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Farrukhabad News: सड़क पर पीएचसी, वेलनेस सेंटरों पर ताले
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फर्रुखाबाद/ अमृतपुर। राजेपुर ब्लाॅक क्षेत्र में गंगा व रामगंगा की बाढ़ समाप्त होने के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ सकी हैं। पीएचसी सड़क पर चल रही है, तो कई हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर अभी भी ताले पड़े हैं।
जनपद में गंगा व रामगंगा की बाढ़ से सर्वाधिक अमृतपुर तहसील क्षेत्र के करीब 100 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्र भी ठप हो गए थे। इस वर्ष करीब दो माह तक क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। इससे पीएचसी व हेल्थ वेलनेस सेंटरों में भी बाढ़ का पानी भर गया। हालात यह हैं कि अब बाढ़ समाप्त हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं।
मंगलवार को पीएचसी सबलपुर के स्वास्थ्य कर्मी सड़क किनारे बैठकर मरीज देखने के साथ दवाई वितरित करते मिले। फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री ने बताया कि पीएचसी से बाढ़ का पानी निकल गया है। कीचड़ व गंदगी सूखने के बाद सफाई कराकर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो सकेंगी।
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पीएचसी के रास्ते पर भी कीचड़ भरा है। ग्राम पंचायत बदनपुर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामने पानी व कीचड़ भरा होने से अभी बंद है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर नगला दुर्गू के कर्मचारियों की मनमानी के चलते बंद रहता है। ग्राम पंचायत कड़हर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के गेट पर ताले लटक रहे हैं। हालांकि यहां रास्ता पर पानी व कीचड़ भी सूख चुका है। इसके अलावा भी कई हेल्थ वेलनेस सेंटर भी मनमाने संचालित किए जा रहे हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ.आरिफ सिद्दीकी ने बताया कि जिन गांवों में व रास्तों पर पानी व कीचड़ भरा है, वह पीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटर नहीं खुल पा रहे हैं। धीरे-धीरे सफाई कराने के साथ सभी स्वास्थ्य केंद्र संचालित कराए जाएंगे।
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जनपद में गंगा व रामगंगा की बाढ़ से सर्वाधिक अमृतपुर तहसील क्षेत्र के करीब 100 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में बने स्वास्थ्य केंद्र भी ठप हो गए थे। इस वर्ष करीब दो माह तक क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। इससे पीएचसी व हेल्थ वेलनेस सेंटरों में भी बाढ़ का पानी भर गया। हालात यह हैं कि अब बाढ़ समाप्त हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं।
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मंगलवार को पीएचसी सबलपुर के स्वास्थ्य कर्मी सड़क किनारे बैठकर मरीज देखने के साथ दवाई वितरित करते मिले। फार्मासिस्ट प्रभाकर अग्निहोत्री ने बताया कि पीएचसी से बाढ़ का पानी निकल गया है। कीचड़ व गंदगी सूखने के बाद सफाई कराकर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो सकेंगी।
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पीएचसी के रास्ते पर भी कीचड़ भरा है। ग्राम पंचायत बदनपुर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामने पानी व कीचड़ भरा होने से अभी बंद है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर नगला दुर्गू के कर्मचारियों की मनमानी के चलते बंद रहता है। ग्राम पंचायत कड़हर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के गेट पर ताले लटक रहे हैं। हालांकि यहां रास्ता पर पानी व कीचड़ भी सूख चुका है। इसके अलावा भी कई हेल्थ वेलनेस सेंटर भी मनमाने संचालित किए जा रहे हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ.आरिफ सिद्दीकी ने बताया कि जिन गांवों में व रास्तों पर पानी व कीचड़ भरा है, वह पीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटर नहीं खुल पा रहे हैं। धीरे-धीरे सफाई कराने के साथ सभी स्वास्थ्य केंद्र संचालित कराए जाएंगे।