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रामगंगा में डूबा बच्चा,मौत
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:23 PM IST
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आस में बैठे परिजन व ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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पशुओं को रामगंगा में पानी पिलाने गए बालक की डूबने से मौत हो गई। गोताखोरों ने काफी प्रयास के बाद बालक के शव को बरामद किया। बच्चे का शव मिलते ही घटना स्थल पर कोहराम मच गया है।
क्षेत्र के गांव हरपालपुर निवासी राजू सिंह का नौ वर्षीय पुत्र सागर शनिवार दोपहर 12 बजे पशुओं को पानी पिलाने के लिए रामगंगा गया हुआ था। तट पर पशुओं को पानी पिलाते समय उसका पैर फिसल गया और वह रामगंगा के गहरे पानी में समा गया। चीख पुकार की आवाज से कुछ ग्रामीणों को उसके डूबने की जानकारी हुई।
आनन-फानन उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक वह गहरे पानी में समा गया। सूचना पाकर मां राजकुमारी और पिता राजू सिंह उर्फ राजकुमार परिजनो के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। इन्होंने गोताखोरों को बुलवाकर बालक की खोज कराना शुरू कर दिया।
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देर शाम तक बेटे के न मिलने के कारण मां पिता गंगा किनारे बैठकर अपने बेटे के सुरक्षित निकलने की दुआ मांगते रहे। सागर की लाश मिलते ही परिजनों की आस टूट गई। सागर कक्षा 3 का छात्र था। सागर के पिता ने अपने बेटे का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। नतीजतन उसे रामगंगा में ही दफन कर दिया गया।
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क्षेत्र के गांव हरपालपुर निवासी राजू सिंह का नौ वर्षीय पुत्र सागर शनिवार दोपहर 12 बजे पशुओं को पानी पिलाने के लिए रामगंगा गया हुआ था। तट पर पशुओं को पानी पिलाते समय उसका पैर फिसल गया और वह रामगंगा के गहरे पानी में समा गया। चीख पुकार की आवाज से कुछ ग्रामीणों को उसके डूबने की जानकारी हुई।
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आनन-फानन उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक वह गहरे पानी में समा गया। सूचना पाकर मां राजकुमारी और पिता राजू सिंह उर्फ राजकुमार परिजनो के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। घटना की सूचना थाना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। इन्होंने गोताखोरों को बुलवाकर बालक की खोज कराना शुरू कर दिया।
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देर शाम तक बेटे के न मिलने के कारण मां पिता गंगा किनारे बैठकर अपने बेटे के सुरक्षित निकलने की दुआ मांगते रहे। सागर की लाश मिलते ही परिजनों की आस टूट गई। सागर कक्षा 3 का छात्र था। सागर के पिता ने अपने बेटे का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। नतीजतन उसे रामगंगा में ही दफन कर दिया गया।