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बसें सरेंडर करने में आनाकानी करने पर ट्रांसपोर्टरों का हंगामा
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फर्रुखाबाद। टैक्स माफी के लिए बसें सरेंडर करने को लेकर मंगलवार देर रात व बुधवार सुबह बस मालिकों व ट्रांसपोर्टरों ने एआरटीओ कार्यालय में हंगामा कर दिया। कर्मचारियों पर फीडिंग के नाम पर रिश्वत की मांगने का आरोप लगाया। इसको लेकर जिला टूरिस्ट बस आनर्स एसोसियेशन के पदाधिकारियों ने एआरटाओ से शिकायत की। एआरटीओ के हस्तक्षेप के बाद सरेंडर बसों की फाइलें फीड की गईं।
आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय में मंगलवार शाम को कर्मचारियों ने बस सरेंडर संबंधी फाइलें लेकर आए मालिकों से रिश्वत की मांग कर दी। एक बस के सरेंडर फीडिंग के 500 रुपये मांगे जा रहे थे। इसको लेकर बस मालिक हंगामा करते रहे। रात 12 बजे तक आफिस खुला रहा और रोडवेज बसों की फीडिंग का काम चलता रहा। बाद में एक निश्चित रकम पर पत्रावली फीड करने की बात तय हो गई।
बुधवार सुबह तक निर्धारित रकम न मिलने पर फीडिंग का काम शुरू नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टरों व जिला टूरिस्ट बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी अनिल शुक्ला, राजू, बीपी सिंह, गुंजन अग्निहोत्री, आकाश राठौर, सुनील यादव, राहुुल यादव ने फिर हंगामा किया। साथ ही मामले की शिकायत एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय से की। एआरटीओ के हस्तक्षेप से फीडिंग का काम शुरू करा दिया गया। शाम तक 111 बसों की सरेंडर की पत्रावली फीड कर दी गईं। इनमें 56 प्राइवेट, 46 रोडवेज, 9 अनुबंधित बसें शामिल हैं।
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एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि मंगलवार को फीडिंग की अंतिम तारीख थी। रात एक बजे तक काम चलता रहा था। बुधवार को बस मालिक व ट्रांसपोर्टर फीडिंग की स्लिप लेने के लिए आए थे। किसी से कोई रिश्वत की बात नहीं की गई थी। दस वाहन मालिक उनके पास में स्लिप लेने के लिए आए थे। अगर किसी को शिकायत थी तो वह उनके पास आकर कह सकता था।
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आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय में मंगलवार शाम को कर्मचारियों ने बस सरेंडर संबंधी फाइलें लेकर आए मालिकों से रिश्वत की मांग कर दी। एक बस के सरेंडर फीडिंग के 500 रुपये मांगे जा रहे थे। इसको लेकर बस मालिक हंगामा करते रहे। रात 12 बजे तक आफिस खुला रहा और रोडवेज बसों की फीडिंग का काम चलता रहा। बाद में एक निश्चित रकम पर पत्रावली फीड करने की बात तय हो गई।
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बुधवार सुबह तक निर्धारित रकम न मिलने पर फीडिंग का काम शुरू नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टरों व जिला टूरिस्ट बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी अनिल शुक्ला, राजू, बीपी सिंह, गुंजन अग्निहोत्री, आकाश राठौर, सुनील यादव, राहुुल यादव ने फिर हंगामा किया। साथ ही मामले की शिकायत एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय से की। एआरटीओ के हस्तक्षेप से फीडिंग का काम शुरू करा दिया गया। शाम तक 111 बसों की सरेंडर की पत्रावली फीड कर दी गईं। इनमें 56 प्राइवेट, 46 रोडवेज, 9 अनुबंधित बसें शामिल हैं।
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एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि मंगलवार को फीडिंग की अंतिम तारीख थी। रात एक बजे तक काम चलता रहा था। बुधवार को बस मालिक व ट्रांसपोर्टर फीडिंग की स्लिप लेने के लिए आए थे। किसी से कोई रिश्वत की बात नहीं की गई थी। दस वाहन मालिक उनके पास में स्लिप लेने के लिए आए थे। अगर किसी को शिकायत थी तो वह उनके पास आकर कह सकता था।