{"_id":"65205042001f273cf3069986","slug":"robbers-got-bail-on-fake-police-report-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1019-3749-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: लुटेरों ने पुलिस की फर्जी आख्या पर कराई जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: लुटेरों ने पुलिस की फर्जी आख्या पर कराई जमानत
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। मां-बेटी से लूट के दो आरोपियों ने पुलिस की फर्जी आख्या कोर्ट में पेश कर जमानत करवाई थी। कोर्ट ने दोनों की जमानत को शून्य करार कर उनको जेल भेजने के आदेश दिए।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला सरदार खां निवासी मनोज गंगवार ने 30 अगस्त 2022 को बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि मां उर्मिला व बेटी आस्था घर पर थी। उसी दौरान दो युवक पीतल के बर्तन चमकाने की बात कहते हुए घर के बाहर आए। युवकों ने बर्तन चमकाने के दौरान मां के हाथ की सोने की चूड़ी व सोने की चेन छीन ली थी। पुलिस ने संजय शाह, दिलीप शाह, गौतम शाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट से तीनों की जमानत हो गई।
उसके बाद से तीनों कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। 30 अगस्त को कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। आरोपी संजय शाह की ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जमानतगीरों को प्रस्तुत करने के आदेश दिए। शुक्रवार को संजय शाह के जमानतगीर नहीं आए।
विज्ञापन
दिलीप शाह के संबंध में जमानतगीर व आरोपी के नाम पते पर राज्य बिहार, जिला कटिहार गांव बरारी लिखा गया। आरोपी संजय शाह व गौतम शाह के पुलिस सत्यापन रिपोर्ट में जनपद कटिहार लिखा है। जबकि, बिहार में जनपद नहीं जिला लिखा जाता है। संजय शाह व गौतम शाह की पुलिस आख्या फर्जी पाई गई।
संजय शाह के जमानतगीर कैलाश ने नवाबगंज के आरोपी शशि कपूर व थाना मऊरवाजा के मुकदमे में नीलकमल की जमानत पहले से ले रखी थी। एक जमानत में कैलाश ने मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव गोसरपुर व दूसरी जमानत में शहर कोतवाली के मोहल्ला सातनपुर पता दर्शाया है।
संजय शाह की जमानत में कैलाश ने पता सातनपुर मंडी दर्शा रखा है। एक जमानत पर वकील बृजेश कुमार मिश्र व संजय की जमानत में वकील बृजेश कुमार की मोहर लगी पाई गई। तीनों मामलों में संजय शाह व गौतम शाह के द्वारा फर्जी सत्यापन के आधार पर जमानत स्वीकृत करवाई गई। धोखाधड़ी करके जमानत प्राप्त करने का आदेश शून्य हो जाता है। कोर्ट ऐसे आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं है। कोर्ट ने संजय शाह व गौतम शाह को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भिजवा दिया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 17 अक्तूबर की तिथि तय की है।
एसपी अपने स्तर से जांच कर दर्ज कराए मुकदमे
कोर्ट ने आदेश की एक प्रतिलिपि एसपी विकास कुमार को भेजने के आदेश दिए। एसपी को अपने स्तर से जांच करवाकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर गहनता से गुणवत्तापूर्ण विवेचना कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए कहा है कि जमानतियों का सत्यापन करते समय यह मालूम हो जाए कि उनके द्वारा पूर्व में कितनी बार और किन-किन लोगों की जमानत ले रखी है।
मऊदरवाजा एसओ व तहसील से मांगी आख्या
कोर्ट ने इस मामले में मऊदरवाजा एसओ व तहसील सदर को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजकर सत्यापन तस्दीक करने की बात कही। कहा कि एसओ व सदर तहसील में आरोपी संजय शाह व गौतम शाह के जमानत की सत्यापन आख्या उनके द्वारा की गई कि या फर्जी व कूटरचित हैं। जमानतगीरों ने इससे पहले किन मुकदमों में जमानत ली है।
