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Farrukhabad News: 269 आढ़तियों के लाइसेंस प्रपत्र ले गए सचिव, नवीनीकरण फंसा
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फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी में 269 आढ़तियों की फीस जमा होने के बाद भी लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किया गया। फर्जीवाड़े में फंसे तत्कालीन सचिव मंडी का चार्ज छिनने के बाद प्रपत्र भी लेकर चले गए। इससे आढ़ती परेशान हैं।
शहर की सातनपुर मंडी में करीब 1300 आढ़ती पंजीकृत हैं। 30 जून तक लाइसेंस का नवीनीकरण होना था। इससे आढ़तियों ने नवीनीकरण के लिए पत्रावली व फीस जमा करनी शुरू की। फिर खेल शुरू हुआ तो 250 रुपये नवीनीकरण फीस के साथ 2500 से 3000 रुपये अवैध वसूली शुरू हो गई। जिसने रुपये दिए उसका लाइसेंस नवीनीकरण हो गया, जिसने नहीं दिए वह लाइसेंस अधर में लटक गए।
लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली की मुख्यमंत्री से शिकायत भी की गई। द्वितीयक पर्ची के फर्जीवाड़े में फसे तत्कालीन सचिव पर कार्रवाई की तलवार लटकी तो वह आढ़तियों की फिक्र किए बिना ही 29 जून की रात चले गए। तीन जुलाई को उनके पास से मंडी का चार्ज भी छिन गया है। इससे फीस व सुविधा शुल्क जमा होने के बाद भी नवीनीकरण के लिए आढ़ती परेशान घूम रहे हैं।
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मंडी प्रभारी सचिव सूरज सक्सेना ने बताया कि पोर्टल पर 269 लाइसेंस की फीस जमा होने के बावजूद तत्कालीन सचिव द्वारा डीएससी न लगाए जाने से नवीनीकरण लंबित है। प्रपत्र भी वह कार्यालय में नहीं छोड़ गए। करीब 160 लाइसेंस नवीनीकरण हुए हैं। उन्होंने खंड प्रभारियों से लाइसेंस नवीनीकरण की सूचना मांगी है। जिस आढ़ती के पूरे प्रपत्र मिलेंगे, उसका लाइसेंस नवीनीकरण किया जाएगा।
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शहर की सातनपुर मंडी में करीब 1300 आढ़ती पंजीकृत हैं। 30 जून तक लाइसेंस का नवीनीकरण होना था। इससे आढ़तियों ने नवीनीकरण के लिए पत्रावली व फीस जमा करनी शुरू की। फिर खेल शुरू हुआ तो 250 रुपये नवीनीकरण फीस के साथ 2500 से 3000 रुपये अवैध वसूली शुरू हो गई। जिसने रुपये दिए उसका लाइसेंस नवीनीकरण हो गया, जिसने नहीं दिए वह लाइसेंस अधर में लटक गए।
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लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली की मुख्यमंत्री से शिकायत भी की गई। द्वितीयक पर्ची के फर्जीवाड़े में फसे तत्कालीन सचिव पर कार्रवाई की तलवार लटकी तो वह आढ़तियों की फिक्र किए बिना ही 29 जून की रात चले गए। तीन जुलाई को उनके पास से मंडी का चार्ज भी छिन गया है। इससे फीस व सुविधा शुल्क जमा होने के बाद भी नवीनीकरण के लिए आढ़ती परेशान घूम रहे हैं।
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मंडी प्रभारी सचिव सूरज सक्सेना ने बताया कि पोर्टल पर 269 लाइसेंस की फीस जमा होने के बावजूद तत्कालीन सचिव द्वारा डीएससी न लगाए जाने से नवीनीकरण लंबित है। प्रपत्र भी वह कार्यालय में नहीं छोड़ गए। करीब 160 लाइसेंस नवीनीकरण हुए हैं। उन्होंने खंड प्रभारियों से लाइसेंस नवीनीकरण की सूचना मांगी है। जिस आढ़ती के पूरे प्रपत्र मिलेंगे, उसका लाइसेंस नवीनीकरण किया जाएगा।