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बढ़ती तपिश में रोजेदारों का होगा इम्तिहान
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फर्रुखाबाद। रमजान का चांद अगर शनिवार देर रात तक दिख जाता है, तो रमजान-उल-मुबारक का पहला रोजा रविवार को रखा जाएगा। बढ़ती तपिश के बीच रमजान के महीने में रोजेदार रोजा रखेंगे। पहला रोजा 14 घंटा तीन मिनट और आखिरी रोजा 14 घंटा 45 मिनट का होगा।
अल्लाह की इबादत के लिए पाक रमजान माह शुरू होने से पहले ही मुस्लिम समाज के लोग तैयारियों में जुटे हैं। महिलाएं, बच्चे व पुरुष अपने-अपने तरीके से रमजान की तैयारी कर रहे हैं।
कोई रमजान में रोजा खोलने के लिए रंग-बिरंगी इफ्तारी खरीद कर ला रहा है, तो कोई रमजान में रोजा खोलते वक्त इफ्तियारी रखने वाले बर्तन खरीद रहा है।
सबसे ज्यादा उत्साहित वह बच्चे हैं, जो इस बार पहला रोजा रखकर एक दूसरे को इफ्तार कराएंगे। मुस्लिम समाज में रमजान-उल-मुबारक का महीना पाक माना जाता है। इसमें जितनी नेकी करोगे उससे 70 गुना ज्यादा शबाब मिलेगा।
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रमजान में तरावीह की नमाज की खासी अहमियत है। यह नमाज सिर्फ वो पढ़ेगा, जो हाफिज-ए-कुरान होगा। इसको देखते हुए शहर व गांवों की मस्जिदों में हाफिज मुकर्रर किए जाने लगे हैं।
रमजान से पहले शहर और गांवों की मस्जिदें सजाई गईं हैं। रमजान में गर्मी की तपिश को देखते हुए रोजेदारों को नमाज पढ़ते वक्त ठंडक देने के लिए मस्जिदों में पंखे, कूलर व एसी लगवाने का काम भी चल रहा है।
रमजान को देखते हुए बाजार में टोपी, जा-नमाज व इफ्तियारी की दुकानें सजने लगी हैं। इस बार रोजदारों में ओवैसी टोपी, मौलाना साद टोपी, गाजी टोपी की खासी मांग है। इन टोपियों के दाम क्रमश: 120, 80 और 130 रुपये हैं। घरों में इबादत करने के लिए जा-नमाज भी कई तरह के हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से 1000 रुपये तक है।
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अल्लाह की इबादत के लिए पाक रमजान माह शुरू होने से पहले ही मुस्लिम समाज के लोग तैयारियों में जुटे हैं। महिलाएं, बच्चे व पुरुष अपने-अपने तरीके से रमजान की तैयारी कर रहे हैं।
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कोई रमजान में रोजा खोलने के लिए रंग-बिरंगी इफ्तारी खरीद कर ला रहा है, तो कोई रमजान में रोजा खोलते वक्त इफ्तियारी रखने वाले बर्तन खरीद रहा है।
सबसे ज्यादा उत्साहित वह बच्चे हैं, जो इस बार पहला रोजा रखकर एक दूसरे को इफ्तार कराएंगे। मुस्लिम समाज में रमजान-उल-मुबारक का महीना पाक माना जाता है। इसमें जितनी नेकी करोगे उससे 70 गुना ज्यादा शबाब मिलेगा।
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रमजान में तरावीह की नमाज की खासी अहमियत है। यह नमाज सिर्फ वो पढ़ेगा, जो हाफिज-ए-कुरान होगा। इसको देखते हुए शहर व गांवों की मस्जिदों में हाफिज मुकर्रर किए जाने लगे हैं।
रमजान से पहले शहर और गांवों की मस्जिदें सजाई गईं हैं। रमजान में गर्मी की तपिश को देखते हुए रोजेदारों को नमाज पढ़ते वक्त ठंडक देने के लिए मस्जिदों में पंखे, कूलर व एसी लगवाने का काम भी चल रहा है।
रमजान को देखते हुए बाजार में टोपी, जा-नमाज व इफ्तियारी की दुकानें सजने लगी हैं। इस बार रोजदारों में ओवैसी टोपी, मौलाना साद टोपी, गाजी टोपी की खासी मांग है। इन टोपियों के दाम क्रमश: 120, 80 और 130 रुपये हैं। घरों में इबादत करने के लिए जा-नमाज भी कई तरह के हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से 1000 रुपये तक है।