फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Several tractor-trolleys belonging to Lakhan are also engaged in illegal mining.

Farrukhabad News: लाखन के भी अवैध खनन में लगे हैं कई ट्रैक्टर-टॉली

Sat, 20 Jun 2026 12:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
Several tractor-trolleys belonging to Lakhan are also engaged in illegal mining.
फर्रुखाबाद। खनन अधिकारी के साथ पकड़ा गया उनके रिश्ते का भांजा व निजी चालक लाखन भी अवैध खनन के कारोबार से जुड़ा है। उसके कई ट्रैक्टर-ट्रॉली इस काम में लगे हैं। इससे होने वाली कमाई में वह अपने मामा खनन अधिकारी को हिस्सा देता था। खनन अधिकारी भी उस पर पूरा विश्वास करते थे। इसके चलते ही वह रुपये का लेनदेन उसके माध्यम से ही करते थे। इसके अलावा पंकज नाम का एक युवक भी खनन अधिकारी के साथ रहता था। अवैध खनन होने की शिकायत पर वह ही खनन अधिकारी के साथ मौके पर जाता था। ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ने के नाम पर होने वाली अवैध वसूली उसी पंकज के माध्यम से होती थी। पर वह विजिलेंस टीम के हाथ नहीं आया। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की कार्रवाई से कुछ देर पहले ही आवास से चला गया था। ।
विज्ञापन



आवास में पांच लाख की नकदी होने की चर्चा, दलालों को रुपये डूबने की चिंता
खनन अधिकारी के पकड़े जाने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। इस बीच लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि आवास में पांच लाख रुपये रखे हैं। इस पर कोई कुछ बोलने का तैयार नहीं था। बाद उनके आवास में ताला डाल दिया गया। खनन अधिकारी का परिवार बाहर रहता है। खनन अधिकारी संजय प्रताप के पकड़े जाने के बाद कई दलाल कोतवाली पहुंच गए। वह खनन अधिकारी के बारे में जानकारी करते रहे। कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्होंने अवैध खनन के लिए खनन अधिकारी रुपये दे दिए थे और वह खनन शुरू नहीं कर सके थे। इससे उन्हें उन्हें रुपये डूबने की चिंता सता रही है।
विज्ञापन

----------------
अनुमति 100 घन मीटर की और खनन होता बेहिसाब
खनन की अनुमति में भी खेल होता है। माफिया 100 घन मीटर खनन करने की अनुमति ले लेता है। उसके बाद बेहिसाब रात-दिन जेसीबी से खनन कराने में जुट जाता है। इस खेल की कीमत माफिया रिश्वत देकर चुकाता है। इससे खनन अधिकारी मौके पर जाकर देखने तक की जहमत नहीं उठाते कि 100 घन मीटर से अधिक तो खनन नहीं हुआ है। अनुमति लेने के बाद जो माफिया चढ़ावा नहीं चढ़ाता है उसके वाहनों को ही पकड़ लिया जाता है। बाद में हिसाब होने पर मामला रफादफा हो जाता है, खनना जारी रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------

एक साथ चार आवेदन करने से शिकायतकर्ता भी जांच के दायरे में
शिकायतकर्ता आदेश ने खनन के लिए एक साथ चार आवेदन किए। सभी 100-100 घनमीटर के थे। इससे उसकी मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दो ट्रैक्टर से खनन कराने की बात फोन पर पूछने पर आदेश ने बताया कि वह अपने नहीं किराये पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चलवाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed