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Farrukhabad News: किताबों की खरीद में सचिवों से रिकवरी की तैयारी
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फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लाॅक की ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी के लिए किताबों की खरीद में लाखों का गोलमाल किया गया। जांच हुई तो सचिवों ने तत्कालीन बीडीओ पर किताबों की आपूर्ति कराने और दबाव बनाकर भुगतान कराने का आरोप लगाया। फिलहाल तत्कालीन बीडीओ को बचाकर सचिवों से रिकवरी की तैयारी है।
ब्लाॅक कमालगंज क्षेत्र में 118 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतघरों में लाइब्रेरी बनाने के लिए दिल्ली की फर्म से किताबों की सेंट्रलाइज खरीद हुई। फर्म ने अधिकांश ग्राम पंचायतों में दीमक लगी निष्प्रयोज्य किताबों की आपूर्ति कर दी। कई ग्राम पंचायतों से तो बिना किताब के ही फर्म को 28 से 29 हजार रुपये भुगतान कर दिया गया। खेल से पर्दा उठा तो अधिकारियों ने जांच कराई। इसमें गोलमाल खुलकर सामने आ गया।
कार्रवाई की तैयारी देख सचिवों ने पोल खोलते हुए कहा कि तत्कालीन बीडीओ ने दबाव बनाकर ग्राम पंचायतों से भुगतान कराया। डीपीआरओ ने चार-पांच सचिवों को रिकवरी नोटिस भी जारी किया था। सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र ने डीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई। सूत्रों के मुताबिक करीब 80 से अधिक ग्राम पंचायतों से किताबों का करीब 23 लाख रुपये भुगतान किया गया।
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बिना टेंडर व कुटेशन के नियम विरुद्ध निष्प्रयोज्य किताबों की खरीद व भुगतान करने वाले सचिवों का फंसना तय है। उन पर भुगतान की धनराशि वसूलने की भी तैयारी है। सचिवों ने जांच कमेटी को लिखकर दिया कि तत्कालीन बीडीओ ने दबाव बनाकर उन लोगों से भुगतान कराया। जांच कमेटी के अध्यक्ष डीडीओ श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि सचिवों के आरोप पर तत्कालीन बीडीओ आलोक आर्या को नोटिस जारी किया था।
उन्होंने नोटिस के जवाब में सचिवों का आरोप निराधार बताया। जांच अंतिम दौर में हैं। सभी बिंदुओं पर कमेटी विचार कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंपेगी। इसी के बाद कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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ब्लाॅक कमालगंज क्षेत्र में 118 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायतघरों में लाइब्रेरी बनाने के लिए दिल्ली की फर्म से किताबों की सेंट्रलाइज खरीद हुई। फर्म ने अधिकांश ग्राम पंचायतों में दीमक लगी निष्प्रयोज्य किताबों की आपूर्ति कर दी। कई ग्राम पंचायतों से तो बिना किताब के ही फर्म को 28 से 29 हजार रुपये भुगतान कर दिया गया। खेल से पर्दा उठा तो अधिकारियों ने जांच कराई। इसमें गोलमाल खुलकर सामने आ गया।
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कार्रवाई की तैयारी देख सचिवों ने पोल खोलते हुए कहा कि तत्कालीन बीडीओ ने दबाव बनाकर ग्राम पंचायतों से भुगतान कराया। डीपीआरओ ने चार-पांच सचिवों को रिकवरी नोटिस भी जारी किया था। सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र ने डीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई। सूत्रों के मुताबिक करीब 80 से अधिक ग्राम पंचायतों से किताबों का करीब 23 लाख रुपये भुगतान किया गया।
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बिना टेंडर व कुटेशन के नियम विरुद्ध निष्प्रयोज्य किताबों की खरीद व भुगतान करने वाले सचिवों का फंसना तय है। उन पर भुगतान की धनराशि वसूलने की भी तैयारी है। सचिवों ने जांच कमेटी को लिखकर दिया कि तत्कालीन बीडीओ ने दबाव बनाकर उन लोगों से भुगतान कराया। जांच कमेटी के अध्यक्ष डीडीओ श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि सचिवों के आरोप पर तत्कालीन बीडीओ आलोक आर्या को नोटिस जारी किया था।
उन्होंने नोटिस के जवाब में सचिवों का आरोप निराधार बताया। जांच अंतिम दौर में हैं। सभी बिंदुओं पर कमेटी विचार कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंपेगी। इसी के बाद कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।