{"_id":"c9e092f617eefe024ec3700b53d0e8c6","slug":"ramganga-climb-the-increased-risk-of-flooding-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामगंगा के चढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगंगा के चढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ा
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 12 Jul 2015 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से ब्लाक क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का
विज्ञापन
संकट बढ़ गया है। ग्राम सभा बिचपुरिया और ग्राम सभा खरगपुर के पास लगी
परकोपाईन डूब गई हैं। गांव बिचपुरिया में रामगंगा 50 मीटर दूर बह रही है।
जलस्तर कम न हुआ तो खेतों और गांव का कटान शुरू हो जाएगा। बाढ़ की आशंका
में ग्रामीणों ने नाव का भी इंतजाम कर लिया है।
ब्लाक राजेपुर क्षेत्र में हर साल बाढ़ की चपेट में दर्जनों गांव आते हैं। शनिवार रात रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्राम सभा बिचपुरिया के पास और ग्राम सभा खरगपुर के पास दो साल पहले डाली गईं परकोपाईन डूब गई हैं। खेतों के पास से ही रामगंगा बह रही हैं। रामगंगा का जलस्तर अगर कम नहीं हुआ तो बिचपुरिया, खरगपुर और अलादपुर भटौली समेत करीब
एक दर्जन गांवों में कटान शुरू हो सकता है। ग्राम सभा बिचपुरिया में करीब 50 मीटर दूरी पर नदी बहने से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के इंतजाम करने भी शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही घरेलू सामान भी बांधना शुरू कर दिया है। गांव बिचपुरिया के गिरंद सिंह, रामगुलाम, लालमन, गीतम सिंह, गंगासागर और भाई सिंह आदि ग्रामीणों का
कहना है कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो गांव में कटान शुरू हो जाएगा। खेतों के पास रामगंगा का पानी लगभग पहुंच गया है। बाढ़ को देखते हुए नाव का इंतजाम कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ अगर आई तो वह लोग कड़क्का बांध के पास सड़क किनारे रहने को मजबूर होंगे। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए शरणालयों में जाएंगे।
गंगा का जलस्तर घटा, ग्रामीणों को राहत
गंगा नदी का जलस्तर कम होने से ग्रामीणों को राहत मिली है। गांव कटरी तौफीक, ऊगरपुर और कमथरी में हो रहा कटान भी बंद हो गया है। जलस्तर कम होने से पलायन को बैठे ग्रामीणों में खुशी है। बीते दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्राम सभा कटरी तौफीक, ऊगरपुर, कमथरी और मुंशी नगला में कटान शुरू हो गया था। इसके चलते ग्रामीण भयभीत थे। कुछ
ग्रामीण तो पलायन भी कर गए थे। वहीं कई ग्रामीणों ने गृहस्थी का सामान बांधकर रख लिया था। कटरी तौफीक में गंगा नदी किनारे नाव का भी इंतजाम ग्रामीणों ने कर रखा था। दो दिन से गंगा के जलस्तर में हो रही कमी से इन गांवों से गंगा नदी दूर चली गईं और कटान बंद हो गया। कटान बंद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। धर्मपाल, डा.
रामपाल, शिव सिंह, अनोखेलाल, इसरार, पप्पू, रोशनलाल, धर्मेंद्र, कमलेश कुमार, गुल्ली, अतीक खां और मुन्नू आदि ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम होने से राहत मिली है। कटान बंद होने से फिलहाल वह लोग अभी पलायन नहीं करेंगे।
ब्लाक राजेपुर क्षेत्र में हर साल बाढ़ की चपेट में दर्जनों गांव आते हैं। शनिवार रात रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्राम सभा बिचपुरिया के पास और ग्राम सभा खरगपुर के पास दो साल पहले डाली गईं परकोपाईन डूब गई हैं। खेतों के पास से ही रामगंगा बह रही हैं। रामगंगा का जलस्तर अगर कम नहीं हुआ तो बिचपुरिया, खरगपुर और अलादपुर भटौली समेत करीब
एक दर्जन गांवों में कटान शुरू हो सकता है। ग्राम सभा बिचपुरिया में करीब 50 मीटर दूरी पर नदी बहने से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के इंतजाम करने भी शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही घरेलू सामान भी बांधना शुरू कर दिया है। गांव बिचपुरिया के गिरंद सिंह, रामगुलाम, लालमन, गीतम सिंह, गंगासागर और भाई सिंह आदि ग्रामीणों का
कहना है कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो गांव में कटान शुरू हो जाएगा। खेतों के पास रामगंगा का पानी लगभग पहुंच गया है। बाढ़ को देखते हुए नाव का इंतजाम कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ अगर आई तो वह लोग कड़क्का बांध के पास सड़क किनारे रहने को मजबूर होंगे। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए शरणालयों में जाएंगे।
गंगा का जलस्तर घटा, ग्रामीणों को राहत
गंगा नदी का जलस्तर कम होने से ग्रामीणों को राहत मिली है। गांव कटरी तौफीक, ऊगरपुर और कमथरी में हो रहा कटान भी बंद हो गया है। जलस्तर कम होने से पलायन को बैठे ग्रामीणों में खुशी है। बीते दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्राम सभा कटरी तौफीक, ऊगरपुर, कमथरी और मुंशी नगला में कटान शुरू हो गया था। इसके चलते ग्रामीण भयभीत थे। कुछ
ग्रामीण तो पलायन भी कर गए थे। वहीं कई ग्रामीणों ने गृहस्थी का सामान बांधकर रख लिया था। कटरी तौफीक में गंगा नदी किनारे नाव का भी इंतजाम ग्रामीणों ने कर रखा था। दो दिन से गंगा के जलस्तर में हो रही कमी से इन गांवों से गंगा नदी दूर चली गईं और कटान बंद हो गया। कटान बंद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। धर्मपाल, डा.
रामपाल, शिव सिंह, अनोखेलाल, इसरार, पप्पू, रोशनलाल, धर्मेंद्र, कमलेश कुमार, गुल्ली, अतीक खां और मुन्नू आदि ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम होने से राहत मिली है। कटान बंद होने से फिलहाल वह लोग अभी पलायन नहीं करेंगे।