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Farrukhabad News: रामगंगा का जलस्तर 1.15 मीटर बढ़ा, ग्रामीणों की धड़कनें तेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर पर स्थिर है। वहीं रामगंगा के जलस्तर में अचानक 1.15 मीटर की बढ़ोतरी से तटवर्ती ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। ग्रामीणों को भटकने के बाद भी पशुओं के लिए चारा नहीं मिल पा रहा है।
गंगा की बाढ़ से क्षेत्र के 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। पिछले तीन दिन से गंगा के जलस्तर में भले ही बढोतरी नहीं हुई, इसके बावजूद खतरे के निशान पर स्थिर है। मंगलवार को गंगा में नरौरा बांध से एक लाख 32 हजार 846 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे गंंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। पहाड़ों से गंगा में फिर से अधिक पानी छोड़े जाने से ग्रामीण भयभीत हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ, लेकिन जलस्तर बढ़ा तो फिर घरों में पानी घुस जाएगा। करीब एक माह से गांव में पानी भरा होने से परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अपना पेट तो किसी तरह भर भी लेते हैं, लेकिन पशुओं का पेट नहीं भर पा रहे हैं। बाढ़ के पानी होकर कई किमी भटकने के बावजूद पशुओं के लिए चारा, घास आदि नहीं मिल पा रही है।
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प्रशासन चारे की व्यवस्था कर दे, तो पशुओं को मरने से बचाया जा सकता है। भारतीय किसान यूनियन नेता प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांव के पशुओं लिए भूसा की मांग कर चुका है, लेकिन व्यवस्था नहीं हुई है। गंगा की बाढ़ से ग्रामीण करीब एक माह से परेशान हैं। अब रामगंगा का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। रामगंगा का जलस्तर 134.35 मीटर से 115 सेमी बढ़कर 135.50 मीटर पर पहुंच गया है। अचानक जलस्तर बढ़ने से रामगंगा के तटवर्ती गांव के ग्रामीणों को बाढ़ का खौफ सताने लगा है।
लेखापालों को बाढ़ से घिरे गांव का सर्वे करने के दिए आदेश
अमृतपुर तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने लेखपालों को बाढ़ राहत वितरण से छूटे गांवों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस बाढ़ पीड़ित को राशन की जरूरत हो उसे कोटेदार से राशन दिलाएं।
पानी कम होने के बाद भी बाढ़ पीड़ित परेशान
शमसाबाद। बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद दिक्कतें बरकरार हैं। शाहजहांपुर-शमशाबाद मुख्य मार्ग पर चौराहार गांव के सामने दो-दो फुट के हुए गड्ढों में बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। मिर्जापुर के अरुण कुमार की मंगलवार को शमशाबाद से वापस जाते समय बाइक गड्ढे में फंसकर गिर गई। पैदल राहगीरों ने पानी में घुसकर उन्हें बाहर निकाला।
समैचीपुर निवासी निवासी ग्रामीण अपनी बैलगाड़ी से करीब दो किलोमीटर दूर से पशुओं के लिए चारा लाए। साधौ सराय निवासी किसान राम प्रसाद व रामबाबू के घरों में पानी भरा। खेतों में पानी भरा होने से मुख्य मार्ग पर मशीन खड़ी कर मक्का निकाली। कई किसानों की मक्का मुख्य मार्ग पर सूख रही है।
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर पर स्थिर है। वहीं रामगंगा के जलस्तर में अचानक 1.15 मीटर की बढ़ोतरी से तटवर्ती ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। ग्रामीणों को भटकने के बाद भी पशुओं के लिए चारा नहीं मिल पा रहा है।
गंगा की बाढ़ से क्षेत्र के 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। पिछले तीन दिन से गंगा के जलस्तर में भले ही बढोतरी नहीं हुई, इसके बावजूद खतरे के निशान पर स्थिर है। मंगलवार को गंगा में नरौरा बांध से एक लाख 32 हजार 846 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे गंंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। पहाड़ों से गंगा में फिर से अधिक पानी छोड़े जाने से ग्रामीण भयभीत हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ, लेकिन जलस्तर बढ़ा तो फिर घरों में पानी घुस जाएगा। करीब एक माह से गांव में पानी भरा होने से परेशानी झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अपना पेट तो किसी तरह भर भी लेते हैं, लेकिन पशुओं का पेट नहीं भर पा रहे हैं। बाढ़ के पानी होकर कई किमी भटकने के बावजूद पशुओं के लिए चारा, घास आदि नहीं मिल पा रही है।
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प्रशासन चारे की व्यवस्था कर दे, तो पशुओं को मरने से बचाया जा सकता है। भारतीय किसान यूनियन नेता प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांव के पशुओं लिए भूसा की मांग कर चुका है, लेकिन व्यवस्था नहीं हुई है। गंगा की बाढ़ से ग्रामीण करीब एक माह से परेशान हैं। अब रामगंगा का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। रामगंगा का जलस्तर 134.35 मीटर से 115 सेमी बढ़कर 135.50 मीटर पर पहुंच गया है। अचानक जलस्तर बढ़ने से रामगंगा के तटवर्ती गांव के ग्रामीणों को बाढ़ का खौफ सताने लगा है।
लेखापालों को बाढ़ से घिरे गांव का सर्वे करने के दिए आदेश
अमृतपुर तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने लेखपालों को बाढ़ राहत वितरण से छूटे गांवों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस बाढ़ पीड़ित को राशन की जरूरत हो उसे कोटेदार से राशन दिलाएं।
पानी कम होने के बाद भी बाढ़ पीड़ित परेशान
शमसाबाद। बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद दिक्कतें बरकरार हैं। शाहजहांपुर-शमशाबाद मुख्य मार्ग पर चौराहार गांव के सामने दो-दो फुट के हुए गड्ढों में बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। मिर्जापुर के अरुण कुमार की मंगलवार को शमशाबाद से वापस जाते समय बाइक गड्ढे में फंसकर गिर गई। पैदल राहगीरों ने पानी में घुसकर उन्हें बाहर निकाला।
समैचीपुर निवासी निवासी ग्रामीण अपनी बैलगाड़ी से करीब दो किलोमीटर दूर से पशुओं के लिए चारा लाए। साधौ सराय निवासी किसान राम प्रसाद व रामबाबू के घरों में पानी भरा। खेतों में पानी भरा होने से मुख्य मार्ग पर मशीन खड़ी कर मक्का निकाली। कई किसानों की मक्का मुख्य मार्ग पर सूख रही है।