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महिला सुरक्षा के लिए पुलिस पर अंकुश लगाने की जरूरत
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अमर उजाला के चुनावी रथ सत्ता के संग्राम में लोहिया अस्पताल में महिलाओं से चर्चा कार्यक्रम में मह?
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम रविवार को डॉ.राममनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में आधी आबादी के बीच पहुंचा। इस दौरान महिलाओं व बेटियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर खुलकर बात की। किसी ने कहा कि भाजपा सरकार में बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस कर किसी भी समय आ-जा सकती हैं। तो किसी ने पुलिस पर मुकदमा दर्ज न करने के आरोप भी जड़े। कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बहुत कुछ और करने की जरूरत है।
शिक्षिका पुष्पा सिंह ने कहा कि महिलाओं का शोषण समाज करता है। इसमें सरकार क्या दोष होता है। नारी को हमेशा सम्मान चाहिए। नव रात्र में कन्याएं पूजी जाती हैं। यह भावना पूरे वर्ष रहे। सरकार जाते समय सभी दलों को महिलाएं याद आतीं हैं। जब घटना होती है तो कोई दिखाई नहीं देता। छात्रा आरती चतुर्वेदी ने कहा कि महिला सुरक्षा में पुलिस मनमानी कर रही है। सरकार चाहे सपा की हो या भाजपा की, पूरी तरह फेल है। नारी खुद ही मां दुर्गा का रूप है, उसे अपनी शक्ति याद कर सुरक्षा के लिए मुकाबला करने की जरूरत है। अत्याचार के समय महिलाएं भी सहयोग के लिए सामने नहीं आतीं। युवा शिक्षित होकर देश का विकास करना चाहते हैं, जबकि अभिभावक उन्हें अपनी गंदी राजनीति में ले जाते हैं। इसी बीच एक पीड़ित बेटी(शिक्षिका) बोली जब उसके साथ घटना हुई तो किसी पार्टी का सपोर्ट नहीं मिला। आज की राजनीति ही गंदी हो चुकी है।
शिक्षिका अनुसुइया दीक्षित ने कहा कि नैतिकता में गिरावट आने से महिला उत्पीड़न के मामले होते हैं। इसके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। सही होने में वक्त लगेगा। मौजूदा सरकार में आनलाइन क्लासेस व दूरदर्शन के माध्यम से कोरोना काल में भी बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिला। इसी बीच शशि सिंह ने कहा कि गरीब बच्चों तक ऑन लाइन पढ़ाई नहीं पहुंची, उनके पास एंड्राइड फोन ही नहीं था। निहारिका पटेेल ने महिला सुरक्षा के लिए अभिभावक व समाज को दोषी बताया। कहा कि सरकार ने अंकुश लगाया है। शिक्षित महिलाएं अपने अधिकारों को जानती हैं, इसलिए उनका उत्पीड़न नहीं हो रहा। जबकि अशिक्षित महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी ही नहीं है, इससे शोषण का शिकार हो जाती हैं। मौजूद सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है। विहिप की लक्ष्मी सिंह ने कहा कि महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध में कपड़ों का पहनावा भी दोषी है। इस पर सुलक्षणा सिंह ने उन्हें घेर लिया। कहा कि बेटों के पहनावे पर अंकुश नहीं तो बेटियों पर क्यों।
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बढ़ती महंगाई पर उठाए सवाल
सुलक्षणा सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे पर फेल रही। अब चुनाव नजदीक आ गए तो सड़कें बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इसी बीच मीरा सिंह व श्वेता दुबे ने कहा कि कोरोना काल में देश की अर्थ व्यवस्था संभालना मुश्किल था। अब सरकार सड़कों पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर नि:शुल्क दे रही है। राशन भी नि:शुल्क दिया जा रहा है।
इस पर सुलक्षणा सिंह व पूजा ने कहा कि गैस के दाम भी तो देखो 600 रुपये बढ़कर 950 रुपये पहुंच गए। गरीब सिलिंडर भरवा ही नहीं पाएंगे तो आराम कैसे मिलेगा। रसोई का बजट पांच हजार से बढ़कर 10 हजार पहुंच गया। आम आदमी की महंगाई से कमर टूट गई। इस विरोध होने पर फिर बोलीं कि भाजपा में आवाज दबाने का ही प्रयास किया जाता है। वहां मौजूद आशा ने कहा कि इस सरकार में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए अच्छा काम होने से मृत्युदर में कम आई है। लेकिन आशाओं का मानदेय नहीं बढ़ा यह मलाल है। रमला राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार में ही महिलाएं सुरक्षित हैं। इससे पहले की सरकारों के नेता तो महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर कहते थे कि लड़के हैं गलती हो जाती है। पर इस सरकार में ऐसा नहीं हो रहा है।
