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पेट्रोल पंप के लिए भटक रहे कारगिल शहीद के परिजन

Sat, 13 Feb 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद Updated Sat, 13 Feb 2016 11:45 PM IST
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Petrol pumps are wandering families of Kargil martyr

फर्रुखाबाद। 16 साल पहले कारगिल में शहीद हुए मलेटरी सिंह की बेवा पेट्रोल पंप के लिए भटक रही है। शनिवार को परिजनों ने अपने आवास पर आयोजित पुण्यतिथि में कैंडल जलाकर मलेटरी सिंह को श्रद्धांजलि दी।

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शहर के सेंट्रल जेल चौराहे के पास स्थित नरायनपुर गांव के रहने वाले शहीद लांस दफेदार मलेटरी सिंह आर्मी डाग यूनिट श्रीनगर में तैनात थे। कारगिल युद्ध में आपरेशन रक्षक के दौरान डोडा जिले में दुश्मन का सामना करते हुए वह गोली लगने से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शासन ने रक्षा मंत्रालय की संस्तुति पर शहीद को सेना मेडल देकर सम्मानित किया था।
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शहीद के परिवार में उनकी पत्नी गीता देवी के अलावा सात पुत्र- पुत्रियां हैं। शहीद की पत्नी गीता देवी ने बताया कि घटना के समय बच्चे छोटे होने के कारण तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल पंकज जोशी ने बाद में पेट्रोल पंप देने की बात कही थी। पति की मृत्यु के उपरांत फौज से मिले 11.5 लाख रुपये से खेती के लिए जमीन और मकान बनवाया। उनके जेठ साधु के बेटे महेशचंद्र ने गांव का मकान और जमीन हथिया ली। इसकी शिकायत पुलिस प्रशासन से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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गीता देवी का कहना है कि बच्चों के बड़े हो जाने के बाद उन्होंने पति के रेजीमेंट सेंटर मेरठ, गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय तथा सूर्या वेलफेयर सेंटर के कमांड कार्यालय लखनऊ में संपर्क कर पेट्रोल पंप दिलाए जाने की गुहार लगाई। विगत वर्ष स्थानीय सांसद मुकेश राजपूत के साथ शहीद के परिजन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर से मिले। रक्षा मंत्री ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। रक्षा मंत्रालय की पैरवी पर 19 मई 2015 को पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने शहीद के परिजनों को आवेदन करने की सलाह दी थी, जिस पर उन्होंने पत्राचार किया था।

उन्होंने बताया कि उनके पत्र के जवाब में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पत्र भेजकर पंप के लिए निकली रिक्तियों में आवेदन करने को कहा गया। बताया कि पत्र में लिखा गया कि आरक्षण के आधार पर निजी पंप उपलब्ध करवा दिया जाएगा। परिजनाें ने प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक से भी पेट्रोल पंप दिलवाए जाने की गुहार की। इस पर राज्यपाल के अनुसचिव रामप्रसाद ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को अग्रिम कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा है।

आंखों में आंसू भरे गीता देवी कहतीं हैं कि पति तो देश के खातिर अपने प्राणों को भारत माता पर बलिदान कर गए, लेकिन उनके आश्रित अभी तक दर-दर भटक रहे हैं। बेटियों के हाथ पीले करने को उनके पास पैसे नहीं है तो वह पेट्रोल पंप के आवेदन के बाद उसमें खर्च होने वाली रकम कहां से जुटाएंगी।


उन्होंने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर गुहार लगाने का मन बना लिया है। शनिवार को उनके नरायनपुर स्थित आवास पर शहीद मलेटरी सिंह को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर बेटी पूनम, पुत्र सुशील, सुधीर और सुगीर व अन्य लोग मौजूद रहे।

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