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139 विद्यालय भवनों के जर्जर होने का सत्यापन लटका
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फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के 33 विद्यालयों का दो साल और 106 भवनों का सत्यापन चार माह में नहीं हो पाया है। इससे इन भवनों में कितने जर्जर और मरम्मत योग्य है। इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग के जर्जर विद्यालय भवनों को चिह्नित कर जर्जर घोषित कराने का कार्य शुरू हुआ था। ताकि जर्जर विद्यालय भवनों को गिरवाया जा सके और मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत कराई जाए। इसके लिए वर्ष 2019 में जिले में 91 विद्यालय भवनों को चिह्नित कर सूची तैयार हुई थी। बीएसए ने सत्यापन के लिए लोक निर्माण विभाग को भेजी थी। वर्ष 2020 के अंतिम माह में पीडब्लूडी ने 91 में से 58 विद्यालय भवनों की सूची बीएसए को सत्यापन कर दी थी। इसमें 42 विद्यालय भवन जर्जर और 16 मरम्मत योग्य घोषित किए गए थे। डीएम की अनुमति के बाद 42 विद्यालयों के जर्जर भवनों की नीलामी करा कर गिरवाने का काम फरवरी 2021 में शुरू कराया गया।
इसमें अधिकांश जर्जर घोषित विद्यालय भवनों की नीलामी हो चुुकी है और भवनों को गिरा दिया गया है। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद के आदेश पर जनवरी 2021 में खंड शिक्षा अधिकारियों से फिर से जर्जर विद्यालय भवनों की रिपोर्ट बीएसए से मांगी थी। जिले में फिर से 106 विद्यालय भवनों को चिह्नित कर जर्जर और मरम्मत योग्य घोषित करने के लिए सूची फरवरी के प्रथम सप्ताह में पीडब्लूडी को भेजी गई थी। इसके साथ ही पूर्व के चिह्नित 33 विद्यालय भवनों की भी सूची पीडब्लूडी को सत्यापन के लिए दी गई थी। अभी पीडब्लूडी की ओर से किसी भी विद्यालय की स्थिति संबंधी रिपोर्ट बीएसए को नहीं दी है। जिससे 139 स्कूल भवनों का सत्यापन लटका हुआ है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि पीडब्लूडी से अभी तक विद्यालय भवनों के सत्यापन की रिपोर्ट नहीं आई है। पीडब्लूडी एक्सईएन को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग के जर्जर विद्यालय भवनों को चिह्नित कर जर्जर घोषित कराने का कार्य शुरू हुआ था। ताकि जर्जर विद्यालय भवनों को गिरवाया जा सके और मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत कराई जाए। इसके लिए वर्ष 2019 में जिले में 91 विद्यालय भवनों को चिह्नित कर सूची तैयार हुई थी। बीएसए ने सत्यापन के लिए लोक निर्माण विभाग को भेजी थी। वर्ष 2020 के अंतिम माह में पीडब्लूडी ने 91 में से 58 विद्यालय भवनों की सूची बीएसए को सत्यापन कर दी थी। इसमें 42 विद्यालय भवन जर्जर और 16 मरम्मत योग्य घोषित किए गए थे। डीएम की अनुमति के बाद 42 विद्यालयों के जर्जर भवनों की नीलामी करा कर गिरवाने का काम फरवरी 2021 में शुरू कराया गया।
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इसमें अधिकांश जर्जर घोषित विद्यालय भवनों की नीलामी हो चुुकी है और भवनों को गिरा दिया गया है। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद के आदेश पर जनवरी 2021 में खंड शिक्षा अधिकारियों से फिर से जर्जर विद्यालय भवनों की रिपोर्ट बीएसए से मांगी थी। जिले में फिर से 106 विद्यालय भवनों को चिह्नित कर जर्जर और मरम्मत योग्य घोषित करने के लिए सूची फरवरी के प्रथम सप्ताह में पीडब्लूडी को भेजी गई थी। इसके साथ ही पूर्व के चिह्नित 33 विद्यालय भवनों की भी सूची पीडब्लूडी को सत्यापन के लिए दी गई थी। अभी पीडब्लूडी की ओर से किसी भी विद्यालय की स्थिति संबंधी रिपोर्ट बीएसए को नहीं दी है। जिससे 139 स्कूल भवनों का सत्यापन लटका हुआ है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि पीडब्लूडी से अभी तक विद्यालय भवनों के सत्यापन की रिपोर्ट नहीं आई है। पीडब्लूडी एक्सईएन को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा।
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