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Farrukhabad News: अतिक्रमण हटाने से पहले सियासी संग्राम, दुकानों पर लगे आरोपों के पोस्टर
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फोटो-39 रेलवे स्टेशन रोड पर दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर न्याय की मांग करतीं महिलाएं। संवाद
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर प्रस्तावित अतिक्रमण हटाओ अभियान अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की ओर से सरकारी भूमि पर बने भवनों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस दिए जाने के बाद रविवार को प्रभावित दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर एक समाजवादी पार्टी के नेता पर रुपये मांगने और न देने पर दुकानें व मकान गिरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया।
करीब 18 दुकानों को 29 अप्रैल को पीडब्ल्यूडी ने अंतिम नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को नगर पालिका की जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली अतिक्रमण हटाने पहुंची थी लेकिन व्यापारियों के विरोध और जिलाधिकारी से शिकायत के बाद कार्रवाई रोक दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने 29 जून को अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी कार्यालय में अंतिम सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।
दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से इन भवनों में रहकर कारोबार कर रहे हैं। व्यापारी नेता संतोष गुप्ता ने बताया कि उनकी मां सुशीला देवी ने वर्ष 1971 में इस भूमि का बैनामा कराया था और भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र भी स्वीकृत कराया था। बताया कि मामला उच्च न्यायालय और दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। इस दौरान कई दुकानदार संभावित कार्रवाई को देखते हुए अपने प्रतिष्ठानों से टीन और अन्य सामान हटाते भी दिखाई दिए।
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उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों के साथ अन्याय हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान रूबी गुप्ता, ज्योति गुप्ता, आरती गुप्ता, रीतू गुप्ता, गुड्डी गुप्ता, अर्पित साहू, दीपक गुप्ता, अतुल गुप्ता, आशीष गुप्ता, ऋषि यादव, मोहित गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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करीब 18 दुकानों को 29 अप्रैल को पीडब्ल्यूडी ने अंतिम नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को नगर पालिका की जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली अतिक्रमण हटाने पहुंची थी लेकिन व्यापारियों के विरोध और जिलाधिकारी से शिकायत के बाद कार्रवाई रोक दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने 29 जून को अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी कार्यालय में अंतिम सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।
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दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से इन भवनों में रहकर कारोबार कर रहे हैं। व्यापारी नेता संतोष गुप्ता ने बताया कि उनकी मां सुशीला देवी ने वर्ष 1971 में इस भूमि का बैनामा कराया था और भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र भी स्वीकृत कराया था। बताया कि मामला उच्च न्यायालय और दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। इस दौरान कई दुकानदार संभावित कार्रवाई को देखते हुए अपने प्रतिष्ठानों से टीन और अन्य सामान हटाते भी दिखाई दिए।
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उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों के साथ अन्याय हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान रूबी गुप्ता, ज्योति गुप्ता, आरती गुप्ता, रीतू गुप्ता, गुड्डी गुप्ता, अर्पित साहू, दीपक गुप्ता, अतुल गुप्ता, आशीष गुप्ता, ऋषि यादव, मोहित गुप्ता आदि मौजूद रहे।

फोटो-39 रेलवे स्टेशन रोड पर दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर न्याय की मांग करतीं महिलाएं। संवाद