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छात्रवृत्ति की आस में भटकते रहे छात्र व छात्राएं

Wed, 05 Feb 2020 07:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Feb 2020 07:03 PM IST
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समाज कल्याण विभाग में फार्म संसोधन कराने आई छात्राओं को समझाता लिपिक। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में शिक्षण संस्थाओं की लापरवाही से काफी संख्या में छात्र-छात्राओं के आवेदन निरस्त कर दिए गए। इससे वह त्रुटियां ठीक कराने को लगातार संस्था से लेकर समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। कुछ छात्राओं ने शिक्षण संस्थाओं पर 10-10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई है।
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जनपद में पूर्व दशम व दशमोत्तर करीब 200 से अधिक शिक्षण संस्थाएं हैं। छात्रवृत्ति के लिए शिक्षण संस्थाओं को 31 जनवरी तक फार्म अग्रसारित करने के निर्देश दिए गए थे। आनलाइन आवेदन के दौरान दशमोत्तर छात्रों के इनरोलमेंट नंबर, बैंक खाता नंबर में त्रुटियां होने से उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। बुधवार को विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग में डीएलएड छात्रा शालिनी गौतम, विशाल दुबे, सुभाष चंद्र, आरती, नेहा, कांती, वर्षा, श्वेता तिवारी, प्रियंका, पुरुषोत्तम आदि छात्र रिजेक्ट किए गए फार्मों में संशोधन कराने समाज कल्याण विभाग पहुंचे।
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वहां किसी कर्मचारी ने सीधे मुंह बात नहीं की और कहा कि यहां कुछ नहीं हो सकता। अपनी संबंधित संस्था से आवेदन ठीक कराओ। कई बार छात्राओं की नोकझोंक भी हुई लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। डीएलएड छात्र अभिषेक प्रताप सिंह ने समाज कल्याण विभाग में सुनवाई न होने की शिकायत जिलाधिकारी से की। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि डीएलएड में 41 हजार रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। त्रुटियां ठीक करने के नाम पर शिक्षण संस्थाओं में 10 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। जिसने दे दिए उनके फार्म ठीक करा दिए गए और धनराशि भी खाते में पहुंच गई।
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गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा ने बताया कि आवेदन में त्रुटियों के जिम्मेदार छात्र व शिक्षण संस्थाएं हैं। रुपये मांग की लिखित शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षण संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 31 दिसंबर को संशोधन की अंतिम तिथि निकल चुकी है। इससे अब कुछ नहीं हो सकता।
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