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Farrukhabad News: दशहरा पर 30 फीट के रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का होगा दहन

Tue, 20 Oct 2026 01:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:45 AM IST
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On Dussehra, 30-foot-tall effigies of Ravana, Kumbhakarna, and Meghnada will be set on fire.
कायमगंज। दशहरा पर मंगलवार को मंडी समिति परिसर में 30 फीट के रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। श्रीरामलीला समिति की ओर से होने वाले आयोजन के लिए तीनों पुतले तैयार हो गए हैं।
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नगर के मोहल्ला चिलांका निवासी अनिल पिछले 45 वर्षों से पुतले बना रहे हैं। पहले यह काम उनके पिता बाबूराम करते थे। उनके बाद अनिल ने इसकी जिम्मेदारी संभाली है। अनिल ने बताया कि चार लोगों की मदद से तीनों पुतले तैयार करने में करीब 15 दिन लगे हैं। इस बार महंगाई के चलते पुतले बनाने में लगभग 50 हजार रुपये खर्च हुए हैं। तीनों पुतलों की ऊंचाई 30-30 फीट है। मंगलवार को इन्हें मैदान में खड़ा किया जाएगा। पुतलों में हजारों रुपये की आतिशबाजी लगाई जाएगी। राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद पुतलों का दहन होगा। इसके बाद स्थानीय आतिशबाजों के साथ फर्रुखाबाद और अलीगंज के आतिशबाज भी आतिशबाजी का प्रदर्शन करेंगे।
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युद्ध टलने की उम्मीद खत्म, अंगद ने रावण को ललकारा
फोटो-25 रामलीला मैदान में सेतु बंधु रामेश्वर की स्थापना करते श्रीराम। स्रोत: पाठक
रामलीला मैदान में अंगद-रावण संवाद लीला में भक्त हुए रोमांचित
कमालगंज। अहंकार मनुष्य के विनाश का कारण बनता है। रावण भी इसके वशीभूत हो गया था। रामलीला मैदान में अंगद-रावण संवाद में भी रावण का अहंकार सिर चढ़कर बोला लेकिन अंगद ने अपनी पूंछ लंबी कर रावण से भी ऊंचा आसान बनाकर रावण को ललकारा। आखिरकार रावण के हठ से युद्ध टलने की उम्मीद खत्म हो गई।
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कमालगंज की रामलीला में सोमवार को सेतु बंधु रामेश्वरम व अंगद-रावण संवाद लीला का मंचन किया गया। रामजी की वानरी सेना में एक से बढ़कर एक शूरवीर थे। हनुमान लंका में जाकर अपने प्रताप का कमाल दिखा चुके थे। अब बाली पुत्र अंगद की बारी आई। जामवंत की सलाह पर युद्ध टालने के लिए राम ने अंगद को दूत बनाकर रावण को समझाने के लिए भेजा। अंगद ने रावण के हर छोटे-बड़े शूरवीर को लज्जित करने के साथ दशानन का भी मानमर्दन कर दिया। हठी रावण के अंगद की सलाह न मानने से युद्ध टलने की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई।
वहीं, चौराहे पर रात्रिकालीन आरती कार्यक्रम में आधा घंटे तक हनुमान व अंगद ने प्रभुराम को अपनी आरती सेवा अर्पित की। दिनेश शर्मा ने ढोलक बजाई। अमित गुप्ता, अनुपम दास गुप्ता, योगीराज दवे, बल्लू दुबे, सौरभ चौरसिया, शुभम प्रजापति, ऋषि वर्मा ,राघव शुक्ला, देवेश राजपूत, अनुभव गुप्ता, अंकुश चौरसिया, विजय शर्मा, गौरव गुप्ता आदि भी शामिल रहे। (संवाद)
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सीता की खोज में लंका पहुंचे रामभक्त हनुमान की लील देख लगे जयकारे
संवाद न्यूज एजेंसी
कंपिल। कस्बा में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव के तहत रविवार रात रामलीला मैदान में सीता की खोज, हनुमान का लंका पहुंचना और लंका दहन आदि प्रसंगों का भावपूर्ण एवं जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने भक्तों को देर रात तक बांधे रखा। मंचन के दौरान पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला में सीता हरण के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ वानर सेना द्वारा माता सीता की खोज में निकलने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। वानर दल अलग-अलग दिशाओं में सीता की तलाश करता है। काफी प्रयास के बाद उन्हें माता सीता के लंका में होने की जानकारी मिलती है। इसके बाद हनुमान समुद्र लांघकर लंका जाने का संकल्प लेते हैं।
हनुमान के लंका पहुंचने, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट करने तथा उन्हें भगवान श्रीराम की मुद्रिका देने का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया। हनुमान ने माता सीता को भगवान श्रीराम का संदेश देकर शीघ्र ही उन्हें रावण के बंधन से मुक्त कराने का भरोसा दिया। इसके बाद हनुमान ने लंका में राक्षसों का सामना किया और रावण की सेना को चुनौती दी।

मंचन में हनुमान द्वारा अशोक वाटिका उजाड़ने और राक्षसों से युद्ध करने का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। हनुमान की पूंछ में आग लगाए जाने के बाद उन्होंने उसी आग से पूरी लंका में आग लगा दी। लंका दहन का दृश्य देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंजने लगा।

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रामलीला में लंका दहन की लीला का मंचन
शमसाबाद। रामलीला महोत्सव में सोमवार को लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान के लंका पहुंचने, माता सीता की खोज करने और रावण की लंका में आग लगाने का प्रसंग प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भक्तों ने जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारे लगाए। मंचन के दौरान हनुमान जी के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति का सजीव चित्रण किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। आयोजन को सफल बनाने में रामलीला कमेटी के पदाधिकारी और सहयोगी जुटे हुए हैं। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्याम मिश्रा, नवनीत रस्तोगी, आलोक कुमार, जितेंद्र शाक्य, संजय पाठक, अवधेश पांडेय सहित कमेटी के तमाम पदाधिकारी और सहयोगी मौजूद रहे।
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