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सुसाइड नोट मिलने के बाद भी पुलिस ने दर्ज नहीं किया मुकदमा
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फर्रुखाबाद। डेढ़ माह पूर्व आईटीआई छात्र के आत्महत्या करने के मामले में सुसाइड नोट मिलने पर भी पुलिस ने आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा दर्ज नहीं किया। इससे परेशान पिता ने नगरपालिका अध्यक्ष के पति व पूर्व एमएलसी के साथ सोमवार को एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
बंधौआ निवासी प्रभुदयाल अंबेडकर के 22 वर्षीय पुत्र अभिषेक ने 27 जुलाई की रात कमरे में फांसी लगा ली थी। अभिषेक आईटीआई का प्रथम वर्ष का छात्र था। 28 जुुलाई को अभिषेक का सुसाइड नोट परिजनों को मिला। पिता प्रभुदयाल ने सुसाइड नोट लगाकर मोहल्ले की उसकी प्रेमिका, उसके तीन भाई, पिता व भाभी के खिलाफ पुत्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की तहरीर दी थी।
तत्कालीन कोतवाल जसवंत सिंह ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया था। डेढ़ माह बीतने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। सोमवार को पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल प्रभुदयाल को साथ लेकर एसपी डॉ. अनिल मिश्र से मिले। एसपी ने जांच सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड को देकर कार्रवाई का भरोसा दिया।
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बंधौआ निवासी प्रभुदयाल अंबेडकर के 22 वर्षीय पुत्र अभिषेक ने 27 जुलाई की रात कमरे में फांसी लगा ली थी। अभिषेक आईटीआई का प्रथम वर्ष का छात्र था। 28 जुुलाई को अभिषेक का सुसाइड नोट परिजनों को मिला। पिता प्रभुदयाल ने सुसाइड नोट लगाकर मोहल्ले की उसकी प्रेमिका, उसके तीन भाई, पिता व भाभी के खिलाफ पुत्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की तहरीर दी थी।
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तत्कालीन कोतवाल जसवंत सिंह ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया था। डेढ़ माह बीतने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। सोमवार को पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल प्रभुदयाल को साथ लेकर एसपी डॉ. अनिल मिश्र से मिले। एसपी ने जांच सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड को देकर कार्रवाई का भरोसा दिया।
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