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Farrukhabad News: बारिश में टपक रहा 19 करोड़ से बना ट्रामा सेंटर का पोर्टिको
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फोटो-1 लोहिया अस्पताल के ट्रामा सेंटर भवन को पोर्टिको में टपकती बूंदें। संवाद
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल परिसर में 19 करोड़ की लागत से बने क्रिटिकल केयर ब्लाक (ट्रामा सेंटर) का अभी शुभारंभ तक नहीं हो सका, मगर बारिश होते ही उसका पोर्टिको टपकने लगा है। स्थिति यह है कि फाइबर की फॉल्स सीलिंग में लगी एलईडी लाइटों से भी पानी टपक रहा है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीमावर्ती जिलों के गंभीर मरीजों का अच्छा इलाज करने की मंशा से लोहिया अस्पताल में चार मंजिला अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर भवन का निर्माण कराया गया है। इस भवन में डॉक्टरों, कर्मियों, मरीजों व तीमारदारों के लिए दो लिफ्ट की सुविधा भी दी गई है। दो महीने पहले बनकर तैयार हुए इस भवन को पिछले महीने सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने हैंडओवर लिया था।
भवन में बने ऑपरेशन थिएटर में पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में एक ऑपरेशन भी किया गया। अब आर्थो सर्जन सप्ताह में एक-दो दिन ट्रामा सेंटर के एक कमरे में ओपीडी के मरीजों को देखते हैं। मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों के घुसने के लिए मुख्य गेट के बाहर पोर्टिको बना है। इसके ऊपरी छत पर पत्थर लगाया गया है। नीचे की तरफ फाइबर की फॉल्स सीलिंग में एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं।
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तीन-चार दिन से एक-दो घंटे होने वाली बारिश में निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई। पोर्टिको की सभी फाइबर से पानी की बूंदें टपकने लगी हैं। यही नहीं इसमें लगी एलईडी लाइटों से भी पानी गिर रहा है। स्थिति यह है कि बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार देर शाम तक बारिश नहीं हुई, मगर पोर्टिको में 20 से अधिक स्थानों से तेजी से बूंदें टपकती रहीं।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि एक वर्ष तक भवन में कोई समस्या आने पर कार्यदायी संस्था की उसे सही कराने की जिम्मेदारी है। यदि कहीं से पानी टपक रहा है तो उसे कार्यदायी संस्था से ठीक कराया जाएगा।
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सीमावर्ती जिलों के गंभीर मरीजों का अच्छा इलाज करने की मंशा से लोहिया अस्पताल में चार मंजिला अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर भवन का निर्माण कराया गया है। इस भवन में डॉक्टरों, कर्मियों, मरीजों व तीमारदारों के लिए दो लिफ्ट की सुविधा भी दी गई है। दो महीने पहले बनकर तैयार हुए इस भवन को पिछले महीने सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने हैंडओवर लिया था।
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भवन में बने ऑपरेशन थिएटर में पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में एक ऑपरेशन भी किया गया। अब आर्थो सर्जन सप्ताह में एक-दो दिन ट्रामा सेंटर के एक कमरे में ओपीडी के मरीजों को देखते हैं। मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों के घुसने के लिए मुख्य गेट के बाहर पोर्टिको बना है। इसके ऊपरी छत पर पत्थर लगाया गया है। नीचे की तरफ फाइबर की फॉल्स सीलिंग में एलईडी लाइटें भी लगाई गई हैं।
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तीन-चार दिन से एक-दो घंटे होने वाली बारिश में निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई। पोर्टिको की सभी फाइबर से पानी की बूंदें टपकने लगी हैं। यही नहीं इसमें लगी एलईडी लाइटों से भी पानी गिर रहा है। स्थिति यह है कि बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार देर शाम तक बारिश नहीं हुई, मगर पोर्टिको में 20 से अधिक स्थानों से तेजी से बूंदें टपकती रहीं।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि एक वर्ष तक भवन में कोई समस्या आने पर कार्यदायी संस्था की उसे सही कराने की जिम्मेदारी है। यदि कहीं से पानी टपक रहा है तो उसे कार्यदायी संस्था से ठीक कराया जाएगा।

फोटो-1 लोहिया अस्पताल के ट्रामा सेंटर भवन को पोर्टिको में टपकती बूंदें। संवाद