुश्किल 20 प्रतिशत मतदाता ही साक्ष्यों के साथ फार्म जमा कर सके हैं। सदर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर अभियान में 30 फीसद मतदाताओं का नाम सूची से कटने के बाद 75685 अन्य मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे। इसमें 10 हजार मतदाता ही सुनवाई के दौरान अपने कागज जमा कर सके हैं। इससे अब मतदाता सूची में नोटिस वाले कितने मतदाताओं का नाम शामिल हो सकेगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।
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एडीएम व उपजिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भेजे गए नोटिस पर सुनवाई की तिथि एक माह और बढ़ा दी गई है। इससे मतदाता अपने अभिलेख जमा कर सकते हैं। अधिक से अधिक मतदाताओं को सूची में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि तार्किक विसंगति में जिले के कितने मतदाताओं को नोटिस भेजे गए, यह संख्या बताने से वह कतराते रहे। -
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