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Farrukhabad News: शाहजहांपुर मार्ग व गांवों में भरा पानी, बाढ़ का खतरा बढ़ा
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फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर एक बार फिर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 20 सेमी ऊपर 136.80 मीटर पहुंच गया है। डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। इससे शाहजहांपुर मार्ग सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। रामगंगा का जलस्तर 85 सेमी. बढ़ने से ग्रामीण की चिंता बढ़ गई है।
अमृतपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर 136.70 मीटर से 10 सेमी. बढ़कर 136.80 मीटर पर पहुंच गया। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 20 सेमी. अधिक है। नरौरा बांध से गंगा में एक लाख 62 हजार 668 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
गंगा किनारे बसे गांव अंबरपुर, चैनगंज, खानपुर, चित्रकूट, जोगराजपुर, रामपुर, लायलपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, रामप्रसाद नगला आदि गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर घटने से कुछ राहत मिली थी। अब फिर पानी बढ़ने लगा है। इससे दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। बुधपाल सिंह, उमेश सिंह, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, नत्थू लाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग करीब ढेड़ माह से बाढ़ के पानी से परेशानी झेल रहे हैं। फिर जलस्तर बढ़ने से दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पशुओं के चारे की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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रामगंगा का जलस्तर 134.80 मीटर से 85 सेमी. बढ़कर 135.65 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। खो हरेली रामनगर बैराज से रामगंगा में 11840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव कोला सोता, भटौली, खरगपुर, राई नहरैया आदि गांव के पास खेतों में कटान शुरू हो गया है।
तहसीलदार करमवीर सिंह बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी लेखपालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांव में कोई समस्या हो तो उसकी सूचना तत्काल तहसील में दें।
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बाढ़ ने फिर लिया रूप विकराल जनमानस बेहाल
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शमशाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर गांव चौरा के सामने करीब दो फीट पानी चल रहा है। इससे राहगीर जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। कई बार पानी में बाइक बंद होने पर से पैदल खींचना पड़ रहा है। क्षेत्र के गांव कमथरी, समैचीपुर, कटरी तौफीक में बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। गांव अचानकपुर, परसादी की मड़ैया, साधौ सराय, अजीजाबाद आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। (संवाद)
खेतों में भरा बाढ़ का पानी
कंपिल। गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के गांव पथरामई, गढ़ी, ठाकुर नगला, रामसिंह का नगला, जात नगला, गंगपुर, इकलहरा, दयामाफ़ी, पुंथर, कारव, टपुआ चौखेड़ा, हमीरपुर, शेखपुर, शाहपुर, कारव आदि दो दर्जन से अधिक गांव के खेतों में पानी भर गया। इससे सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। चारे की भी बड़ी दिक्कत है। (संवाद)
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अमृतपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर 136.70 मीटर से 10 सेमी. बढ़कर 136.80 मीटर पर पहुंच गया। जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 20 सेमी. अधिक है। नरौरा बांध से गंगा में एक लाख 62 हजार 668 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
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गंगा किनारे बसे गांव अंबरपुर, चैनगंज, खानपुर, चित्रकूट, जोगराजपुर, रामपुर, लायलपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, रामप्रसाद नगला आदि गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर घटने से कुछ राहत मिली थी। अब फिर पानी बढ़ने लगा है। इससे दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। बुधपाल सिंह, उमेश सिंह, सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, नत्थू लाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग करीब ढेड़ माह से बाढ़ के पानी से परेशानी झेल रहे हैं। फिर जलस्तर बढ़ने से दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पशुओं के चारे की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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रामगंगा का जलस्तर 134.80 मीटर से 85 सेमी. बढ़कर 135.65 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। खो हरेली रामनगर बैराज से रामगंगा में 11840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव कोला सोता, भटौली, खरगपुर, राई नहरैया आदि गांव के पास खेतों में कटान शुरू हो गया है।
तहसीलदार करमवीर सिंह बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी लेखपालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांव में कोई समस्या हो तो उसकी सूचना तत्काल तहसील में दें।
बाढ़ ने फिर लिया रूप विकराल जनमानस बेहाल
शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शमशाबाद-शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर गांव चौरा के सामने करीब दो फीट पानी चल रहा है। इससे राहगीर जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। कई बार पानी में बाइक बंद होने पर से पैदल खींचना पड़ रहा है। क्षेत्र के गांव कमथरी, समैचीपुर, कटरी तौफीक में बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। गांव अचानकपुर, परसादी की मड़ैया, साधौ सराय, अजीजाबाद आदि गांव बाढ़ की चपेट में हैं। (संवाद)
खेतों में भरा बाढ़ का पानी
कंपिल। गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के गांव पथरामई, गढ़ी, ठाकुर नगला, रामसिंह का नगला, जात नगला, गंगपुर, इकलहरा, दयामाफ़ी, पुंथर, कारव, टपुआ चौखेड़ा, हमीरपुर, शेखपुर, शाहपुर, कारव आदि दो दर्जन से अधिक गांव के खेतों में पानी भर गया। इससे सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। चारे की भी बड़ी दिक्कत है। (संवाद)