{"_id":"62fe8066ad76f23d1610403d","slug":"problem-farrukhabad-news-knp7134166106","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों से निकला पानी, मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों से निकला पानी, मिली राहत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर कम होने से गांवों में खेतों व रास्ते में भरा पानी निकलने लगा है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
गुरुवार को नरौरा बांध से गंगा में 81,336 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा लगातार कम होने से जलस्तर 136.55 से घटकर 136.50 मीटर पर आ गया। जो चेतावनी बिंदू से 10 सेंटीमीटर नीचे है।
गांव कुतुलूपुर, भाऊपुर चौरासी, कुबेरपुर, रतनपुर, लायलपुर गांवों के खेतों व रास्ते में भरा बाढ़ का पानी निकलने लगा है।
रास्ते में कीचड़ होने से ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत उठानी पड़ रही है। खेत में पानी भरा होने से हरा चारा खराब होने और पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया।
घास खिलाने के लिए ग्रामीणों को दस किलोमीटर दूर पशुओं को लेकर जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
गुरुवार को नरौरा बांध से गंगा में 81,336 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा लगातार कम होने से जलस्तर 136.55 से घटकर 136.50 मीटर पर आ गया। जो चेतावनी बिंदू से 10 सेंटीमीटर नीचे है।
गांव कुतुलूपुर, भाऊपुर चौरासी, कुबेरपुर, रतनपुर, लायलपुर गांवों के खेतों व रास्ते में भरा बाढ़ का पानी निकलने लगा है।
रास्ते में कीचड़ होने से ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत उठानी पड़ रही है। खेत में पानी भरा होने से हरा चारा खराब होने और पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया।
विज्ञापन
घास खिलाने के लिए ग्रामीणों को दस किलोमीटर दूर पशुओं को लेकर जाना पड़ रहा है।