{"_id":"656b77e77316c5965f01b325","slug":"problems-in-examining-patients-due-to-negligence-of-engineers-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-5751-2023-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: इंजीनियरों की लापरवाही से मरीजों की जांच में आफत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: इंजीनियरों की लापरवाही से मरीजों की जांच में आफत
Sun, 03 Dec 2023 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 03 Dec 2023 12:01 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। जनपद के दो ब्लाॅकों के सात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए दो माह पूर्व आए हेल्थ एटीएम से मरीजों की जांच इंजीनियर के इंतजार में लटकी है। अभी तक अस्पतालों में हेल्थ एटीएम स्थापित भी नहीं किए जा सके हैं। जो लगे भी हैं उन्हें चालू नहीं किया जा सका है। इससे मरीजों को जांच कराने के लिए भटकना पड़ रहा है।
जिले के दो आकांक्षात्मक ब्लॉक राजेपुर व नवाबगंज में स्वास्थ्य सेवाएं सबसे बदहाल हैं। आलम यह है कि इन ब्लाॅकों के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर न डॉक्टर हैं और न ही लैब टेक्नीशियन। भगवान भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। जांच की सुविधाएं बढ़ाने के लिए शासन से ब्लाॅक राजेपुर क्षेत्र के सभी पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पांच हेल्थ एटीएम सितंबर में भेज दिए गए थे। एक हेल्थ एटीएम की कीमत करीब चार लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। दो माह बीतने के बावजूद एक भी हेल्थ एटीएम चालू नहीं किया जा सका है।
हेल्थ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हेल्थ एटीएम पीएचसी अमृतपुर व जिठौली में भेज दिए गए। जबकि पीएचसी सबलपुर, सरह व पिथनापुर के हेल्थ एटीएम ठेकेदार ने सीएचसी राजेपुर में ही लाकर रख दिए। दो माह बीतने के बावजूद यह हेल्थ एटीएम पीएचसी तक पहुंचाए भी नहीं गए, जो पहुंच भी गए उन्हें चालू नहीं किया गया है। खास बात तो यह है कि राजेपुर सीएचसी पर लगा हेल्थ एटीएम भी आए दिन खराब रहता है। इससे अस्पताल में जाने वाले मरीजों को मजबूरन अवैध रूप से संचालित लैब से जांच करानी पड़ रही है। कुछ ऐसा ही हाल नवाबगंज क्षेत्र का है। यहां की पीएचसी अचरा खलवारा व अचरिया वाकरपुर में सितंबर से हेल्थ एटीएम रखे हैं। इनसे एक भी मरीज की जांच नहीं की जा सकी। सीएचसी नवाबगंज में लगे हेल्थ एटीएम से भी कुछ जांच ही की जा रही हैं। इससे शासन की मंशा और मरीजों की सुविधाओं पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
बोले जिम्मेदार
राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. आरिफ सिद्दीकी ने बताया कि शासन से इंजीनियर भेजा जाएगा। वही हेल्थ एटीएम स्थापित करने के साथ लैब टेक्नीशियन को जांच करने का प्रशिक्षण भी देगा। इंजीनियर के आने पर ही हेल्थ एटीएम चालू हो सकेंगे। सीएचसी का हेल्थ एटीएम ठीक हो गया है। उससे जांचें भी की जा रही हैं। वहीं नवाबगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि एक पीएचसी पर एलटी की तैनाती ही नहीं है। दूसरी पीएचसी पर एलटी को प्रशिक्षण नहीं दिया गया। कंपनी का इंजीनियर आने पर एलटी को प्रशिक्षण दिलाने के साथ मरीजों की जांच शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
जिले के दो आकांक्षात्मक ब्लॉक राजेपुर व नवाबगंज में स्वास्थ्य सेवाएं सबसे बदहाल हैं। आलम यह है कि इन ब्लाॅकों के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर न डॉक्टर हैं और न ही लैब टेक्नीशियन। भगवान भरोसे स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। जांच की सुविधाएं बढ़ाने के लिए शासन से ब्लाॅक राजेपुर क्षेत्र के सभी पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पांच हेल्थ एटीएम सितंबर में भेज दिए गए थे। एक हेल्थ एटीएम की कीमत करीब चार लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। दो माह बीतने के बावजूद एक भी हेल्थ एटीएम चालू नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
हेल्थ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हेल्थ एटीएम पीएचसी अमृतपुर व जिठौली में भेज दिए गए। जबकि पीएचसी सबलपुर, सरह व पिथनापुर के हेल्थ एटीएम ठेकेदार ने सीएचसी राजेपुर में ही लाकर रख दिए। दो माह बीतने के बावजूद यह हेल्थ एटीएम पीएचसी तक पहुंचाए भी नहीं गए, जो पहुंच भी गए उन्हें चालू नहीं किया गया है। खास बात तो यह है कि राजेपुर सीएचसी पर लगा हेल्थ एटीएम भी आए दिन खराब रहता है। इससे अस्पताल में जाने वाले मरीजों को मजबूरन अवैध रूप से संचालित लैब से जांच करानी पड़ रही है। कुछ ऐसा ही हाल नवाबगंज क्षेत्र का है। यहां की पीएचसी अचरा खलवारा व अचरिया वाकरपुर में सितंबर से हेल्थ एटीएम रखे हैं। इनसे एक भी मरीज की जांच नहीं की जा सकी। सीएचसी नवाबगंज में लगे हेल्थ एटीएम से भी कुछ जांच ही की जा रही हैं। इससे शासन की मंशा और मरीजों की सुविधाओं पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
बोले जिम्मेदार
राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. आरिफ सिद्दीकी ने बताया कि शासन से इंजीनियर भेजा जाएगा। वही हेल्थ एटीएम स्थापित करने के साथ लैब टेक्नीशियन को जांच करने का प्रशिक्षण भी देगा। इंजीनियर के आने पर ही हेल्थ एटीएम चालू हो सकेंगे। सीएचसी का हेल्थ एटीएम ठीक हो गया है। उससे जांचें भी की जा रही हैं। वहीं नवाबगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि एक पीएचसी पर एलटी की तैनाती ही नहीं है। दूसरी पीएचसी पर एलटी को प्रशिक्षण नहीं दिया गया। कंपनी का इंजीनियर आने पर एलटी को प्रशिक्षण दिलाने के साथ मरीजों की जांच शुरू की जाएगी।