बार व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बताए वकील एक या दो
कोर्ट ने बार एसोसिएशन व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजने के आदेश दिए हैं। इसमें पूछा है कि वकील बृजेश कुमार मिश्र व बृजेश कुमार एक ही व्यक्ति हैं या अलग-अलग। क्या दोनों वकील बार में अलग-अलग पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला सरदार खां निवासी मनोज गंगवार ने 30 अगस्त 2022 को बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि मां उर्मिला व बेटी आस्था घर पर थी। उसी दौरान दो युवक पीतल के बर्तन चमकाने की बात कहते हुए घर के बाहर आए। युवकों ने बर्तन चमकाने के दौरान मां के हाथ की सोने की चूड़ी व सोने की चेन छीन ली थी। पुलिस ने संजय शाह, दिलीप शाह, गौतम शाह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट से तीनों की जमानत हो गई।
विज्ञापन
उसके बाद से तीनों कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। 30 अगस्त को कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। आरोपी संजय शाह की ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जमानतगीरों को प्रस्तुत करने के आदेश दिए। शुक्रवार को संजय शाह के जमानतगीर नहीं आए।
विज्ञापन
दिलीप शाह के संबंध में जमानतगीर व आरोपी के नाम पते पर राज्य बिहार, जिला कटिहार गांव बरारी लिखा गया। आरोपी संजय शाह व गौतम शाह के पुलिस सत्यापन रिपोर्ट में जनपद कटिहार लिखा है। जबकि, बिहार में जनपद नहीं जिला लिखा जाता है। संजय शाह व गौतम शाह की पुलिस आख्या फर्जी पाई गई।
संजय शाह के जमानतगीर कैलाश ने नवाबगंज के आरोपी शशि कपूर व थाना मऊरवाजा के मुकदमे में नीलकमल की जमानत पहले से ले रखी थी। एक जमानत में कैलाश ने मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव गोसरपुर व दूसरी जमानत में शहर कोतवाली के मोहल्ला सातनपुर पता दर्शाया है।
संजय शाह की जमानत में कैलाश ने पता सातनपुर मंडी दर्शा रखा है। एक जमानत पर वकील बृजेश कुमार मिश्र व संजय की जमानत में वकील बृजेश कुमार की मोहर लगी पाई गई। तीनों मामलों में संजय शाह व गौतम शाह के द्वारा फर्जी सत्यापन के आधार पर जमानत स्वीकृत करवाई गई। धोखाधड़ी करके जमानत प्राप्त करने का आदेश शून्य हो जाता है। कोर्ट ऐसे आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं है। कोर्ट ने संजय शाह व गौतम शाह को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भिजवा दिया। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 17 अक्तूबर की तिथि तय की है।
एसपी अपने स्तर से जांच कर दर्ज कराए मुकदमे
कोर्ट ने आदेश की एक प्रतिलिपि एसपी विकास कुमार को भेजने के आदेश दिए। एसपी को अपने स्तर से जांच करवाकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर गहनता से गुणवत्तापूर्ण विवेचना कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए कहा है कि जमानतियों का सत्यापन करते समय यह मालूम हो जाए कि उनके द्वारा पूर्व में कितनी बार और किन-किन लोगों की जमानत ले रखी है।
मऊदरवाजा एसओ व तहसील से मांगी आख्या
कोर्ट ने इस मामले में मऊदरवाजा एसओ व तहसील सदर को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजकर सत्यापन तस्दीक करने की बात कही। कहा कि एसओ व सदर तहसील में आरोपी संजय शाह व गौतम शाह के जमानत की सत्यापन आख्या उनके द्वारा की गई कि या फर्जी व कूटरचित हैं। जमानतगीरों ने इससे पहले किन मुकदमों में जमानत ली है।
बार व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बताए वकील एक या दो
कोर्ट ने बार एसोसिएशन व अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजने के आदेश दिए हैं। इसमें पूछा है कि वकील बृजेश कुमार मिश्र व बृजेश कुमार एक ही व्यक्ति हैं या अलग-अलग। क्या दोनों वकील बार में अलग-अलग पंजीकृत हैं।