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प्रेरकों का धरना, बीएसए ने दिया आश्वासन
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 01 Aug 2015 11:05 PM IST
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साक्षर भारत मिशन योजना के तहत ग्राम लोक शिक्षा केंद्रों पर तैनात
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प्रेरकों ने संविदा का नवीनीकरण और मानदेय न दिए जाने की समस्या को लेकर
कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। बीएसए इनको अपने कार्यालय बुला लाए और
ज्ञापन लेकर नवीनीकरण और मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया।
अखिल भातरीय साक्षरता प्रेरक महासंघ के पदाधिकारी और सदस्यों की वर्ष 2013 में ग्राम लोक शिक्षा केंद्रों पर तैनाती हुई थी। एक साल बाद संविदा का नवीनीकरण नहीं किया गया। बावजूद इसके वे दो साल से काम कर रहे है। दस्तावेज जमा किए 14 माह हो चुके हैं लेकिन संविदा नवीनीकरण नहीं किया गया। इससे नाराज संविदा कर्मचारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में पहुंच
कर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद वह बीएसए कार्यालय आए। यहां बीएसए योगराज सिंह से वार्ता कर आठ सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि नवीनीकरण के लिए दस्तावेज जमा किए करीब 14 माह हो गए हैं। अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। मांग की कि सीधे खातों में भेजवाया जाए। प्रशिक्षण के लिए शासन से बजट आया है। यह
सरकारी खातों में पड़ाहै। अभी तक प्रेरकों को प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया। लोक शिक्षा केंद्रों पर पठन पाठन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रेरकों से निरक्षरों को पढ़वाने की बजाय अन्य काम कराए जा रहे हैं। लोक सभा चुनाव बीएलओ, रैपिड सर्वे, समाजवादी पेंशन एवं पोलियो उन्मूलन में काम करने का भी मानदेय नहीं दिया जाता है। इन
समस्याओ का समाधान नहीं किया गया तो 23 अगस्त को होने वाली नव साक्षरों की परीक्षा का बहिष्कार कर दिया जाएगा। सभी लोग कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने प्रेरकों को संविदा नवीनीकरण किए जाने और मानदेय का भरोसा दिया है।
अखिल भातरीय साक्षरता प्रेरक महासंघ के पदाधिकारी और सदस्यों की वर्ष 2013 में ग्राम लोक शिक्षा केंद्रों पर तैनाती हुई थी। एक साल बाद संविदा का नवीनीकरण नहीं किया गया। बावजूद इसके वे दो साल से काम कर रहे है। दस्तावेज जमा किए 14 माह हो चुके हैं लेकिन संविदा नवीनीकरण नहीं किया गया। इससे नाराज संविदा कर्मचारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में पहुंच
कर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद वह बीएसए कार्यालय आए। यहां बीएसए योगराज सिंह से वार्ता कर आठ सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि नवीनीकरण के लिए दस्तावेज जमा किए करीब 14 माह हो गए हैं। अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। मांग की कि सीधे खातों में भेजवाया जाए। प्रशिक्षण के लिए शासन से बजट आया है। यह
सरकारी खातों में पड़ाहै। अभी तक प्रेरकों को प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया। लोक शिक्षा केंद्रों पर पठन पाठन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रेरकों से निरक्षरों को पढ़वाने की बजाय अन्य काम कराए जा रहे हैं। लोक सभा चुनाव बीएलओ, रैपिड सर्वे, समाजवादी पेंशन एवं पोलियो उन्मूलन में काम करने का भी मानदेय नहीं दिया जाता है। इन
समस्याओ का समाधान नहीं किया गया तो 23 अगस्त को होने वाली नव साक्षरों की परीक्षा का बहिष्कार कर दिया जाएगा। सभी लोग कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने प्रेरकों को संविदा नवीनीकरण किए जाने और मानदेय का भरोसा दिया है।