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Farrukhabad News: रास्ते बंद, चारे के लिए 14 किमी दूर जा रहे ग्रामीण

Thu, 27 Aug 2026 12:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:44 AM IST
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Roads blocked; villagers traveling 14 km for fodder.
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बुधवार को पांच सेंटीमीटर कम हुआ है फिर भी खतरे के निशान 137.10 मीटर पर है। बाढ़ का पानी भरने से कई गांव के मार्ग बंद हो गए हैं। खेतों में पानी भरा होने से पशुओं के चारे का संकट है। ग्रामीण चारे के लिए 14 किलो मीटर दूर जाने को मजबूर हैं।
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पहाड़ों पर बारिश होने से गंगा में बांधों से पानी छोड़े जाने से जलस्तर खतरे के निशान पर है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 137.15 मीटर से घटकर 137.10 मीटर पर पहुंचा। वहीं, नरौरा बाढ़ से 1,16,512 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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इटावा-बरेली हाईवे मार्ग से बदनपुर, कनकापुर, तेरा, दहलिया आदि कई गांवों को जाने वाले मार्ग पर पानी का तेज बहाव है। ग्रामीण पैदल ही बड़ी मुश्किल से निकल पा रहे हैं। हरिहरपुर, भाऊपुर चौरासी, दौलतपुर चकई, कुसुमापुर, फखरपुर, बनासीपुर, किराचन, नगला खुशहाली, चौरा मार्ग पानी बहने के कारण बंद हैं।
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लायकपुर, उदयपुर, नगरिया, जवाहर, रामपुर, जोगराजपुर, अंबरपुर आदि के तेजराम, रामसेवक, मंसाराम, अनवर, रामनिवास, विष्णु आदि ने बताया कि खेतों में चारों ओर पानी भरा है। खेतों में खड़ा हरा चारा खराब हो गया। पशुओं को जीवित रखने के लिए 10 से 14 किलो मीटर शाहजहांपुर जिले के खेतों से घास काट कर ला रहे हैं। घास लेने के लिए घर से सुबह आठ बजे निकलते हैं, दोपहर के बाद ही घर पहुंच पाते हैं। वहीं, रामगंगा का जलस्तर 136.25 मीटर से कम होकर 136.10 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 4856 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

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नाव मिली, नाविक नहीं
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की ओर से नावें भेजी गई हैं लेकिन कई स्थानों पर नाविक नहीं हैं। इससे कई जगह बच्चे नाव चला कर अपने परिवार को पार करा रहे हैं। गांव उदयपुर, आशा की मड़ैया में नाव को बच्चे चला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव वाले पानी में नाव चलाना आसान नहीं है। प्रशासन ने ठेकेदार से नाव तो भिजवा दी लेकिन नाव चलाने वाला नहीं है। मोटरबोट को छोड़ कर किसी भी नाव पर लाइफ जैकेट नहीं है। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि सभी नाव के साथ नाविक भेजे गए हैं।
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