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वनवास से लौटे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण का भव्य स्वागत
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मोहम्मदाबाद में हुए भरत मिलाप के मंचन के दोरान मंच पर विराजमान राम, लक्ष्मण व सीता।
- फोटो : FARRUKHABAD
फोटो--8
वनवास से लौटे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण का भव्य स्वागत
भारतीय रामलीला कमेटी की देखरेख में मंचन, मेेले में दर्शकों की भीड़ उमड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहम्मदाबाद। चौदह सालों तक वनवास में रहने के बाद अयोध्या लौटे श्रीराम, सीता व लक्ष्मण का फूलों की वर्षा करके स्वागत किया गया। मेेले में दर्शकों की भीड़ उमड़ी।
नगर के संकिसा रोड स्थित रामलीला मैदान पर भारतीय रामलीला कमेटी की देखरेख में चल रहे मंचन में लंका विजय के बाद मां सीता को लेकर वापस अयोध्या पहुंचे श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण, हनुमान, जामवंत, सुग्रीव, अंगद आदि का स्वागत हुआ। भाई भरत बहुत दुखी थे। इस बीच श्रीराम के आगमन में देरी होने पर अपने लिए चिता तैयार करवा लेते हैं। कहा कि यदि प्रभु राम नहीं आयेंगे तो वह इसी चिता में कूदकर प्राण त्याग देंगे। 14 सालों में आंखें पथरा गई हैं। इसी बीच हनुमान जी ने भरत को श्रीराम के आने की सूचना दी। इससे गदगद भरत ने भव्य तैयारियां कीं। कुछ देर बाद प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या की धरती पर उतरते। उन्हें देखकर भरत की आंखों में प्रेम की अश्रु धारा बह निकली। अयोध्या वासी पुष्प वर्षा कर अपने राजा का स्वागत करते हैं। श्रीराम की अयोध्या में जय-जयकार होने लगी। इस मौके पर कमेटी के पदाधिकारी राकेश कुमार गु्प्ता, अतुल गुप्ता, राजीव गुप्ता, हर्ष गुप्ता, परमानंद वर्मा आदि ने व्यवस्था संभाली।
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वनवास से लौटे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण का भव्य स्वागत
भारतीय रामलीला कमेटी की देखरेख में मंचन, मेेले में दर्शकों की भीड़ उमड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहम्मदाबाद। चौदह सालों तक वनवास में रहने के बाद अयोध्या लौटे श्रीराम, सीता व लक्ष्मण का फूलों की वर्षा करके स्वागत किया गया। मेेले में दर्शकों की भीड़ उमड़ी।
नगर के संकिसा रोड स्थित रामलीला मैदान पर भारतीय रामलीला कमेटी की देखरेख में चल रहे मंचन में लंका विजय के बाद मां सीता को लेकर वापस अयोध्या पहुंचे श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण, हनुमान, जामवंत, सुग्रीव, अंगद आदि का स्वागत हुआ। भाई भरत बहुत दुखी थे। इस बीच श्रीराम के आगमन में देरी होने पर अपने लिए चिता तैयार करवा लेते हैं। कहा कि यदि प्रभु राम नहीं आयेंगे तो वह इसी चिता में कूदकर प्राण त्याग देंगे। 14 सालों में आंखें पथरा गई हैं। इसी बीच हनुमान जी ने भरत को श्रीराम के आने की सूचना दी। इससे गदगद भरत ने भव्य तैयारियां कीं। कुछ देर बाद प्रभु श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या की धरती पर उतरते। उन्हें देखकर भरत की आंखों में प्रेम की अश्रु धारा बह निकली। अयोध्या वासी पुष्प वर्षा कर अपने राजा का स्वागत करते हैं। श्रीराम की अयोध्या में जय-जयकार होने लगी। इस मौके पर कमेटी के पदाधिकारी राकेश कुमार गु्प्ता, अतुल गुप्ता, राजीव गुप्ता, हर्ष गुप्ता, परमानंद वर्मा आदि ने व्यवस्था संभाली।
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