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Farrukhabad News: महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर निकाली शोभायात्रा

Wed, 08 Oct 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 08 Oct 2025 12:12 AM IST
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Procession taken out on the birth anniversary of Maharishi Valmiki
फोटो-29, शोभायात्रा में सजी महर्षि वाल्मीकि की झांकी। संवाद - फोटो : शहर के रामलीला मैदान ​स्थित सराफा शोरूम में करवा चौथ के लिए ​आभूषण की खरीदारी करतीं महिलाएं।
फर्रुखाबाद। महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर मंगलवार को नगर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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शोभायात्रा कमेटी की ओर से निकाली गई भव्य शोभायात्रा में सजे हुए धार्मिक स्वरूपों और बैंडबाजों की गूंज ने पूरे शहर का वातावरण भक्तिमय बना दिया।
देर शाम निकली शोभायात्रा का शुभारंभ अध्यक्ष सर्वेश वाल्मीकि ने पूजन-अर्चन के साथ किया। यात्रा कासिम बाग कैंट से शुरू होकर लोको रोड, भोलेपुर तिराहा, हनुमान मंदिर, गुरुद्वारा तिराहा, फतेहगढ़ चौराहा, कचहरी मार्ग होते हुए गोगाजी महाराज मंदिर के सामने संपन्न हुई। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा में महर्षि वाल्मीकि, लव-कुश, माता सीता, एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य की जीवंत झांकियां सजाई गईं। रथों पर सजीं झांकियों ने सम्मोहित कर दिया। भक्ति गीतों की गूंज और बैंडबाजों की लय पर श्रद्धालु नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे।
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अध्यक्ष सर्वेश वाल्मीकि ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल आदिकवि थे, बल्कि मानवता और ज्ञान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि समाज के प्रेरणा स्रोत हैं। इस मौके पर कार्यक्रम में सभासद विजय अनु रागी, भारत सिंह, दीपक राही, रवि, महेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

कायमगंज। राष्ट्रीय प्रगतिशील फोरम के तत्वावधान में विश्व कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रामबाबू मिश्र रत्नेश ने की। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण महाकाव्य है।
गीतकार पवन बाथम ने कहा कि आज के दौर में जब अराजकता और हिंसा का वातावरण है, तब श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है। प्रो. कुलदीप आर्य ने बताया कि रामायण कोई मिथक नहीं, बल्कि त्रेता युग का सच्चा इतिहास है।
पूर्व प्रधानाचार्य अहिवरन सिंह गौर ने भी विचार रखे। कवि अनुपम मिश्रा व छात्र यशवर्धन ने काव्य पाठ कर माहौल भावुक बना दिया। डॉ. सुनीत सिद्धार्थ और मनीष गौड़ मौजूद रहे। (संवाद)





सविता समाज ने महर्षि वाल्मीकि को किया याद

फर्रुखाबाद। सविता समाज की ओर से महर्षि वाल्मीकि की जयंती उनके चित्र पर पुष्पार्चन के साथ मनाई गई। गोष्ठी में प्रदेश अध्यक्ष श्रीराम श्रीवास्तव ने कहा कि महर्षि ने राजा राम के मर्यादा पुरुषोत्तम राम बनने की कथा को विस्तार से बताया है। यह एक ऐसा काव्य है, जो कभी पुराना नहीं होता। जितना भी पढ़ते जाओ, हमेशा नया लगता है।

वहीं उन्होंने बताया कि संस्था की कार्यकारिणी में 30 पदाधिकारी पंजीकृत हो गए हैं। इसी महीने शपथ ग्रहण कार्यक्रम कराया जाएगा। राकेश, हरीराम, रामचंद्र, गयालाल, सुरेंद्र, आशाराम, डॉ. विजय, डॉ. महेंद्र, डॉ. अवनीश आदि मौजूद रहे। (संवाद)

फोटो-29, शोभायात्रा में सजी महर्षि वाल्मीकि की झांकी। संवाद

फोटो-29, शोभायात्रा में सजी महर्षि वाल्मीकि की झांकी। संवाद- फोटो : शहर के रामलीला मैदान स्थित सराफा शोरूम में करवा चौथ के लिए आभूषण की खरीदारी करतीं महिलाएं।

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