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सातवें दिन अनशनकारियों का परीक्षण, हालत गंभीर
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 29 Mar 2015 11:51 PM IST
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विद्युत शवदाह गृह और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर आमरण अनशन कर रहे
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सर्वोदयी नेताओं का सातवें दिन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अस्पताल में
भर्ती करवाने की आशंका पर लक्ष्मण सिंह ने एंबुलेंस के आगे लेटकर विरोध
जताया। प्रशासन की अनशन खुलवाने की दिन भर चली कवायद नाकाम रही।
रविवार को सुबह 9 बजे सिटी मजिस्ट्रेट एपी सिंह की अगुवाई में फतेहगढ़ कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह और महिला एसओ अर्चना गौतम पुलिस फोर्स के साथ अनशन स्थल पहुंचे। सीएमओ डा. राकेश कुमार के निर्देश पर लोहिया अस्पताल से डा. राजेश तिवारी टीम के साथ पहुंचे। उन्हाेंने अनशनकारियों का परीक्षण कर सिटी मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट सौंपी। इसमें अनशनकारी
फूलप्यारी की हालत चिंताजनक बताई गई। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने समाजवादी एंबुलेंस बुलवाई। उन्होंने लक्ष्मण सिंह से फूलप्यारी को अस्पताल ले जाने को कहा तो वह एंबुलेंस के आगे लेट गए।े कहा कि मांग पूरी होने से पहले कोई भी अनशनकारी यहां से नहीं जाएगा। कहा कि यदि मांगें पूरी न हुई तो यहां से सभी के शव उठेंगे। फतेहगढ़ कोतवाल ने
लक्ष्मण को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। वह पुन: धरना स्थल पर जाकर बैठ गए। इसके बाद डीएम एनकेएस चौहान के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा को बुलाया। दोनों अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वह कई बार आश्वासनों से धोखा खा चुके हैं। इस पर
तहसीलदार प्रहलाद सिंह ने अनशन स्थल पर पहुंचकर उनकी शिकायत को सही ठहराया। कहा कि ग्रामीणों के खेतों में आईटीआई और बाजार का निर्माण हो रहा है। यह अवैध है। सिटी मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार को इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शाम को एक बार फिर अधिकारी अनशनस्थल पर पहुंचे। सभी मांगों के निस्तारण के लिए 2 अप्रैल तक का समय
देने को कहा। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वह वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मशविरा करेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो वह सोमवार को अनशन समाप्त कर देंगे। अनशन समाप्त करने के बाद भी वह 2 अप्रैल तक कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाले रहेंगे।
उन्होंने बताया कि अनशन के संबंध में उनकी अन्ना हजारे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात हो गई है। जरूरत पड़ी तो महाराष्ट्र और अन्य प्रदेशों से लोग आकर अनशन पर बैठेंगे। उधर डीएम एनकेएस चौहान ने अनशन को अवैध घोषित किया है।
रविवार को सुबह 9 बजे सिटी मजिस्ट्रेट एपी सिंह की अगुवाई में फतेहगढ़ कोतवाल कुंवर बहादुर सिंह और महिला एसओ अर्चना गौतम पुलिस फोर्स के साथ अनशन स्थल पहुंचे। सीएमओ डा. राकेश कुमार के निर्देश पर लोहिया अस्पताल से डा. राजेश तिवारी टीम के साथ पहुंचे। उन्हाेंने अनशनकारियों का परीक्षण कर सिटी मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट सौंपी। इसमें अनशनकारी
फूलप्यारी की हालत चिंताजनक बताई गई। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने समाजवादी एंबुलेंस बुलवाई। उन्होंने लक्ष्मण सिंह से फूलप्यारी को अस्पताल ले जाने को कहा तो वह एंबुलेंस के आगे लेट गए।े कहा कि मांग पूरी होने से पहले कोई भी अनशनकारी यहां से नहीं जाएगा। कहा कि यदि मांगें पूरी न हुई तो यहां से सभी के शव उठेंगे। फतेहगढ़ कोतवाल ने
लक्ष्मण को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। वह पुन: धरना स्थल पर जाकर बैठ गए। इसके बाद डीएम एनकेएस चौहान के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा को बुलाया। दोनों अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वह कई बार आश्वासनों से धोखा खा चुके हैं। इस पर
तहसीलदार प्रहलाद सिंह ने अनशन स्थल पर पहुंचकर उनकी शिकायत को सही ठहराया। कहा कि ग्रामीणों के खेतों में आईटीआई और बाजार का निर्माण हो रहा है। यह अवैध है। सिटी मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार को इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शाम को एक बार फिर अधिकारी अनशनस्थल पर पहुंचे। सभी मांगों के निस्तारण के लिए 2 अप्रैल तक का समय
देने को कहा। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वह वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मशविरा करेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो वह सोमवार को अनशन समाप्त कर देंगे। अनशन समाप्त करने के बाद भी वह 2 अप्रैल तक कलेक्ट्रेट में ही डेरा डाले रहेंगे।
उन्होंने बताया कि अनशन के संबंध में उनकी अन्ना हजारे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात हो गई है। जरूरत पड़ी तो महाराष्ट्र और अन्य प्रदेशों से लोग आकर अनशन पर बैठेंगे। उधर डीएम एनकेएस चौहान ने अनशन को अवैध घोषित किया है।