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Farrukhabad News: आबादी में आतिशबाजी के गोदाम, खतरे में लोगों की जान
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फर्रुखाबाद। आबादी क्षेत्र में आतिशबाजी के कई गोदाम हैं, इनमें बड़ी तादाद में आतिशबाजी का भंडारण किया जाता है। दीपावली नजदीक आते ही करोड़ों रुपये की आतिशबाजी तैयार की जा रही है। आबादी के बीच आतिशबाजी के बड़े भंडारण से हादसे का खतरा बरकरार है।
जनपद कन्नौज के कस्बा छिबरामऊ में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को हुए विस्फोट में एक श्रमिक की मौत हो गई। जबकि निकट के घर की दीवारों में दरारें पड़ गईं। इस घटना से जिला प्रशासन को सबक लेने की जरूरत है। जिले में आतिशबाजी भंडारण के लिए प्रशासन ने 19 लोगों को लाइसेंस जारी किया है। जबकि फुटकर बिक्री के लिए 20 लाइसेंस जारी हैं। इनमें कुछ दुकानें व गोदाम बंद भी हैं।
आतिशबाजी के अधिकांश गोदाम शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में आबादी के बीच बनाए गए हैं। वहीं फुटकर विक्रेता इन दिनों पटाखा बनाने में जुटे हैं। थोक विक्रेता आतिशबाजी का स्टॉक करने लगे हैं। उनका लाइसेंस 50 किलो से लेकर 450 किलो बारूद का बना है। जबकि भंडारण इससे काफी अधिक किया जाता है। खास बात यह कि आतिशबाजी के गोदाम के लिए सातनपुर मंडी, देवरामपुर, चांदपुर, खानपुर विजाधर, आजाद नगर, पुराना नखास, ताजपुर रोड मोहम्मदाबाद, महरूपुर सहजू, अचरा खलवारा, शिवरई बरियार, मांझगांव, शमसाबाद, फैजबाग, अचरा आदि में पूर्व में लाइसेंस जारी किए गए।
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लाइसेंस जारी करने के दौरान इन गोदामों के पास भले ही आबादी न रही हो लेकिन इन दिनों अधिकांश गोदाम आबादी के बीच में हैं। इनमें कई क्विंटल बारूद की आतिशबाजी दीपावली पर बेचने के लिए कुछ ही दिनों में भंडारित हो जाएगी। आबादी क्षेत्र में विस्फोट का खतरा बढ़ना स्वाभाविक है। यदि सुरक्षा मानक देखे जाएं तो आबादी के बीच आतिशबाजी के गोदाम जनता के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
लाइट आतिशबाजी के लाइसेंस पर कहीं विस्फोटक तो नहीं बन रहे
दीपावली आने में अब डेढ़ माह ही शेष है। लाइसेंस धारक कारीगर लगाकर आतिशबाजी बनवाने में जुट गए हैं। कई स्थानों पर पटाखे बनाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि दीपावली के कुछ दिन पहले से विस्फोटक आतिशबाजी चोरी-छिपे बनाने का काम किया जाता है। इससे आतिशबाजी बनने के साथ बिक्री भी जल्दी हो जाती है।
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि आतिशबाजी के गोदामों का सत्यापन कराया जाएगा। सभी मानक पूरे कराने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद कन्नौज के कस्बा छिबरामऊ में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को हुए विस्फोट में एक श्रमिक की मौत हो गई। जबकि निकट के घर की दीवारों में दरारें पड़ गईं। इस घटना से जिला प्रशासन को सबक लेने की जरूरत है। जिले में आतिशबाजी भंडारण के लिए प्रशासन ने 19 लोगों को लाइसेंस जारी किया है। जबकि फुटकर बिक्री के लिए 20 लाइसेंस जारी हैं। इनमें कुछ दुकानें व गोदाम बंद भी हैं।
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आतिशबाजी के अधिकांश गोदाम शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में आबादी के बीच बनाए गए हैं। वहीं फुटकर विक्रेता इन दिनों पटाखा बनाने में जुटे हैं। थोक विक्रेता आतिशबाजी का स्टॉक करने लगे हैं। उनका लाइसेंस 50 किलो से लेकर 450 किलो बारूद का बना है। जबकि भंडारण इससे काफी अधिक किया जाता है। खास बात यह कि आतिशबाजी के गोदाम के लिए सातनपुर मंडी, देवरामपुर, चांदपुर, खानपुर विजाधर, आजाद नगर, पुराना नखास, ताजपुर रोड मोहम्मदाबाद, महरूपुर सहजू, अचरा खलवारा, शिवरई बरियार, मांझगांव, शमसाबाद, फैजबाग, अचरा आदि में पूर्व में लाइसेंस जारी किए गए।
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लाइसेंस जारी करने के दौरान इन गोदामों के पास भले ही आबादी न रही हो लेकिन इन दिनों अधिकांश गोदाम आबादी के बीच में हैं। इनमें कई क्विंटल बारूद की आतिशबाजी दीपावली पर बेचने के लिए कुछ ही दिनों में भंडारित हो जाएगी। आबादी क्षेत्र में विस्फोट का खतरा बढ़ना स्वाभाविक है। यदि सुरक्षा मानक देखे जाएं तो आबादी के बीच आतिशबाजी के गोदाम जनता के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
लाइट आतिशबाजी के लाइसेंस पर कहीं विस्फोटक तो नहीं बन रहे
दीपावली आने में अब डेढ़ माह ही शेष है। लाइसेंस धारक कारीगर लगाकर आतिशबाजी बनवाने में जुट गए हैं। कई स्थानों पर पटाखे बनाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि दीपावली के कुछ दिन पहले से विस्फोटक आतिशबाजी चोरी-छिपे बनाने का काम किया जाता है। इससे आतिशबाजी बनने के साथ बिक्री भी जल्दी हो जाती है।
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि आतिशबाजी के गोदामों का सत्यापन कराया जाएगा। सभी मानक पूरे कराने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।