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किसानों की फसलें उजाड़ रहे अन्ना गोवंश
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खेतों में फसल चरते अन्ना मवेशी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर। मेहनत से तैयार हुई किसानों की फसल अन्ना मवेशी उजाड़ रहे हैं। प्रशासन कागजों पर गोवंश पकड़ कर गोशाला में बंद करने का दावा कर रहा है लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। किसानों को रात-रात भर फसल को बचाने के लिए जागना पड़ रहा है।
किसान साल भर के लिए खाने पीने व अन्य साधनों के लिए इस समय सरसों, आलू, गेहूं, चना, मटर आदि फैसले तैयार करने किए कर्ज लेकर जी जान से लगें हुए हैं। अन्ना गोवंश कहीं उन्हें बर्बाद न कर दें। इसके लिए वह रात-रात भार जाग रहे हैं। इसके बाद अगर किसान कहीं चूक गया तो अन्ना गोवंश का झुंड खेत में घुसकर कुछ ही देर में फसल चट कर जाते हैं। इससे क्षेत्र के किसान दुखी हैं। उन्होंने कई बार गोवंश को पकड़वाने की मांग की है।
प्रधान व सचिवों की मनमानी से नहीं पकड़े जा रहे अन्ना गोवंश
तहसील क्षेत्र ने अस्थायी व स्थायी गोशाला बनाई गई थीं। इसमें जिला पंचायत व ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों को गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में बंद करने के आदेश शासन ने दिए थे। इसके लिए लाखों रुपये खर्च भी किए गए। लेकिन ग्राम प्रधानों व सचिवों की मनमानी के चलते गोशालाओं में गोवंश बंद नहीं किए जा रहे हैं। इससे गोवंश किसानों की फसलें उजाड़ रहे हैं। ग्रामसभा नगला हुसा में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। जिसमें गोवंश बंद किए गए हैं। लेकिन उसके पास ही एक किसान के खेत में खड़ी सरसों की फसल उजाड़ रहे हैं। अन्ना गोवंशों को पकड़ने के लिए तहसील प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। न ही इनको पकड़वाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अपनी फसल को बचने के लिए रात दिन खेतों में ही रहकर रखवाली करनी पड़ रही है। अन्ना गोवंश पकड़ कर गोशालाओं में बंद नहीं किए गए तो इस बार फसलों को बचना मुश्किल हो जाएगा ।
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किसान साल भर के लिए खाने पीने व अन्य साधनों के लिए इस समय सरसों, आलू, गेहूं, चना, मटर आदि फैसले तैयार करने किए कर्ज लेकर जी जान से लगें हुए हैं। अन्ना गोवंश कहीं उन्हें बर्बाद न कर दें। इसके लिए वह रात-रात भार जाग रहे हैं। इसके बाद अगर किसान कहीं चूक गया तो अन्ना गोवंश का झुंड खेत में घुसकर कुछ ही देर में फसल चट कर जाते हैं। इससे क्षेत्र के किसान दुखी हैं। उन्होंने कई बार गोवंश को पकड़वाने की मांग की है।
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प्रधान व सचिवों की मनमानी से नहीं पकड़े जा रहे अन्ना गोवंश
तहसील क्षेत्र ने अस्थायी व स्थायी गोशाला बनाई गई थीं। इसमें जिला पंचायत व ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधानों को गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में बंद करने के आदेश शासन ने दिए थे। इसके लिए लाखों रुपये खर्च भी किए गए। लेकिन ग्राम प्रधानों व सचिवों की मनमानी के चलते गोशालाओं में गोवंश बंद नहीं किए जा रहे हैं। इससे गोवंश किसानों की फसलें उजाड़ रहे हैं। ग्रामसभा नगला हुसा में अस्थायी गोशाला बनाई गई है। जिसमें गोवंश बंद किए गए हैं। लेकिन उसके पास ही एक किसान के खेत में खड़ी सरसों की फसल उजाड़ रहे हैं। अन्ना गोवंशों को पकड़ने के लिए तहसील प्रशासन कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। न ही इनको पकड़वाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अपनी फसल को बचने के लिए रात दिन खेतों में ही रहकर रखवाली करनी पड़ रही है। अन्ना गोवंश पकड़ कर गोशालाओं में बंद नहीं किए गए तो इस बार फसलों को बचना मुश्किल हो जाएगा ।
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