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Farrukhabad News: ऑनलाइन आवेदन के सहारे अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पताल

Fri, 29 Aug 2025 01:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 01:11 AM IST
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Private hospitals running illegally with the help of online applications
फर्रुखाबाद। जनपद में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल मानकविहीन होने के साथ बिना नवीनीकरण कराए अवैध रूप से चल रहे हैं। नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है लेकिन यह न तो मानक पूरे कर पा रहे हैं और न ही डॉक्टर मौके पर मिल रहे हैं। जिम्मेदार भी आवेदन के सहारे अवैध अस्पताल चलवा रहे हैं।
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जनपद में करीब 175 निजी अस्पताल हैं। इनका 30 अप्रैल तक नवीनीकरण होना था। इस बार शासन से अस्पताल के मानक पूरे होने के साथ ही एक वर्ष के बजाए पांच वर्ष के लिए नवीनीकरण करने के आदेश दिए गए हैं। नई प्रक्रिया के तहत अधूरे मानक पर नवीनीकरण करने वाले अधिकारियों का फंसना भी तय है। संचालकों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन भी कर दिया। अब सवाल यह है कि आईएमए की सूची के अनुसार जिले में 115 एमबीबीएस डॉक्टर हैं जबकि 170 से अधिक अस्पतालों का नवीनीकरण होना है।इससे बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों में डॉक्टर हैं ही नहीं। सत्यापन के लिए जब डिप्टी सीएमओ गए तो उन्हें कई अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिले। मानक के अनुरूप संसाधन भी नहीं थे।
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पिछले सप्ताह ऑपरेशन के बाद अस्पताल में इलाज में लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत हो गई थी। उस अस्पताल का भी नवीनीकरण नहीं था। इसी तरह की आए दिन घटनाएं होने के बावजूद अवैध अस्पतालों की संख्या घटने के बजाय बढ़ती जा रही है। कई निजी अस्पतालों में तो बेसमेंट में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वह डॉक्टरों की लंबी सूची लगाकर मरीजों को इलाज कराने के लिए भ्रमित कर मोटी कमाई कर रहे हैं। खास बात तो यह है कि आवेदन में मिली कमियों के संबंध में जब स्वास्थ्य विभाग से नोटिस भेजा जाता है तो संचालक उसका जवाब भी नहीं दे रहे हैं।
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निजी अस्पताल पंजीकरण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले में 175 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। पांच वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जा रहा है। सभी अस्पतालों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया गया है। करीब 100 अस्पतालों का अब तक नवीनीकरण हुआ है। मानक पूरे न होने पर संचालकों को अवगत भी कराया जा रहा है। 30 अगस्त तक संचालकों को अस्पताल के सभी मानक पूरे करने के साथ नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अमानक अस्पतालों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब न मिलने पर पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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