नीलम सिंह, बिटाना चौहान, शशि सिंह, पुष्पा राठौर, हिमलेश शाक्य, इंदिरा राठौर ने योगी सरकार की तारीफ की। कहा कि महिलाओं के लिए 1090 व 112 डायल सुरक्षा कवच का काम कर रहा है। इस पर कुछ महिलाओं ने कहा कि यह सेवाएं सपा सरकार से ही शुरू की गई थीं।
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शिक्षिका पुष्पा सिंह ने कहा कि महिलाओं का शोषण समाज करता है। इसमें सरकार क्या दोष होता है। नारी को हमेशा सम्मान चाहिए। नव रात्र में कन्याएं पूजी जाती हैं। यह भावना पूरे वर्ष रहे। सरकार जाते समय सभी दलों को महिलाएं याद आतीं हैं। जब घटना होती है तो कोई दिखाई नहीं देता। छात्रा आरती चतुर्वेदी ने कहा कि महिला सुरक्षा में पुलिस मनमानी कर रही है। सरकार चाहे सपा की हो या भाजपा की, पूरी तरह फेल है। नारी खुद ही मां दुर्गा का रूप है, उसे अपनी शक्ति याद कर सुरक्षा के लिए मुकाबला करने की जरूरत है। अत्याचार के समय महिलाएं भी सहयोग के लिए सामने नहीं आतीं। युवा शिक्षित होकर देश का विकास करना चाहते हैं, जबकि अभिभावक उन्हें अपनी गंदी राजनीति में ले जाते हैं। इसी बीच एक पीड़ित बेटी(शिक्षिका) बोली जब उसके साथ घटना हुई तो किसी पार्टी का सपोर्ट नहीं मिला। आज की राजनीति ही गंदी हो चुकी है।
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शिक्षिका अनुसुइया दीक्षित ने कहा कि नैतिकता में गिरावट आने से महिला उत्पीड़न के मामले होते हैं। इसके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। सही होने में वक्त लगेगा। मौजूदा सरकार में आनलाइन क्लासेस व दूरदर्शन के माध्यम से कोरोना काल में भी बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिला। इसी बीच शशि सिंह ने कहा कि गरीब बच्चों तक ऑन लाइन पढ़ाई नहीं पहुंची, उनके पास एंड्राइड फोन ही नहीं था। निहारिका पटेेल ने महिला सुरक्षा के लिए अभिभावक व समाज को दोषी बताया। कहा कि सरकार ने अंकुश लगाया है। शिक्षित महिलाएं अपने अधिकारों को जानती हैं, इसलिए उनका उत्पीड़न नहीं हो रहा। जबकि अशिक्षित महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी ही नहीं है, इससे शोषण का शिकार हो जाती हैं। मौजूद सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है। विहिप की लक्ष्मी सिंह ने कहा कि महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध में कपड़ों का पहनावा भी दोषी है। इस पर सुलक्षणा सिंह ने उन्हें घेर लिया। कहा कि बेटों के पहनावे पर अंकुश नहीं तो बेटियों पर क्यों।
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बढ़ती महंगाई पर उठाए सवाल
सुलक्षणा सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे पर फेल रही। अब चुनाव नजदीक आ गए तो सड़कें बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इसी बीच मीरा सिंह व श्वेता दुबे ने कहा कि कोरोना काल में देश की अर्थ व्यवस्था संभालना मुश्किल था। अब सरकार सड़कों पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलिंडर नि:शुल्क दे रही है। राशन भी नि:शुल्क दिया जा रहा है।
इस पर सुलक्षणा सिंह व पूजा ने कहा कि गैस के दाम भी तो देखो 600 रुपये बढ़कर 950 रुपये पहुंच गए। गरीब सिलिंडर भरवा ही नहीं पाएंगे तो आराम कैसे मिलेगा। रसोई का बजट पांच हजार से बढ़कर 10 हजार पहुंच गया। आम आदमी की महंगाई से कमर टूट गई। इस विरोध होने पर फिर बोलीं कि भाजपा में आवाज दबाने का ही प्रयास किया जाता है। वहां मौजूद आशा ने कहा कि इस सरकार में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए अच्छा काम होने से मृत्युदर में कम आई है। लेकिन आशाओं का मानदेय नहीं बढ़ा यह मलाल है। रमला राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार में ही महिलाएं सुरक्षित हैं। इससे पहले की सरकारों के नेता तो महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर कहते थे कि लड़के हैं गलती हो जाती है। पर इस सरकार में ऐसा नहीं हो रहा है।
नीलम सिंह, बिटाना चौहान, शशि सिंह, पुष्पा राठौर, हिमलेश शाक्य, इंदिरा राठौर ने योगी सरकार की तारीफ की। कहा कि महिलाओं के लिए 1090 व 112 डायल सुरक्षा कवच का काम कर रहा है। इस पर कुछ महिलाओं ने कहा कि यह सेवाएं सपा सरकार से ही शुरू की गई थीं।

अमर उजाला के चुनावी रथ सत्ता के संग्राम में लोहिया अस्पताल में महिलाओं से चर्चा कार्यक्रम में बो?- फोटो : FARRUKHABAD