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Farrukhabad News: अंतिम दौर में मरम्मत कार्य, जल्द घूमेगा चीनी मिल का पहिया
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कायमगंज। चीनी मिल में नए पेराई सत्र के शुभारंभ के लिए तैयारियां जोरों पर है। मिल हाउस में लगीं मशीनों में 80 प्रतिशत मरम्मत व सफाई का काम पूरा हो चुका है। मिल प्रबंधन ने नवंबर के अंतिम सप्ताह तक पेराई शुरू करने की घोषणा कर दी है।
चीनी मिल का नया पेराई सत्र शुरू कराने के लिए मिल संघ ने 95 लाख रुपये की मंजूरी दी है। मिल हाउस में पुरानी मशीनों का करीब दो माह से मरम्मत कार्य जारी है। किसानों की सुविधा के लिए मिल प्रशासन ने नए पेराई सत्र के शुभारंभ के लिए 23 नवंबर तिथि तय कर दी है। पिछले साल चीनी मिल ने 13 लाख आठ हजार क्विंटल किसानों से गन्ने की खरीद कर पेराई की थी। किसानों से खरीदे गए गन्ने का 47 करोड़ 98 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
पिछले साल किसानों ने 5420 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की पैदावार की थी। इस साल यह रकबा घटा है। इस साल किसानों ने 4561 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार की गई है। इस पर गन्ना विभाग का कहना है कि गंगा में बाढ़ की वजह से इस साल उपज घटी है।
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जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि मिल के प्लांट लगातार चलाने के लिए बेहतर ढंग से मरम्मत कार्य किया जा रहा है। चीनी की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए मिल हाउस में सुधार किए जा रहे हैं। साथ ही इस बार प्लांट सी हेवी मोड पर चलाने के लिए संघ ने निर्देश दिए हैं। इससे चीनी का उत्पादन बढ़ेगा।
मिल संघ को नया पेराई सत्र शुरू करने के लिए 23 नवंबर की सूचना भेजी गई है। अधिकतर मरम्मत का काम हो चुका है। रंगाई-पुताई सहित 20 प्रतिशत काम अंतिम दौर में है।
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चीनी मिल का नया पेराई सत्र शुरू कराने के लिए मिल संघ ने 95 लाख रुपये की मंजूरी दी है। मिल हाउस में पुरानी मशीनों का करीब दो माह से मरम्मत कार्य जारी है। किसानों की सुविधा के लिए मिल प्रशासन ने नए पेराई सत्र के शुभारंभ के लिए 23 नवंबर तिथि तय कर दी है। पिछले साल चीनी मिल ने 13 लाख आठ हजार क्विंटल किसानों से गन्ने की खरीद कर पेराई की थी। किसानों से खरीदे गए गन्ने का 47 करोड़ 98 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
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पिछले साल किसानों ने 5420 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की पैदावार की थी। इस साल यह रकबा घटा है। इस साल किसानों ने 4561 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार की गई है। इस पर गन्ना विभाग का कहना है कि गंगा में बाढ़ की वजह से इस साल उपज घटी है।
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जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि मिल के प्लांट लगातार चलाने के लिए बेहतर ढंग से मरम्मत कार्य किया जा रहा है। चीनी की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए मिल हाउस में सुधार किए जा रहे हैं। साथ ही इस बार प्लांट सी हेवी मोड पर चलाने के लिए संघ ने निर्देश दिए हैं। इससे चीनी का उत्पादन बढ़ेगा।
मिल संघ को नया पेराई सत्र शुरू करने के लिए 23 नवंबर की सूचना भेजी गई है। अधिकतर मरम्मत का काम हो चुका है। रंगाई-पुताई सहित 20 प्रतिशत काम अंतिम दौर में है।